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जीबीपी बिल्डर्स के खिलाफ एसआईटी बनाने की मांग, कोर्ट में चल रहे 648 केस
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जीरकपुर। रियल एस्टेट कंपनी गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर प्राइवेट लिमिटेड (जीबीपी) के मालिक इन्वेस्टरों का पैसा लेकर विदेश भाग गए थे। इस कंपनी में पैसा लगाने वाले इन्वेस्टरों ने एसोसिएशन बनाकर डीसी मोहाली और एसएसपी मोहाली से मुलाकात कर उन्हें एक मांगपत्र सौंपकर जीबीपी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक एसआईटी बनाने की मांग की है।
इन इन्वेस्टरों की ओर से जीबीपी के खिलाफ रियल्टी एंड इन्फ्रा वेलफेयर एसोसिएशन (रीवा) नामक एसोसिएशन बनाई है। इसके प्रधान डॉ. अभिमन्यु शर्मा ने एसोसिएशन के सदस्यों के साथ सोमवार को डीसी और एसएसपी मोहाली से मुलाकात की है। इस मौके पर एसोसिएशन ने एसएसपी से भगौड़े जीबीपी के मालिकों को पकड़ने के लिए जल्द एसआईटी बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जीबीपी के मालिक करीब 4500 निवेशकों के जीवन भर की कमाई लूटकर विदेश भाग गए हैं। उन्हें भारत लाने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाए। इस पर एसएसपी मोहाली विवेक शील सोनी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस मामले में जल्द एसआईटी का गठन करके भगौड़ों को पकड़ने के लिए बनती कार्रवाई की जाएगी।
रीवा एसोसिएशन के प्रधान अभिमन्यु शर्मा ने बताया कि उनके साथ 1300 निवेशक जुड़े हुए हैं, जिनके साथ जीबीपी ग्रुप के डायरेक्टर सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, रमन गुप्ता ने 1500 करोड़ का धोखा किया है। 670 निवेशकों ने जीबीपी के खिलाफ कोर्ट केस करने के लिए उनकी एसोसिएशन के पास दस्तावेज जमा करवाए हैं।
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4500 से अधिक निवेशकों के फंसे करीब 1500 करोड़ रुपये
रीवा एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि जीबीपी बिल्डर्स के खिलाफ हिमाचल, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में 648 कोर्ट केस चल रहे हैं। इनमें 576 केस क्रिमिनल, 70 केस सिविल कोर्ट और दो केस हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों की फर्म के मोहाली में कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर के 4500 से अधिक निवेशकों के करीब 1500 करोड़ रुपये इन प्रोजेक्टों पर लगे हुए हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के सदस्यों में सेवानिवृत्त भारतीय विदेशी सेवा अधिकारी सुनीता, रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी राजीव कौल, कुशवंत कश्यप, जितेंदर धीमान, अजीत शेखावत, गुरचरण ढींगरा, राजीव भाटिया और अन्य सदस्य मौजूद थे।
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इन इन्वेस्टरों की ओर से जीबीपी के खिलाफ रियल्टी एंड इन्फ्रा वेलफेयर एसोसिएशन (रीवा) नामक एसोसिएशन बनाई है। इसके प्रधान डॉ. अभिमन्यु शर्मा ने एसोसिएशन के सदस्यों के साथ सोमवार को डीसी और एसएसपी मोहाली से मुलाकात की है। इस मौके पर एसोसिएशन ने एसएसपी से भगौड़े जीबीपी के मालिकों को पकड़ने के लिए जल्द एसआईटी बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जीबीपी के मालिक करीब 4500 निवेशकों के जीवन भर की कमाई लूटकर विदेश भाग गए हैं। उन्हें भारत लाने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाए। इस पर एसएसपी मोहाली विवेक शील सोनी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस मामले में जल्द एसआईटी का गठन करके भगौड़ों को पकड़ने के लिए बनती कार्रवाई की जाएगी।
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रीवा एसोसिएशन के प्रधान अभिमन्यु शर्मा ने बताया कि उनके साथ 1300 निवेशक जुड़े हुए हैं, जिनके साथ जीबीपी ग्रुप के डायरेक्टर सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, रमन गुप्ता ने 1500 करोड़ का धोखा किया है। 670 निवेशकों ने जीबीपी के खिलाफ कोर्ट केस करने के लिए उनकी एसोसिएशन के पास दस्तावेज जमा करवाए हैं।
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4500 से अधिक निवेशकों के फंसे करीब 1500 करोड़ रुपये
रीवा एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि जीबीपी बिल्डर्स के खिलाफ हिमाचल, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में 648 कोर्ट केस चल रहे हैं। इनमें 576 केस क्रिमिनल, 70 केस सिविल कोर्ट और दो केस हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों की फर्म के मोहाली में कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर के 4500 से अधिक निवेशकों के करीब 1500 करोड़ रुपये इन प्रोजेक्टों पर लगे हुए हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के सदस्यों में सेवानिवृत्त भारतीय विदेशी सेवा अधिकारी सुनीता, रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी राजीव कौल, कुशवंत कश्यप, जितेंदर धीमान, अजीत शेखावत, गुरचरण ढींगरा, राजीव भाटिया और अन्य सदस्य मौजूद थे।