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25 साल पहले तलाक की अर्जी, लोक अदालत ने फिर मिलाए
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मोहाली। जिले में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में सालों पुराने केसों में लोगों को चंद मिनटों में इंसाफ मिला। इस दौरान 1272 केसों का निपटारा किया गया। वहीं, पच्चीस साल से एक दूसरे से अलग रहे पति-पत्नी दोबारा एक साथ जिंदगी जीने तैयार को तैयार हैं। इसके अलावा दो अन्य दंपतियों का भी लोक अदालत ने दोबारा घर बसा दिया। इस दौरान कुल 40,31,55,946 रुपये के अवार्ड पास किए गए। इस मौके पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एवं राज्य कानूूनी सेवाएं अथारिटी के चेयरमैन अजय तिवाड़ी ने लोक अदालत का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोक अदालतों का लाभ उठाएं, क्योंकि इससे लोगों को जल्दी इंसाफ मिलता है।
जानकारी के मुताबिक मोहाली जिला अदालत, खरड़ और डेराबस्सी अदालत में भी लोक अदालतें आयोजित की गईं। इस मौके अतिरिक्त जिला व सेशन जज शिखा गोयल की अदालत में तीनों परिवारों को फिर से जोड़ दिया। इस मौके सबसे अनोखा मामलानिर्मला देवी का था, जिन्होंने अपने पति राजेश कुमार के खिलाफ हिंदू मैरिज एक्ट की धारा-13 के तहत तलाक की अर्जी फाइल की थी। दोनों पति-पत्नी मई 1995 से अलग रह रहे थे। लोक अदालत ने दोनों पक्षों को सुना, जो दोनों तरफ की खामियां थीं, उसे दूर करने पर बात बनी। आखिर में दोनों एक साथ रहने को तैयार हो गए। इस दौरान अदालत में भी खुशी का माहौल था। इसी तरह के दो अन्य केस थे।
इस मौके बताया गया कि लोक अदालत की सबसे बड़ी बात है कि इस दौरान जो फैसला सुनाया जाता है, उसके बाद कहीं अपील नहीं हो सकती है। सारी कानूनी फीस वापस कर दी जाती है। वहीं, इस दौरान कई सालों पुुराने मामले हल हो गए। इस मौके अदालत में कोविड नियमों का पालन किया गया। लोक अदालत में जो लोग बिना मास्क से आए थे, उन्हें एंट्री गेट पर मास्क दिए गए। साथ ही सामाजिक दूरी का पाठ पढ़ाया गया।
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जानकारी के मुताबिक मोहाली जिला अदालत, खरड़ और डेराबस्सी अदालत में भी लोक अदालतें आयोजित की गईं। इस मौके अतिरिक्त जिला व सेशन जज शिखा गोयल की अदालत में तीनों परिवारों को फिर से जोड़ दिया। इस मौके सबसे अनोखा मामलानिर्मला देवी का था, जिन्होंने अपने पति राजेश कुमार के खिलाफ हिंदू मैरिज एक्ट की धारा-13 के तहत तलाक की अर्जी फाइल की थी। दोनों पति-पत्नी मई 1995 से अलग रह रहे थे। लोक अदालत ने दोनों पक्षों को सुना, जो दोनों तरफ की खामियां थीं, उसे दूर करने पर बात बनी। आखिर में दोनों एक साथ रहने को तैयार हो गए। इस दौरान अदालत में भी खुशी का माहौल था। इसी तरह के दो अन्य केस थे।
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इस मौके बताया गया कि लोक अदालत की सबसे बड़ी बात है कि इस दौरान जो फैसला सुनाया जाता है, उसके बाद कहीं अपील नहीं हो सकती है। सारी कानूनी फीस वापस कर दी जाती है। वहीं, इस दौरान कई सालों पुुराने मामले हल हो गए। इस मौके अदालत में कोविड नियमों का पालन किया गया। लोक अदालत में जो लोग बिना मास्क से आए थे, उन्हें एंट्री गेट पर मास्क दिए गए। साथ ही सामाजिक दूरी का पाठ पढ़ाया गया।
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