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Mohali News: सेक्टर-67 के एन-चो की बदलेगी सूरत, बनेगी लेजर वैली
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मोहाली। गमाडा ने सेक्टर-67 के एन-चो क्षेत्र को लेजर वैली के रूप में विकसित करने के लिए करीब 79 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। यह परियोजना करीब एक दशक से लंबित थी और निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी। सिविल कार्य पूरा होने के बाद अब हॉर्टिकल्चर का काम शुरू होगा, जिससे यह क्षेत्र हरा-भरा और व्यवस्थित बनेगा। इस विकास कार्य के साथ तीन साल तक रखरखाव भी किया जाएगा। लेजर वैली विकसित होने के बाद एन-चो के आसपास का क्षेत्र न सिर्फ हरा-भरा होगा, बल्कि सेक्टर-67 के निवासियों को बेहतर और व्यवस्थित खुला स्थान भी मिल सकेगा। लंबे समय से क्षेत्र के लोग एन-चो के आसपास हरियाली विकसित करने और इलाके की सूरत सुधारने की मांग कर रहे थे।
बारिश के दिनों में एन-चो की स्थिति और आसपास की अव्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती थी। सेक्टर-67 के निवासी करीब एक दशक से इस बदलाव का इंतजार कर रहे थे। वे 2015 से एन-चो के खाली और अव्यवस्थित हिस्से को विकसित करने की मांग कर रहे थे। बारिश के दिनों में इस क्षेत्र की खराब स्थिति लोगों के लिए समस्या बनती थी। अब लेजर वैली के रूप में उन्हें एक व्यवस्थित खुला स्थान मिलेगा। यह परियोजना उनकी पुरानी मांग को पूरा करेगी। गमाडा ने लेजर वैली विकसित करने के लिए करीब 79 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। इस परियोजना में हरियाली और लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी। सिविल कार्य पूरा होने के बाद अब हॉर्टिकल्चर का काम शुरू होगा। टेंडर में तीन साल के रखरखाव का प्रावधान भी शामिल है। इससे विकसित क्षेत्र की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी। संवाद
घास की समस्या का स्थायी समाधान
आरडब्ल्यूए प्रधान एनएस कलसी ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि लेजर वैली के साथ एन-चो में उगने वाली घास की समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। कलसी के अनुसार, नगर निगम हर साल लाखों रुपये खर्च कर घास की कटाई कराता है। हालांकि, कुछ समय बाद घास फिर से उग आती है। उन्होंने जोर दिया कि स्थायी इलाज से लेजर वैली की खूबसूरती और रखरखाव दोनों को फायदा होगा। यह निवासियों के लिए और अधिक लाभकारी होगा।
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सेक्टर-67 की ओर एन-चो में हॉर्टिकल्चर विकास कार्य के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसकी अनुमानित लागत करीब 79 लाख रुपये है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसी महीने काम शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। - हरप्रीत सिंह, डिविजनल इंजीनियर गमाडा
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बारिश के दिनों में एन-चो की स्थिति और आसपास की अव्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती थी। सेक्टर-67 के निवासी करीब एक दशक से इस बदलाव का इंतजार कर रहे थे। वे 2015 से एन-चो के खाली और अव्यवस्थित हिस्से को विकसित करने की मांग कर रहे थे। बारिश के दिनों में इस क्षेत्र की खराब स्थिति लोगों के लिए समस्या बनती थी। अब लेजर वैली के रूप में उन्हें एक व्यवस्थित खुला स्थान मिलेगा। यह परियोजना उनकी पुरानी मांग को पूरा करेगी। गमाडा ने लेजर वैली विकसित करने के लिए करीब 79 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। इस परियोजना में हरियाली और लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी। सिविल कार्य पूरा होने के बाद अब हॉर्टिकल्चर का काम शुरू होगा। टेंडर में तीन साल के रखरखाव का प्रावधान भी शामिल है। इससे विकसित क्षेत्र की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी। संवाद
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घास की समस्या का स्थायी समाधान
आरडब्ल्यूए प्रधान एनएस कलसी ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि लेजर वैली के साथ एन-चो में उगने वाली घास की समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। कलसी के अनुसार, नगर निगम हर साल लाखों रुपये खर्च कर घास की कटाई कराता है। हालांकि, कुछ समय बाद घास फिर से उग आती है। उन्होंने जोर दिया कि स्थायी इलाज से लेजर वैली की खूबसूरती और रखरखाव दोनों को फायदा होगा। यह निवासियों के लिए और अधिक लाभकारी होगा।
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सेक्टर-67 की ओर एन-चो में हॉर्टिकल्चर विकास कार्य के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसकी अनुमानित लागत करीब 79 लाख रुपये है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसी महीने काम शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। - हरप्रीत सिंह, डिविजनल इंजीनियर गमाडा