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Mohali News: शुल्क बकाया तो भी अस्पताल मृतक का शव सौंपने से नहीं कर सकता इनकार- डॉ. शंटी

Thu, 29 Jan 2026 02:13 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 02:13 AM IST
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Even if the fees are pending, the hospital cannot refuse to hand over the body of the deceased - Dr. Shanti
जीरकपुर। पंजाब मानवाधिकार आयोग ने हर जिले में मानवाधिकार उल्लंघनों की निगरानी के लिए 15 सदस्यों का कोर ग्रुप बनाने का एलान किया है। यह समूह जिला स्तर पर छोटी-छोटी शिकायतों के निपटान में प्रशासन और आयोग की सहायता करेगा। इस योजना का उद्घाटन आयोग के सदस्य और पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त डॉ. जितेंद्र सिंह शंटी ने जीरकपुर में किया। डॉ. शंटी ने जैक रेजिडेंटस वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित जागरूकता सेमिनार में बताया कि कोर ग्रुप के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 4 फरवरी है। आवेदन फॉर्म और योग्यता संबंधी विवरण आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराने के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया। इससे सीधे आयोग को शिकायत भेजी जा सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में मानवाधिकारों की स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी अस्पताल द्वारा उपचार शुल्क बकाया होने के कारण मृतक का शव परिवार को सौंपने से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अस्पतालों को निर्देश दिए कि मरीजों के लिए उपचार दरें स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएं और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का उचित इलाज सुनिश्चित किया जाए। अब तक मानवाधिकार उल्लंघनों पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन आयोग के गठन से जवाबदेही मजबूत हुई है।
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शिकायतों को अनदेखा करना मानवाधिकार का उल्लंघन
स्थानीय स्तर पर शिकायतों को अनदेखा करना या सोसाइटी द्वारा किए वादों को पूरा न करना भी मानवाधिकार का उल्लंघन माना जाएगा। डॉ. शंटी ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन्हें शिकायतों का समय पर निपटान करने और नागरिकों के मानवाधिकार सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति करने का भी आग्रह किया।
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