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सिविल अस्पताल की सिविल सर्जन ने औचक जांच की
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मोहाली। फेज-छह स्थित जिला सिविल अस्पताल में मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने औचक जांच की। साथ ही वहां पर मरीजों को मुहैया करवाई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान वह इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम, मेडिसन स्टोर, जच्चा बच्चा वार्ड, ऑप्रेशन थिएटर और लैब में पहुंचीं। डॉक्टरों के साजो सामान को भी उन्होंने परखा। अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके तीमारदारों से बातचीत की। उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं पर संतुष्टि जताई। साथ ही स्टाफ को हिदायत दी है कि मरीजों को बाहर की दवाई न लिखी जाएं, अस्पताल की फार्मेसी से दवाई मुहैया करवाई जाएं।
जानकारी के मुताबिक सिविल सर्जन सुबह करीब नौ बजे ही अस्पताल में पहुंच गई थी। इस दौरान वह विभिन्न वार्डों में भी गई। स्टाफ के हाजिरी रजिस्टर तक चेक किए। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों और मुलाजिमों को हिदायत दी कि मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने साफ किया है कि अगर सेहत सुविधाएं मुहैया करवाने में कोताही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में सरकार द्वारा तय दवाईयों का स्टाक पूरा होना चाहिए। जो दवाईयां कम है, उनके बारे में तुरंत मुख्य दफ्तर को सूचित किया जाए। साथ ही अस्पताल में सफाई की कमी नहीं होनी चाहिए। याद रहे कि कुछ दिन पहले पंजाब के नव नियुक्त सेहत मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने देर रात ग्यारह बजे औचक जांच की थी। हालांकि उस समय भी अस्पताल में कोई खामी नहीं मिली थी।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं लागू करेें
सिविल सर्जन ने स्टाफ को हिदायत दी है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को असरदार तरीके से लागू किया जाए। ताकि आम लोगों को इनका पूरा लाभ मिल पाए। इस जांच का उद्देश्य अस्पताल के प्रबंधों को बेहतर बनाना है। इसके लिए डॉक्टरों के सहयोग की जरूरत है। इस मौके पर सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. विजय भगत, डॉ. एचएच चीमा, डॉ. परमिंदर सिंह और अन्य मौजूद थे।
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जानकारी के मुताबिक सिविल सर्जन सुबह करीब नौ बजे ही अस्पताल में पहुंच गई थी। इस दौरान वह विभिन्न वार्डों में भी गई। स्टाफ के हाजिरी रजिस्टर तक चेक किए। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों और मुलाजिमों को हिदायत दी कि मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने साफ किया है कि अगर सेहत सुविधाएं मुहैया करवाने में कोताही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में सरकार द्वारा तय दवाईयों का स्टाक पूरा होना चाहिए। जो दवाईयां कम है, उनके बारे में तुरंत मुख्य दफ्तर को सूचित किया जाए। साथ ही अस्पताल में सफाई की कमी नहीं होनी चाहिए। याद रहे कि कुछ दिन पहले पंजाब के नव नियुक्त सेहत मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने देर रात ग्यारह बजे औचक जांच की थी। हालांकि उस समय भी अस्पताल में कोई खामी नहीं मिली थी।
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केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं लागू करेें
सिविल सर्जन ने स्टाफ को हिदायत दी है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को असरदार तरीके से लागू किया जाए। ताकि आम लोगों को इनका पूरा लाभ मिल पाए। इस जांच का उद्देश्य अस्पताल के प्रबंधों को बेहतर बनाना है। इसके लिए डॉक्टरों के सहयोग की जरूरत है। इस मौके पर सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. विजय भगत, डॉ. एचएच चीमा, डॉ. परमिंदर सिंह और अन्य मौजूद थे।
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