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Mohali: हिस्सेदारों के नाम से जमीन हटाकर पंचायत के नाम करने के विरोध में जुटे किसान, मुल्लांपुर के पास रैली

Mon, 21 Nov 2022 03:10 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, मुल्लांपुर (मोहाली)
संवाद न्यूज एजेंसी, मुल्लांपुर (मोहाली) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 21 Nov 2022 03:10 PM IST
सार

किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सरकार किसानों के साथ धक्केशाही कर रही है लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएग और किसानों को उनका बनता हक दिलाकर ही दम लिया जाएगा। जब से प्रदेश में आप सरकार तब से आई है, वह किसानों के साथ धक्का कर रही है।

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Farmers of Kandi area gathered against transfer of land from names of shareholders to Panchayat
नोटिफिकेशन की कापी जलाते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

मुल्लांपुर के अंतर्गत आने वाले कंडी क्षेत्र के किसान करीब सात हजार एकड़ जमीन हिस्सेदारों के नाम से हटाकर पंचायत के नाम करने के विरुद्ध जुटे। सुबह से किसान मुल्लांपुर के स्कूल के मैदान में पहुंचने लगे थे। करीब साढ़े ग्यारह बजे रैली शुरू हुई और स्थानीय नेताओं प्रोफेसर मनजीत सिंह, सतवीर सिंह वालिया, कृपाल सिंह, गुरमीत सिंह और किसान नेताओं ने संबोधित किया। करीब बारह बजे किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल धरने पर पहुंचे। 

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उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ धक्केशाही कर रही है लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएग और किसानों को उनका बनता हक दिलाकर ही दम लिया जाएगा। जब से प्रदेश में आप सरकार तब से आई है, वह किसानों के साथ धक्का कर रही है। रैली को संबोधित करते हुए राजेवाल ने कहा कि यही हाल रहा तो 2024 में मान सरकार गिर जाएगी। अगर प्रदेश सरकार ने जमीन को लेकर किए फैसले में बदलाव न किया तो 30 दिसंबर से चंडीगढ़ के चारों ओर दिल्ली में लगाए धरने की तरह टेंट लगाकर पक्के धरने लगाए जाएंगे। इसके बाद उन्होंने पंचायती जमीन को लेकर विशेष सत्र बुलाकर जो संशोधन किया गया है, उसकी अधिसूचना को खारिज करते हुए जला दिया।
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सरकार उनकी जमीन हड़पना चाहती है। सरकार को पहले कई बार मांगपत्र दे चुके है लेकिन सरकार ने अब तक कोई सुनवाई नहीं की है। सरकार का जमीन खाली कराने का फैसला ठीक है लेकिन सरकार भूमाफिया के बजाय छोटे किसानों को परेशान कर रही है।
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यह है मामला
एक जून को फाइनेंशियल कमिश्नर रेवेन्यू पंजाब की तरफ से एक आदेश पारित कर पांच माजरियों (गांव जयंती माजरी, गुड़ा, कसौली, भघिण्डी, करोंदेवाल) की 3603 एकड़, 3 कनाल, 13 मरले जमीन को हिस्सेदारों से हटाकर ग्राम पंचायत के नाम कर दिया था। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने इस आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था। अब तक सरकार ने ग्रामीणों की मांग नहीं मानी है। इसी प्रकार गांव बड़ी नग्गल में 31 जुलाई को पंजाब सरकार ने 2888 एकड़ जमीन से कब्जा छुड़ाने का दावा किया था। इसके लिए बकायदा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एवं पंचायती राज मंत्री कुलदीप सिंह धारीवाल ने मौके पर पहुंचकर प्रेस वार्ता भी की थी लेकिन ग्रामीण सरकार के इस फैसले के खिलाफ थे।

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