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Mohali News: डेराबस्सी में बनी खांसी की दवा निकली दूषित
Thu, 27 Apr 2023 01:58 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Thu, 27 Apr 2023 01:58 AM IST
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डेराबस्सी में बनी खांसी की दवा निकली दूषित
कंपनी ने कहा- यह सब देश को बदनाम करने की साजिश
संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत में निर्मित एक कफ सिरप को लेकर मेडिकल अलर्ट जारी किया था। इसमें एक कफ सिरप को दूषित बताया गया है। इस कफ सिरप का निर्माण डेराबस्सी स्थित कंपनी क्यूपी फार्मा केम लिमिटेड करती है। वहीं हरियाणा की कंपनी ट्रिलियम फार्मा इसकी मार्केटिंग करती है। संगठन की रिपोर्ट आने के बाद अब कंपनी ने अपना पक्ष रखा और इसे देश को बदनाम करने की साजिश बताया। क्यूपी फार्मा केम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुधीर पाठक ने कहा कि किसी ने बदनाम करने के लिए सिरप की नकल की थी। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) को संदेह है कि किसी ने कंबोडिया भेजे गए उत्पाद (खांसी की दवाई) की नकल की है और फिर इसे मार्शल द्वीप समूह और माइक्रोनेशिया में बेचा है। पाठक ने कहा कि एफडीए ने खांसी की दवाई के नमूने लिए थे और उन्हें जांच के लिए कंबोडिया भेजा था। बता दें कि खांसी की दवा की कुल 18,336 बोतलें कंबोडिया भेजी गई हैं। बता दें कि डब्ल्यूएचओ ने रिपोर्ट में दवा को सही नहीं पाने की बात कही है लेकिन भारत निर्मित इस कफ सिरप से कोई जनहानि हुई है या नहीं, यह अभी पता नहीं चला है। वहीं, डब्ल्यूएचओ का मानना है कि इसमें गुइफेनेसिन सिरप टीजी सिरप के साथ, डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा पाई गई है जिसके सेवन से इंसानों की जान को खतरा हो सकता है।
कोट
इस खांसी की दूषित दवा का मामला मेरे ध्यान में नहीं है। अगर ऐसी बात है तो इसे चेक करवाया जाएगा। इसके बाद जांच करवाने के बाद इस मामले में बनती कार्रवाई की जाएगी। -रुपिंदर कौर गिल, सिविल सर्जन
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कंपनी ने कहा- यह सब देश को बदनाम करने की साजिश
संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत में निर्मित एक कफ सिरप को लेकर मेडिकल अलर्ट जारी किया था। इसमें एक कफ सिरप को दूषित बताया गया है। इस कफ सिरप का निर्माण डेराबस्सी स्थित कंपनी क्यूपी फार्मा केम लिमिटेड करती है। वहीं हरियाणा की कंपनी ट्रिलियम फार्मा इसकी मार्केटिंग करती है। संगठन की रिपोर्ट आने के बाद अब कंपनी ने अपना पक्ष रखा और इसे देश को बदनाम करने की साजिश बताया। क्यूपी फार्मा केम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुधीर पाठक ने कहा कि किसी ने बदनाम करने के लिए सिरप की नकल की थी। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) को संदेह है कि किसी ने कंबोडिया भेजे गए उत्पाद (खांसी की दवाई) की नकल की है और फिर इसे मार्शल द्वीप समूह और माइक्रोनेशिया में बेचा है। पाठक ने कहा कि एफडीए ने खांसी की दवाई के नमूने लिए थे और उन्हें जांच के लिए कंबोडिया भेजा था। बता दें कि खांसी की दवा की कुल 18,336 बोतलें कंबोडिया भेजी गई हैं। बता दें कि डब्ल्यूएचओ ने रिपोर्ट में दवा को सही नहीं पाने की बात कही है लेकिन भारत निर्मित इस कफ सिरप से कोई जनहानि हुई है या नहीं, यह अभी पता नहीं चला है। वहीं, डब्ल्यूएचओ का मानना है कि इसमें गुइफेनेसिन सिरप टीजी सिरप के साथ, डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा पाई गई है जिसके सेवन से इंसानों की जान को खतरा हो सकता है।
कोट
इस खांसी की दूषित दवा का मामला मेरे ध्यान में नहीं है। अगर ऐसी बात है तो इसे चेक करवाया जाएगा। इसके बाद जांच करवाने के बाद इस मामले में बनती कार्रवाई की जाएगी। -रुपिंदर कौर गिल, सिविल सर्जन
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