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मुल्लांपुर में स्थापित होगा नगर वन और चंदन की लकड़ी का कलस्टर
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मोहाली। मुल्लांपुर स्थित जंगली और बंजर इलाके को अब वन विभाग की ओर से संवारने की तैयारी की गई है। एक तो वहां करीब 37 एकड़ जमीन में नगर वन स्थापित किया जाएगा। जहां पर आकर्षक और शानदार पौधे लगाए जाएंगे। इसी तरह 2.5 एकड़ जमीन पर चंदन की लकड़ी के कलस्टर के रूप में तैयार किया जाएगा।
इस दिशा में काम शुरू हो चुका है। बंगलुरू से आई विशेषज्ञों की टीम ने इलाके का दौरा कर अपनी रिपोर्ट दे दी है। उम्मीद है कि जल्दी ही इस इलाके की सूरत बदल जाएगी। यह खुलासा बुधवार को राज्यस्तरीय वन महोत्सव समारोह में मुल्लांपुर में पहुंचे वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने किया। इस मौके पर उन्होंने जंगलात क्षेत्र में नगर वन स्थापित करने के काम की शुरूआत की। यह 37 एकड़ जगह में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जंगलात विभाग को गमाडा ने मुल्लांपुर सिसवां सड़क के निर्माण के लिए दी गई जमीन के बदले में यह जमीन दी थी। यह ज्यादातर जमीन बंजर थी। विभाग के प्रयासों से इसे नगर वन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके चारों तरफ कंटीली तार लगाई गई हैं और इस जंगल के बीच से गुजरने के लिए रास्ते बनाए जाएंगे, जिससे लोग इस क्षेत्र का दौरा कर पाएं। इसके साथ ही जंगल की सुंदरता का आनंद उठा पाए।
वन मंत्री ने बताया कि मुल्लांपुर के जंगलों में 2.5 एकड़ रकबे को चंदन की लकड़ी के कलस्टर के रूप में स्थापित किया जाएगा। चंदन के पेड़ों की बढ़ोतरी के लिए यह तुजुर्बा काफी फायदेमंद रहा है। दरअसल नया कलस्टर देश व्यापी दिलचस्पी को बढ़ा रहा है। वहीं, वुड इंस्टीटयूट ऑफ बंगलुरू की वनस्पति विभाग की टीम ने इस इलाके का दौरा किया है।
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बीस हजार एकड़ जमीन करवाई कब्जे से मुक्त
वन विभाग ने अपनी जमीन को कब्जों से मुक्त करवाने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है। पठानकोट में 12 हजार एकड़ रकबे समते बीस हजार एकड़ रकबे को कब्जों से मुक्त करवाया गया है। इस मामले में कानूनी दखल जारी है। जल्दी ही जमीन का बड़ा हिस्सा कब्जों से मुक्त करवाया जाएगा।
पंजाब का ग्रीन कवर हुआ डबल, सर्वे में हुआ खुलासा
वन मंत्री ने बताया कि वन विभाग की ओर से करवाए गए सेटेलाइट मूल्यांकन सर्वे के मुताबिक पंजाब का ग्रीन कवर 900 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 1800 वर्ग किलोमीटर हो गया है। गत दो साल में 11 वर्ग किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जंगल के अधीन रकबे को डबल करना बड़ा काम है। वन विभाग ने 2020-21 में विभिन्न योजनाओं के तहत 5237 हेक्टेयर जमीन में पौधे लगाए। विभाग की तरफ से एग्रो फॉरेस्टरी स्कीम के तहत किसानों को उनकी जमीनों में 24 लाख पौधे लगाने में सहायता दी गई।
मोबाइल ऐप से पंजाब बना हराभरा
इतना ही नहीं वन विभाग की ओर से हरियाली ऐप 2018-19 लांच किया गया था। यह ऐप भी काफी सफल रहा है। इस ऐप को अब तक दो लाख 94 हजार 250 लोगों ने डाउनलोड किया है। वहीं, हरियाली ऐप से अब तक 306568 पौधे दिए गए हैं। इसके अलावा वन मित्र नाम से एक योजना शुरू की गई है। जिसमें पौधों की देखभाल करने वालों को भुगतान किया जाएगा। यह जानकारी भी मंत्री ने दी।
हर गांव में लगेंगे 400 पौधे
वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने कहा कि श्री गुुरु तेगबहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाने के लिए हर गांव में 400 पौधे लगाए जाएंगे। ग्रीनिंग पंजाब मिशन के तहत यह मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम के तहत राज्य के कुल 12986 गांवों में करीब 52 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जिससे वातावरण हराभरा रह सके।
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इस दिशा में काम शुरू हो चुका है। बंगलुरू से आई विशेषज्ञों की टीम ने इलाके का दौरा कर अपनी रिपोर्ट दे दी है। उम्मीद है कि जल्दी ही इस इलाके की सूरत बदल जाएगी। यह खुलासा बुधवार को राज्यस्तरीय वन महोत्सव समारोह में मुल्लांपुर में पहुंचे वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने किया। इस मौके पर उन्होंने जंगलात क्षेत्र में नगर वन स्थापित करने के काम की शुरूआत की। यह 37 एकड़ जगह में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जंगलात विभाग को गमाडा ने मुल्लांपुर सिसवां सड़क के निर्माण के लिए दी गई जमीन के बदले में यह जमीन दी थी। यह ज्यादातर जमीन बंजर थी। विभाग के प्रयासों से इसे नगर वन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके चारों तरफ कंटीली तार लगाई गई हैं और इस जंगल के बीच से गुजरने के लिए रास्ते बनाए जाएंगे, जिससे लोग इस क्षेत्र का दौरा कर पाएं। इसके साथ ही जंगल की सुंदरता का आनंद उठा पाए।
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वन मंत्री ने बताया कि मुल्लांपुर के जंगलों में 2.5 एकड़ रकबे को चंदन की लकड़ी के कलस्टर के रूप में स्थापित किया जाएगा। चंदन के पेड़ों की बढ़ोतरी के लिए यह तुजुर्बा काफी फायदेमंद रहा है। दरअसल नया कलस्टर देश व्यापी दिलचस्पी को बढ़ा रहा है। वहीं, वुड इंस्टीटयूट ऑफ बंगलुरू की वनस्पति विभाग की टीम ने इस इलाके का दौरा किया है।
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बीस हजार एकड़ जमीन करवाई कब्जे से मुक्त
वन विभाग ने अपनी जमीन को कब्जों से मुक्त करवाने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है। पठानकोट में 12 हजार एकड़ रकबे समते बीस हजार एकड़ रकबे को कब्जों से मुक्त करवाया गया है। इस मामले में कानूनी दखल जारी है। जल्दी ही जमीन का बड़ा हिस्सा कब्जों से मुक्त करवाया जाएगा।
पंजाब का ग्रीन कवर हुआ डबल, सर्वे में हुआ खुलासा
वन मंत्री ने बताया कि वन विभाग की ओर से करवाए गए सेटेलाइट मूल्यांकन सर्वे के मुताबिक पंजाब का ग्रीन कवर 900 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 1800 वर्ग किलोमीटर हो गया है। गत दो साल में 11 वर्ग किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जंगल के अधीन रकबे को डबल करना बड़ा काम है। वन विभाग ने 2020-21 में विभिन्न योजनाओं के तहत 5237 हेक्टेयर जमीन में पौधे लगाए। विभाग की तरफ से एग्रो फॉरेस्टरी स्कीम के तहत किसानों को उनकी जमीनों में 24 लाख पौधे लगाने में सहायता दी गई।
मोबाइल ऐप से पंजाब बना हराभरा
इतना ही नहीं वन विभाग की ओर से हरियाली ऐप 2018-19 लांच किया गया था। यह ऐप भी काफी सफल रहा है। इस ऐप को अब तक दो लाख 94 हजार 250 लोगों ने डाउनलोड किया है। वहीं, हरियाली ऐप से अब तक 306568 पौधे दिए गए हैं। इसके अलावा वन मित्र नाम से एक योजना शुरू की गई है। जिसमें पौधों की देखभाल करने वालों को भुगतान किया जाएगा। यह जानकारी भी मंत्री ने दी।
हर गांव में लगेंगे 400 पौधे
वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने कहा कि श्री गुुरु तेगबहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाने के लिए हर गांव में 400 पौधे लगाए जाएंगे। ग्रीनिंग पंजाब मिशन के तहत यह मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम के तहत राज्य के कुल 12986 गांवों में करीब 52 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जिससे वातावरण हराभरा रह सके।