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पूरब अपार्टमेंट विवादों में, पहले अलॉटी ने लगाए गंभीर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Sun, 03 Jul 2016 09:16 PM IST
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इमारत
- फोटो : अमर उजाला
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गमाडा का हाउसिंग प्रोजेक्ट पूरब अपार्टमेंट विवादों में आ गया है। इसके पहले अलॉटी ने प्रेस कांफ्रेंस करके गंभीर आरोप लगाए। जनाब! यह ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) का हाउसिंग प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि मॉडर्नाइज चाल लगता है। अलाटियों ने मीडिया के समक्ष गमाडा पर गंभीर आरोप लगाए और पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट को चाल जैसा बताया। गमाडा के इस हाऊसिंग प्रोजेक्ट पर सवाल उठाने वालों में एक महिला एनआरआई समेत अन्य कई अलाटी फेज-चार स्थित मोहाली प्रेस क्लब पहुंचे और यहां पत्रकारों के सामने पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट के निर्माण और उसमें उपयोग किए गए मैटीरियल और डिजाइन पर सवाल उठाए।
अलाटियों ने बताया कि आधे-अधूरे निर्माण के साथ पजेशन लैटर जारी किए जा रहे हैं, जबकि कई अलाटी पूरी पेमेंट कर चुके हैं। एनआरआई कंचन चौहान के मुताबिक वह आस्ट्रेलिया में रह रही हैं। वह पूरब अपार्टमेंट की पहली अलाटी हैं, लेकिन बड़े अफसोस की बात यह है कि गमाडा ने जो नक्शा और जैसा अपार्टमेंट बनाकर देने के लिए कहा था। वह वैसा बिलकुल भी नहीं है।
उन्होंने बताया कि गमाडा ने पहला अलाटी होने के कारण उन्हें पजेशन लेटर लेने के लिए इंडिया बुलाया था। पजेशन लैटर लेने के लिए वह 1400 डालर खर्च करके आईं हैं और इतनी ही राशि आस्ट्रेलिया जाने में लगेगी।
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कंचन चौहान के मुताबिक 2800 डालर सिर्फ उनके आने जाने में खर्च होगा और अन्य खर्च अलग, लेकिन जब उन्हें पजेशन लैटर मिला और वह साइट पर पहुंची तो यहां सिक्टोरिटी सिस्टम का बुरा हाल था। यहां अभी तक बिजली-पानी तक मुहैया नहीं करवाया गया है। खिड़कियों में पांच एमएम का शीशा लगाया गया है, जबकि भीतर से इसमें ग्रील होनी चाहिए थी, वह नहीं है।
घर के दरवाजे बाहर की तरह खुलते हैं, थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर बाहर से आने वाला व्यक्ति दरवाजा खुलते ही चोटिल हो सकता है। एनआरआई महिला ने बताया कि वह गमाडा को फ्लैट की फुल पेमेंट 75 लाख रुपये का भुगतान कर चुकीं हैं, लेकिन तय समय से सवा साल अधिक बीत जाने के बावजूद अभी तक फ्लैट का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। इस मौके पर कंचन चौहान के अलावा एमएस नट, कंवलजीत सिंह मल्होत्रा व सुरेंद्र मोहन के अलावा अन्य कई अलाटी मौजूद रहे।
22 जून को अमर उजाला प्रमुखता से उठाया था मामला
22 जून 2015 को अमर उजाला ने पूरब प्रीमियम अथारिटी का मामला प्रमुखता से उठाया था। तब भी इस अपार्टमेंट की खामियां उजागर की गई थी। इस समाचार में अंडर ग्राउंड वाटर टैंक की स्थिति और टैंक में लीकेज का मामला उजागर किया गया था।
अदालत जाएंगे अलाटी
अलाटियों का कहना है कि उनके साथ धोखा हुआ है। उनके मुताबिक प्रोजेक्ट का जो नक्शा उन्हें दिखाया गया था, उसमें भी फेरबदल है। वहीं घटिया सामग्री का प्रयोग बड़ा मुद्दा है। अलाटियों कहा कि वे इस मामले में कानूनी सलाह ले रहे हैं, जिसके बाद वह इस मामले में गमाडा के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे, लेकिन कानूनी लड़ाई लडने से पहले वह पूरी रणनीति बना रहे हैं।
ये हैं प्रमुख दिक्कतें
1-अपार्टमेंट में अबतक बिजली नहीं है
2-पानी के बिना पजेशन लेकर क्या करेंगे ये सवाल अलाटी कर रहे हैं
3-अभी तक लिफ्ट अप्रेशनल नहीं है
4-लिफ्ट का साइज छोटा है
5-लिफ्ट छोटी होने के कारण आठवीं मंजिल तक सामान कैसे जाएगा? ये सवाल अलाटी उठा रहे हैं
6-31 मार्च 2015 तक पजेशन देनी थी,लेकिन सवा साल बाद तक अपाटमेंट आधा-अधूरा तैयार हुआ है
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अलाटियों ने बताया कि आधे-अधूरे निर्माण के साथ पजेशन लैटर जारी किए जा रहे हैं, जबकि कई अलाटी पूरी पेमेंट कर चुके हैं। एनआरआई कंचन चौहान के मुताबिक वह आस्ट्रेलिया में रह रही हैं। वह पूरब अपार्टमेंट की पहली अलाटी हैं, लेकिन बड़े अफसोस की बात यह है कि गमाडा ने जो नक्शा और जैसा अपार्टमेंट बनाकर देने के लिए कहा था। वह वैसा बिलकुल भी नहीं है।
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उन्होंने बताया कि गमाडा ने पहला अलाटी होने के कारण उन्हें पजेशन लेटर लेने के लिए इंडिया बुलाया था। पजेशन लैटर लेने के लिए वह 1400 डालर खर्च करके आईं हैं और इतनी ही राशि आस्ट्रेलिया जाने में लगेगी।
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कंचन चौहान के मुताबिक 2800 डालर सिर्फ उनके आने जाने में खर्च होगा और अन्य खर्च अलग, लेकिन जब उन्हें पजेशन लैटर मिला और वह साइट पर पहुंची तो यहां सिक्टोरिटी सिस्टम का बुरा हाल था। यहां अभी तक बिजली-पानी तक मुहैया नहीं करवाया गया है। खिड़कियों में पांच एमएम का शीशा लगाया गया है, जबकि भीतर से इसमें ग्रील होनी चाहिए थी, वह नहीं है।
घर के दरवाजे बाहर की तरह खुलते हैं, थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर बाहर से आने वाला व्यक्ति दरवाजा खुलते ही चोटिल हो सकता है। एनआरआई महिला ने बताया कि वह गमाडा को फ्लैट की फुल पेमेंट 75 लाख रुपये का भुगतान कर चुकीं हैं, लेकिन तय समय से सवा साल अधिक बीत जाने के बावजूद अभी तक फ्लैट का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। इस मौके पर कंचन चौहान के अलावा एमएस नट, कंवलजीत सिंह मल्होत्रा व सुरेंद्र मोहन के अलावा अन्य कई अलाटी मौजूद रहे।
22 जून को अमर उजाला प्रमुखता से उठाया था मामला
22 जून 2015 को अमर उजाला ने पूरब प्रीमियम अथारिटी का मामला प्रमुखता से उठाया था। तब भी इस अपार्टमेंट की खामियां उजागर की गई थी। इस समाचार में अंडर ग्राउंड वाटर टैंक की स्थिति और टैंक में लीकेज का मामला उजागर किया गया था।
अदालत जाएंगे अलाटी
अलाटियों का कहना है कि उनके साथ धोखा हुआ है। उनके मुताबिक प्रोजेक्ट का जो नक्शा उन्हें दिखाया गया था, उसमें भी फेरबदल है। वहीं घटिया सामग्री का प्रयोग बड़ा मुद्दा है। अलाटियों कहा कि वे इस मामले में कानूनी सलाह ले रहे हैं, जिसके बाद वह इस मामले में गमाडा के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे, लेकिन कानूनी लड़ाई लडने से पहले वह पूरी रणनीति बना रहे हैं।
ये हैं प्रमुख दिक्कतें
1-अपार्टमेंट में अबतक बिजली नहीं है
2-पानी के बिना पजेशन लेकर क्या करेंगे ये सवाल अलाटी कर रहे हैं
3-अभी तक लिफ्ट अप्रेशनल नहीं है
4-लिफ्ट का साइज छोटा है
5-लिफ्ट छोटी होने के कारण आठवीं मंजिल तक सामान कैसे जाएगा? ये सवाल अलाटी उठा रहे हैं
6-31 मार्च 2015 तक पजेशन देनी थी,लेकिन सवा साल बाद तक अपाटमेंट आधा-अधूरा तैयार हुआ है