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Mohali News: ठंड का प्रकोप... हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ा, रखें सेहत का ख्याल

Tue, 09 Jan 2024 01:54 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jan 2024 01:54 AM IST
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Cold outbreak...risk of hypothermia increases, take care of health
मोहाली। सर्दियां बढ़ गई हैं, आजकल अलसुबह और देर शाम लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में अगर किसी के पास सिर पर छत न हो तो यह हाड़ कंपा देने वाली ठंड उसके शरीर के तापमान को गिरा सकती है। इन्ही लक्षणों को हाइपोथर्मिया (अल्पोष्णता) कहा जाता है। इसमें शरीर का हीट कंजर्वेशन मैकेनिज्म काम करना बंद कर देता है और शरीर का तापमान तेजी से गिरने लगता है। बच्चों और बुजुर्गों पर यह सबसे तेज प्रहार करता है। ऐसी परिस्थिति में सही समय पर इलाज न मिलने से मौत भी हो सकती है। यह बात फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल के एमडी मेडिसन डॉ. राजवीर सिंह ने कही।उन्होंने बताया कि वैसे तो शरीर का सामान्य तापमान लगभग 97 से 98.9 डिग्री फैरेनहाइट होता है लेकिन किसी को अगर ठंड लग जाए और उसे समय से गर्मी न मिले तो उसे हाइपोथर्मिया हो जाता है, जिसमें शरीर का तापमान 95 डिग्री और उससे कम हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर हृदय और नर्वस सिस्टम पर पड़ता है। इससे हार्ट अटैक और मल्टी ऑर्गन फेलियर का खतरा होता है। यह चिकित्सीय आपातकाल तब होता है जब शरीर गर्मी पैदा करने की तुलना में तेजी से गर्मी खो देता है और सांस लेने में भी दिक्कत आती है।
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हाइपोथर्मिया के प्रकार

1. हल्का हाइपोथर्मिया - यह तब होता है जब शरीर का तापमान सामान्य सीमा (लगभग 95-89.6 फैरेनहाइट) से थोड़ा नीचे चला जाता है। पर्याप्त सुरक्षा या कपड़ों के बिना ठंड के मौसम में लंबे समय तक बाहर रहने से इसके चपेट में आ सकते हैं।
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2. मध्यम हाइपोथर्मिया - इसमें शरीर का तापमान घटता रहता है (89.6-82.4 फैरेनहाइट के बीच)। इसमें कंपकंपी कम हो सकती है या बंद बी हो सकती है। लक्षण तीव्र हो सकते हैं, जिनमें अस्पष्ट वाणी, गंभीर कंपकंपी, लो पल्स रेट, हृदय गति तेज होना शामिल है।
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3. गंभीर हाइपोथर्मिया - यह तब होता है जब शरीर का तापमान निम्न स्तर (82.4 फैरेनहाइट से नीचे) तक गिर जाता है। इस स्तर पर, कंपकंपी पूरी तरह से बंद हो सकती है और व्यक्ति बेहोश हो सकता है।


शराब का न करें सेवन, महसूस करने की क्षमता हो सकती है प्रभावित
शराब के सेवन से ठंड महसूस करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके सेवन से ठंड में बेहोश भी हो सकते है। यह शरीर को अंदर से गर्म कर देती है, जिससे व्यक्ति को भ्रम हो सकता है जबकि असलियत में शरीर की रक्त वाहिकाएं फैल जाती है जिससे शरीर गर्माहट तेजी से खोने लगता है।

हाइपोथर्मिया होने के कारण

- लंबे समय तक ठंडे मौसम में रहना

- ठंड में गर्म कपड़े न पहनना

- बहुत देर तक पानी में रहना

- ठंडे या वातानुकूलित घर में रहना

- गीले कपड़े पहनना

- सूखे और गर्म स्थानों पर न जाना





लक्षण

- शरीर में कंपन
-शरीर का सुन्न होना

- शरीर का तापमान गिरना

- तेज हृदय गति

- त्वचा का रंग फीका पड़ना
- लो पल्स रेट

- तेजी से सांस लेना

- थकावट

- प्रतिक्रिया कम होना

- बेहोशी

- कम रक्तचाप

- अस्पष्ट वाणी
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