फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   ED raid underway at TDI City office; mattresses delivered overnight

Mohali News: टीडीआई सिटी कार्यालय में ईडी की रेड जारी, रात को पहुंचाए गए गद्दे

Wed, 30 Sep 2026 02:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 02:31 AM IST
विज्ञापन
ED raid underway at TDI City office; mattresses delivered overnight
मोहाली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने सेक्टर-119 के टीडीआई सिटी के कार्यालय में 26 घंटे से तलाशी चल रही है। सोमवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई खबर लिखे जाने तक जारी थी। देर रात ईडी के अधिकारियों के लिए खाना और उनके सोने की व्यवस्था के लिए गद्दे पहुंचाए गए। कार्रवाई के दौरान ईडी अधिकारियों ने कार्यालय में मौजूद लोगों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और विभिन्न रिकॉर्ड व दस्तावेजों की जांच की। हालांकि, ईडी की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ईडी की टीम तीन वाहनों में टीडीआई सिटी कार्यालय पहुंची।
विज्ञापन

टीम के कार्यालय में प्रवेश करने के बाद वहां मौजूद लोगों के मोबाइल फोन ले लिए गए। शुरुआती दौर में कार्यालय में मौजूद लोगों को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने कार्यालय के अलग-अलग हिस्सों में रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच की। इस दौरान कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई। सूत्रों के मुताबिक, ईडी की कार्रवाई का संबंध पीआर-6 सड़क के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में कथित करीब छह करोड़ रुपये की अनियमितता से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि मास्टर प्लान के तहत आने वाली जमीन के लिए सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) मंजूर होने के बाद कंपनी की ओर से जमीन कुछ रिश्तेदारों के नाम पर पंजीकृत करवाई गई, ताकि अधिक मुआवजा हासिल किया जा सके। बाद में कंपनी की ओर से जीएमएडीए के समक्ष इन रजिस्ट्रियों को रद्द करने के लिए आवेदन किए जाने की बात भी सामने आई है।
विज्ञापन

टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच
ईडी की यह कार्रवाई टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के बीच हुई है। ईडी सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने वर्ष 2005 से 2014 के बीच सोनीपत में 23 आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं शुरू की थीं। इन परियोजनाओं के लिए 14 हजार से अधिक खरीदारों से 4,619 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र किए जाने का दावा है। इनमें से कई परियोजनाएं अब भी अधूरी हैं और कुछ परियोजनाओं में 16 से 18 वर्ष तक की देरी होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी के प्रमोटरों ने परियोजनाओं को पूरा करने के बजाय खरीदारों से प्राप्त राशि को अपनी सहायक कंपनियों और जमीन मालिक संस्थाओं की ओर अग्रिम भुगतान के रूप में स्थानांतरित किया। ईडी इसी मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed