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डेराबस्सी पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर केस किया हल
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डेराबस्सी। बरवाला रोड पर स्थित सैनी श्मशानघाट में एक साधु के ब्लाइंड मर्डर को पुलिस ने 5वें दिन सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में शमशानघाट में लगे ट्यूबवेल पर तैनात आपरेटर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर यह हत्या की है। हत्या के आरोपियों ने बताया कि वह ट्यूबवेल के पास बैठे शराब पी रहे थे। इसी दौरान वहां रहने वाला साधु भांग के नशे में उनको गालियां निकाल रहा था। उसको उन्होंने मना किया, लेकिन वह नहीं माना। जिससे तंग आकर उन्होंने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि पहले आरोपी कई दिन उनको गुमराह करते रहे। लेकिन बाद में पुलिस ने आरोपियों से सच उगलवा ही लिया है। आरोपी ट्यूबवेल आपरेटर की पहचान 41 साल के विकास उर्फ सोनू और उसके साथी ललित उर्फ साहिल के रुप में हुई है।
थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि गत 17 मार्च को उक्त शमशानघाट में रहने वाले साधु रामानंद गिरी की लाश मंदिर के पीछे मिली थी। उसके सिर से खून बह रहा था। पुलिस को मौके से एक खून से लथपथ ईंट और टूटी हुई कस्सी मिली थी। उन्होंने कहा कि मृतक पिछले 7 साल से श्मशानघाट में बने मंदिर के साथ वाले कमरे में रह रहा था। पुलिस को पहले दिन से ही शक था कि यह हत्या इस शमशानघाट में बने पार्क में बैठने वाले नशेड़ियों ने ही की है।
इस मामले में पुलिस ने पहले यहां बैठकर नशा करने वालों का पता लगाया। इसके बाद पुलिस को यहां लगे म्यूनिसिपल ट्यूबवेल आपरेटर विकास उर्फ सोनू पर हुआ। उससे पूछताछ की तो उसने पुलिस को बताया कि साधु के पास एक अज्ञात सरदार जो परना बांधता है वह बैठा था। जबकि वह वारदात की रात 10 बजे चले गए थे। अब पूरी जांच अज्ञात सरदार पर टिकी थी जो वारदात की रात को मृतक साधु के साथ बैठा था। अज्ञात सरदार को ढ़ूढंने के लिए उन्होंने एएसआई मेवा सिंह, एएसआई हरकेश सिंह व हवलदार पाल मोहिंद्र की टीम बनाई। जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद पता लगाया कि वारदात के दिन मृतक के साथ कोई भी अज्ञात सरदार नहीं था। श्मशानघाट के बाहर पेंचर की दुकान करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उस दिन श्मशानघाट के अंदर ट्यूबवेल आपरेटर और उसका साथी थे। इस परपुलिस आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो वह मान गए कि यह कत्ल उसने अपने साथी 22 साल के ललित उर्फ साहिल के साथ मिलकर किया है। आरोपियों ने बताया कि वह ट्यूबवेल के पास बैठकर शराब पी रहे थे। साधु नशे में हमेशा हमें गालियां निकालता था। उस दिन भी वह गालियां निकालने से बाज नहीं आ रहा था। इसके बाद उन्होंने शराब के नशे में गुस्से में उसका ईंट मार कर और कस्सी के साथ कत्ल कर दिया। इसके बाद वह मौहल्ले में हो रहे जागरण में जाकर बैठ गए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को कल अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
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थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि गत 17 मार्च को उक्त शमशानघाट में रहने वाले साधु रामानंद गिरी की लाश मंदिर के पीछे मिली थी। उसके सिर से खून बह रहा था। पुलिस को मौके से एक खून से लथपथ ईंट और टूटी हुई कस्सी मिली थी। उन्होंने कहा कि मृतक पिछले 7 साल से श्मशानघाट में बने मंदिर के साथ वाले कमरे में रह रहा था। पुलिस को पहले दिन से ही शक था कि यह हत्या इस शमशानघाट में बने पार्क में बैठने वाले नशेड़ियों ने ही की है।
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इस मामले में पुलिस ने पहले यहां बैठकर नशा करने वालों का पता लगाया। इसके बाद पुलिस को यहां लगे म्यूनिसिपल ट्यूबवेल आपरेटर विकास उर्फ सोनू पर हुआ। उससे पूछताछ की तो उसने पुलिस को बताया कि साधु के पास एक अज्ञात सरदार जो परना बांधता है वह बैठा था। जबकि वह वारदात की रात 10 बजे चले गए थे। अब पूरी जांच अज्ञात सरदार पर टिकी थी जो वारदात की रात को मृतक साधु के साथ बैठा था। अज्ञात सरदार को ढ़ूढंने के लिए उन्होंने एएसआई मेवा सिंह, एएसआई हरकेश सिंह व हवलदार पाल मोहिंद्र की टीम बनाई। जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद पता लगाया कि वारदात के दिन मृतक के साथ कोई भी अज्ञात सरदार नहीं था। श्मशानघाट के बाहर पेंचर की दुकान करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उस दिन श्मशानघाट के अंदर ट्यूबवेल आपरेटर और उसका साथी थे। इस परपुलिस आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो वह मान गए कि यह कत्ल उसने अपने साथी 22 साल के ललित उर्फ साहिल के साथ मिलकर किया है। आरोपियों ने बताया कि वह ट्यूबवेल के पास बैठकर शराब पी रहे थे। साधु नशे में हमेशा हमें गालियां निकालता था। उस दिन भी वह गालियां निकालने से बाज नहीं आ रहा था। इसके बाद उन्होंने शराब के नशे में गुस्से में उसका ईंट मार कर और कस्सी के साथ कत्ल कर दिया। इसके बाद वह मौहल्ले में हो रहे जागरण में जाकर बैठ गए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को कल अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
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