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अध्यादेश के खिलाफ आठ कम्युनिस्ट पार्टियों का भारी बारिश में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन

Sat, 29 Aug 2020 02:27 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2020 02:27 AM IST
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Eight Communist parties protesting against the ordinance in heavy rain
मोहाली। शुक्रवार को भारी बारिश के बीच आठ विभिन्न कम्युनिस्ट पार्टियों की ओर से अध्यादेश के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर फेज-8 के दशहरा ग्राउंड में पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया।
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इस दौरान पार्टियों के सदस्यों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए फेज-8 के ग्राउंड से चंडीगढ़ की ओर कूच किया। लेकिन पंजाब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को यादविंदर चौक के नजदीक की रोक लिया, इसके बावजूद पार्टियों के सदस्य बारिश के बीच ही चंडीगढ़ बार्डर तक पहुंचे। वहीं, पंजाब पुलिस के सैकड़ों पुलिसकर्मी भारी बारिश के बीच ही तैनात रहे।
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इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार से मांग में कहा कि राज्य में कोरोना महामारी के चलते धारा-144 लगाई गई है, उसे हटाया जाए। सीपीआई के बंत सिंह बराड़, मंगत राम पासला, गुरमीत सिंह अजमेर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार की नीतियां पंजाब के लोगों के खिलाफ बनाई गई हैं। जहां कोरोना काल में लाखों लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं, वहीं सरकार की कोरोना को लेकर बनाई गई सभी योजनाएं अब तक असफल रही हैं। उन्होंने कहा संविधान ने हमें आवाज बुलंद करने का अधिकार दिया है। लेकिन महामारी का बहाना बनाकर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
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आर्थिक तंगी के कारण छोटे उद्योग हुए तबाह
बंत सिंह ने कहा कि कोरोना के कारण आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई और आर्थिक तंगी के कारण छोटे उद्योग तबाह हो गए हैं। इसलिए विधानसभा में आर्थिक स्थिति मजबूत की जाए और विधान सभा सत्र में इस पर चर्चा की जाए। नेताओं ने मांग की है कि केंद्र की ओर से पास किए गए किसान विरोधी बिल वापिस लिए जाएं। एक प्रतिनिधि मंडल को किसान विरोधी अध्यादेश के खिलाफ प्रधानमंत्री से मिलने ले जाया जाए, ताकि हमारी आवाज केंद्र तक पहुंच सके।
लॉकडाउन से बिगड़ी परिस्थितियां ठीक की जाएं
लॉकडाउन से बिगड़ी परिस्थितियों के कारण छोटे करोबारियों को 10 हजार रुपए तक की मदद की जाए। इसके अलावा प्रवासी मजदूर जिन्हें लॉकडाउन में अपने घर जाना पड़ा था वे अब लौटने लगें हैं उन्हें पर्याप्त रोजगार दिए जाएं। प्रदेश से दो दिन का लॉकडाउन भी हटाया जाए जिसका सीधा असर रोजाना कमाने वाले गरीब मजदूरों पर पड़ता है।

इस प्रदर्शन में पंजाब की आठ बड़ी कम्युनिस्ट पार्टियों के कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें बंत सिंह बराड़ सीपीआई, मंगत राम पासला (आरसीपीआई-एमएल) गुरमीत सिंह (सीपीआई-एमएल) अजमेर सिंह (सीपीआई-एमएल) न्यू डेमोक्रेटिक कुलजीत खन्ना (इंकलाब केंद्र-पंजाब) (एससीपीआईयू) तारा सिंह (लोक सरगर्म पंजाब) नरिंदर निंदी (इंकलाब मोर्चा) नेताओं ने कहा कि अगर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष ओर तेज किया जाएगा।
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