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Mohali News: चार फॉगिंग गाड़ियां खरीदने जा रहा निगम, चालक नहीं, 38 नए इलाकों में कैसे होगी फॉगिंग

Wed, 26 Aug 2026 01:56 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 01:56 AM IST
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Corporation set to buy four fogging vehicles but lacks drivers; how will fogging be carried out in 38 new areas?
मोहाली। नगर निगम मोहाली चार नई फॉगिंग गाड़ियां खरीदने की तैयारी में है, लेकिन उसके पास पर्याप्त चालक नहीं हैं। इससे 38 नए शामिल किए गए क्षेत्रों में मच्छरों की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग पर सवाल खड़े हो गए हैं। निगम की सीमा में 24 सेक्टर और 14 गांव जुड़ने से फॉगिंग का दायरा काफी बढ़ गया है। इस विस्तार के साथ ही मानव संसाधन और वित्तीय प्रबंधन की कमी एक बड़ी समस्या बन गई है।
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24 अगस्त को हुई निगम हाउस की बैठक में नए क्षेत्रों में फॉगिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। इन इलाकों में महीने में चार बार फॉगिंग कराने पर करीब 8.21 लाख रुपये मासिक खर्च का अनुमान है। यह सालाना खर्च लगभग एक करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। निगम के पास पहले से ही कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में नई गाड़ियां आने के बाद यदि चालक नहीं मिले तो वे खड़े रह सकती हैं। इससे पुराने शहर की फॉगिंग व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। मेयर सरबजीत सिंह सामाना ने कहा कि फॉगिंग के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि चार गाड़ियां खरीदने के साथ कर्मचारी भी भर्ती किए जाएंगे ताकि पूरे शहर और नए जुड़े गांवों में फॉगिंग हो सके।
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नए क्षेत्रों में फॉगिंग की चुनौती

निगम की सीमा में कंबाली, रूरका, चिल्ला, मौली बैदवान, लखनौर, लांडरां, चप्पड़ चिड़ी, बलियाली, बल्लोमाजरा और बलौंगी जैसे गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों की भौगोलिक दूरी अधिक है और इनके रूट भी अलग-अलग हैं। एक साथ सभी जगह फॉगिंग कराना निगम के लिए आसान नहीं होगा। निगम को यह तय करना होगा कि चार वाहनों से पुराने और नए क्षेत्रों को कैसे कवर किया जाए। यदि वाहन उपलब्ध हैं, लेकिन चालक और पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं, तो फॉगिंग अभियान केवल कागजों तक सीमित रह सकता है।
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वित्तीय बोझ और लंबित कोष

नए क्षेत्रों में फॉगिंग सहित अन्य सेवाओं का अतिरिक्त खर्च निगम के बजट पर पड़ेगा। इन 38 इलाकों में फॉगिंग पर सालाना करीब 98.52 लाख रुपये का खर्च आएगा। चार नई गाड़ियों की खरीद का खर्च इससे अलग होगा। इसके बाद ईंधन, रखरखाव और कर्मचारियों का खर्च भी निगम को उठाना पड़ेगा। इस बढ़ते आर्थिक बोझ के कारण गमाडा से करीब 670 करोड़ रुपये की लंबित राशि लेने का मुद्दा महत्वपूर्ण हो जाता है। निगम को बढ़ी जिम्मेदारी के मुकाबले पर्याप्त धन और संसाधन सुनिश्चित करने होंगे।



संचालन तंत्र की आवश्यकता

फॉगिंग के लिए चार नई गाड़ियां खरीदने की तैयारी तो है, लेकिन इनके संचालन का सवाल सबसे बड़ा है। हर वाहन के लिए चालक की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, फॉगिंग मशीन संभालने वाले कर्मचारी और रूट पर काम करने वाला अमला भी चाहिए। नए क्षेत्रों की संख्या बढ़ने के बाद वाहनों को एक तय कार्यक्रम के तहत अलग-अलग रूट पर भेजना होगा। यदि चालक उपलब्ध नहीं हुए तो चारों वाहनों का इस्तेमाल एक साथ नहीं हो पाएगा। कर्मचारियों की कमी दूर किए बिना नई व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल बना रहेगा।


फॉगिंग के लिए तैयारी शुरू कर दी हैं। सभी क्षेत्राें में फॉगिंग के लिए चार गाड़ियां खरीदने के साथ स्टाफ भी भर्ती करेंगे ताकि पूरे शहर के साथ नए जुडे़ गांवों में भी फॉगिंग हो सके। - सरबजीत सिंह सामाना, मेयर, मोहाली नगर निगम
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