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लड़ेंगे-मरेंगे, प्रॉपर्टी टैक्स नहीं देंगे
अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 23 Oct 2013 01:52 AM IST
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प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ शहर के लोगों ने मंगलवार को सिटिजन वेलफेयर डेवलपमेंट फोरम के झंडे तले नगर निगम दफ्तर पर धरना दिया गया। इसमें शहर की करीब पचास संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। शहर के लोगों ने अपने तेवर दिखाते हुए नारे लगाए, लड़ेंगे-मरेंगे, पर प्रॉपर्टी टैक्स नहीं देंगे।
सुबह दस बजे धरना शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही तमाम रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, पेंशनर एसोसिएशन और अन्य संस्थाओं के लोग पहुंचने लगे थे। सभी जत्थेबंदियों के लोग अपना बैनर लेकर काफिलों के रूप में पहुंचे। इसके बाद निगम के सामने की सड़क पर धरना दिया गया।
धरने में सरकार से अपील की गई कि कड़ी मेहनत से बनाए घर पर यह जजिया टैक्स न लगाया जाए। निगम अधिकारियों को दिए मांगपत्र में भी कहा गया कि मोहाली को अलग दर्जा दिया जाए। जिस तरह मोहाली को पहले हाउस टैक्स से छूट मिली थी, उसी तरह प्रॉपर्टी टैक्स से भी छूट दी जाए। फोरम के प्रधान सतवीर धनोआ ने कहा कि यह लड़ाई का आगाज है। लड़ाई प्रॉपर्टी टैक्स वापस लेने तक जारी रहेगी।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि वेे टैक्स न भरें और इस आंदोलन में शामिल हों। जल्द ही सभी संस्थाओं की साझी मीटिंग में अगले एक्शन का ऐलान किया जाएगा। धरने को गुरमेल मोजेवाल, एमडीएस सोढी, जसवंत मटौर, रघबीर संधू, पीएस विरदी, केएनएस सोढी, रिपुदमन सिंह रूप, जसपाल सिंह, जरनैल क्रांति, एचएस मंड, मोहन सिंह, सुच्चा सिंह कलौड़, कुलवंत चौधरी, कर्नल डीपी सिंह, एनएस सिद्धू, हरदेव जटाना ने संबोधित किया।
नहीं होने दिया गया सियासीकरण
लोगों की संस्थाओं ने धरने का सियासीकरण नहीं होने दिया। सिटिजन वेलफेयर डेवलपमेंट फोरम ने पहले ही साफ कर दिया था कि इसमें किसी राजनीतिज्ञ को नहीं बुलाया जाएगा। एक-दो सियासी लोग धरने में पहुंच भी गए तो उन्हें लोगों के बीच बैठाया गया। मंच से बोलने का मौका नहीं दिया गया। फोरम से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने ही धरने को संबोधित किया।
पुलिस ने किए थे कड़े इंतजाम
प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना थी। ऐसे में पुलिस ने भी कड़े इंतजाम किए थे। हालांकि धरना बिल्कुल शांतिपूर्ण रहा। पुलिस ने वरुण, फायर टेंडर तैनात किए थे। सारा इलाका पुलिस छावनी बन गया था। धरने के चारों तरफ काफी संख्या में पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए थे। जोकि धरना खत्म होने के काफी देर तक वहीं रुके रहे।
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सुबह दस बजे धरना शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही तमाम रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, पेंशनर एसोसिएशन और अन्य संस्थाओं के लोग पहुंचने लगे थे। सभी जत्थेबंदियों के लोग अपना बैनर लेकर काफिलों के रूप में पहुंचे। इसके बाद निगम के सामने की सड़क पर धरना दिया गया।
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धरने में सरकार से अपील की गई कि कड़ी मेहनत से बनाए घर पर यह जजिया टैक्स न लगाया जाए। निगम अधिकारियों को दिए मांगपत्र में भी कहा गया कि मोहाली को अलग दर्जा दिया जाए। जिस तरह मोहाली को पहले हाउस टैक्स से छूट मिली थी, उसी तरह प्रॉपर्टी टैक्स से भी छूट दी जाए। फोरम के प्रधान सतवीर धनोआ ने कहा कि यह लड़ाई का आगाज है। लड़ाई प्रॉपर्टी टैक्स वापस लेने तक जारी रहेगी।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि वेे टैक्स न भरें और इस आंदोलन में शामिल हों। जल्द ही सभी संस्थाओं की साझी मीटिंग में अगले एक्शन का ऐलान किया जाएगा। धरने को गुरमेल मोजेवाल, एमडीएस सोढी, जसवंत मटौर, रघबीर संधू, पीएस विरदी, केएनएस सोढी, रिपुदमन सिंह रूप, जसपाल सिंह, जरनैल क्रांति, एचएस मंड, मोहन सिंह, सुच्चा सिंह कलौड़, कुलवंत चौधरी, कर्नल डीपी सिंह, एनएस सिद्धू, हरदेव जटाना ने संबोधित किया।
नहीं होने दिया गया सियासीकरण
लोगों की संस्थाओं ने धरने का सियासीकरण नहीं होने दिया। सिटिजन वेलफेयर डेवलपमेंट फोरम ने पहले ही साफ कर दिया था कि इसमें किसी राजनीतिज्ञ को नहीं बुलाया जाएगा। एक-दो सियासी लोग धरने में पहुंच भी गए तो उन्हें लोगों के बीच बैठाया गया। मंच से बोलने का मौका नहीं दिया गया। फोरम से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने ही धरने को संबोधित किया।
पुलिस ने किए थे कड़े इंतजाम
प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना थी। ऐसे में पुलिस ने भी कड़े इंतजाम किए थे। हालांकि धरना बिल्कुल शांतिपूर्ण रहा। पुलिस ने वरुण, फायर टेंडर तैनात किए थे। सारा इलाका पुलिस छावनी बन गया था। धरने के चारों तरफ काफी संख्या में पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए थे। जोकि धरना खत्म होने के काफी देर तक वहीं रुके रहे।