मोहाली। एक तरफ जहां मोहाली को स्मार्ट और स्वच्छ शहर बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की सच्चाई खुद बयां कर रही है। बलौंगी से खरड़ जाने वाले फ्लाईओवर के नीचे सड़क के किनारे गंदगी के ढेर लगे हैं। यह न केवल शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर निर्माण करने वाली कंपनी और संबंधित विभाग केवल ऊपर की सड़क और ढांचे की सफाई पर ध्यान देते हैं, जबकि फ्लाईओवर के नीचे जमा कचरे की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता।
यहां प्लास्टिक, घरेलू कचरा, टूटे-फूटे सामान और अन्य गंदगी खुले में पड़ी रहती है, जिससे बदबू फैलती है। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासी रजत भारद्वाज, होशियार सिंह और अन्य राहगीरों ने बताया कि शहर को वास्तव में सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए केवल मुख्य सड़कों की सफाई काफी नहीं है। फ्लाईओवर के नीचे, सर्विस रोड और किनारे के इलाकों पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध है, तो फिर जगह-जगह प्लास्टिक कचरे के ढेर कैसे दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब इलाका नगर निगम के अधीन आ चुका है तो नगर निगम को चाहिए की सफाई व्यवस्था को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर सख्ती से लागू किया जाए।