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नगर काउंसिल की बैठक : कांग्रेस के पांच पार्षदों का बवाल, विकास कार्यों में भेदभाव के लगाए आरोप
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कुराली। नगर काउंसिल की बैठक प्रधान रणजीत सिंह जीती पडियाला की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान काउंसिल में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के पांच पार्षदों ने जमकर बवाल किया। उनका आरोप था कि सरकारी ग्रांट का गलत तरीके से प्रयोग किया जा रहा है। विकास के नाम पर इलाके में भेदभाव किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने बैठक का बायकाट कर दिया और काउंसिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वार्ड नंबर 12 के पार्षद खुशवीर सिंह हैप्पी ने पिछली बैठक के दौरान वार्ड नंबर 12 के लिए पास किए ट्यूबवेल को राजनीतिक रंजिश के कारण वार्ड नंबर 1 में शिफ्ट करने का विरोध किया। उन्होंने इस कार्रवाई को वार्ड वासियों से भेदभाव बताया। इस दौरान शहर के विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से जारी किए 2 करोड़ 2 लाख रुपये की ग्रांट के साथ होने वाले विकास कार्यों का मत्ता लाया गया। इस मुद्दे पर पार्षद बहादुर सिंह ओके, खुशवीर सिंह, भारत भूषण वर्मा, भावना शर्मा और अन्य ने ग्रांट के खर्च के लिए एजेंडा तैयार करने के समय शहर के अलग-अलग वार्डों में होने वाले अति जरूरी विकास कार्यों को अनदेखा करने और गैर-जरूरी कामों पर करोड़ों खर्च करने का मामला उठाया।
सरकारी ग्रांट को गैर-जरूरी कामों पर किए जा रहे खर्च को लेकर कांग्रेसी पार्षद बहादुर सिंह ओके और भारत भूषण के अतिरिक्त पार्षद भावना शर्मा, खुशवीर सिंह और जीता ने बैठक का बायकाट कर बाहर आकर काउंसिल के खिलाफ नारेबाजी की।
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लोगों की सुविधाओं को किया जा रहा अनदेखा
पार्षदों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि काउंसिल को शहर के विकास के लिए मिली 2.02 करोड़ रुपये की ग्रांट में उनके वार्डों और आम शहर वासियों की सुविधाओं को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। काउंसिल की ओर से लोक निर्माण विभाग की मलकीयत वाली चंडीगढ़ रोड पर 79.95 लाख और 77.89 लाख रुपये के दो प्रस्ताव लाकर इंटर लॉकिंग टाइलें लगाने के लिए खर्च किए जा रहे हैं जबकि इस सड़क का निकासी प्रबंध पूरी तरह से ठप पड़ा है। इसे पहल के आधार पर हल करने जरूरत है। इसके अतिरिक्त पपराली रोड पर बसी कॉलोनियों और नई अनाज मंडी की पक्की सड़क को जुड़ी जाने के बावजूद वेे-आवाद पड़ी अवैध कॉलोनियों को उत्साहित करने के लिए पपराली रोड पर लगभग 55 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बहादुर सिंह ओके सहित अन्य ने बताया कि इस कारण ही उन्हें बैठक का बायकाट करना पड़ा।
प्रधान ने प्रेस नोट जारी कर देनी पड़ी सफाई
प्रधान रणजीत सिंह जीती ने मीडिया को जारी किए प्रेस नोट में बताया कि पांचों मेंबर्स की ओर से चनालो का निकासी नाला न बनाए जाने को लेकर बैठक का बायकाट किया है। जबकि इस नाले को न बनाने संबंधी पिछली काउंसिल की ओर से प्रस्ताव पास कर दिया गया था। उन्होंने भेदभाव के दोषों को नकारते हुए कहा कि बैठक में शहर के विकास कार्यों के लिए अनेकों प्रस्ताव पास किए हैं।
फोटो बैठक का बायकाट करके आए पार्षद एजेंडा दिखाकर मामले की जानकारी देते हुए।
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वार्ड नंबर 12 के पार्षद खुशवीर सिंह हैप्पी ने पिछली बैठक के दौरान वार्ड नंबर 12 के लिए पास किए ट्यूबवेल को राजनीतिक रंजिश के कारण वार्ड नंबर 1 में शिफ्ट करने का विरोध किया। उन्होंने इस कार्रवाई को वार्ड वासियों से भेदभाव बताया। इस दौरान शहर के विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से जारी किए 2 करोड़ 2 लाख रुपये की ग्रांट के साथ होने वाले विकास कार्यों का मत्ता लाया गया। इस मुद्दे पर पार्षद बहादुर सिंह ओके, खुशवीर सिंह, भारत भूषण वर्मा, भावना शर्मा और अन्य ने ग्रांट के खर्च के लिए एजेंडा तैयार करने के समय शहर के अलग-अलग वार्डों में होने वाले अति जरूरी विकास कार्यों को अनदेखा करने और गैर-जरूरी कामों पर करोड़ों खर्च करने का मामला उठाया।
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सरकारी ग्रांट को गैर-जरूरी कामों पर किए जा रहे खर्च को लेकर कांग्रेसी पार्षद बहादुर सिंह ओके और भारत भूषण के अतिरिक्त पार्षद भावना शर्मा, खुशवीर सिंह और जीता ने बैठक का बायकाट कर बाहर आकर काउंसिल के खिलाफ नारेबाजी की।
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लोगों की सुविधाओं को किया जा रहा अनदेखा
पार्षदों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि काउंसिल को शहर के विकास के लिए मिली 2.02 करोड़ रुपये की ग्रांट में उनके वार्डों और आम शहर वासियों की सुविधाओं को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। काउंसिल की ओर से लोक निर्माण विभाग की मलकीयत वाली चंडीगढ़ रोड पर 79.95 लाख और 77.89 लाख रुपये के दो प्रस्ताव लाकर इंटर लॉकिंग टाइलें लगाने के लिए खर्च किए जा रहे हैं जबकि इस सड़क का निकासी प्रबंध पूरी तरह से ठप पड़ा है। इसे पहल के आधार पर हल करने जरूरत है। इसके अतिरिक्त पपराली रोड पर बसी कॉलोनियों और नई अनाज मंडी की पक्की सड़क को जुड़ी जाने के बावजूद वेे-आवाद पड़ी अवैध कॉलोनियों को उत्साहित करने के लिए पपराली रोड पर लगभग 55 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बहादुर सिंह ओके सहित अन्य ने बताया कि इस कारण ही उन्हें बैठक का बायकाट करना पड़ा।
प्रधान ने प्रेस नोट जारी कर देनी पड़ी सफाई
प्रधान रणजीत सिंह जीती ने मीडिया को जारी किए प्रेस नोट में बताया कि पांचों मेंबर्स की ओर से चनालो का निकासी नाला न बनाए जाने को लेकर बैठक का बायकाट किया है। जबकि इस नाले को न बनाने संबंधी पिछली काउंसिल की ओर से प्रस्ताव पास कर दिया गया था। उन्होंने भेदभाव के दोषों को नकारते हुए कहा कि बैठक में शहर के विकास कार्यों के लिए अनेकों प्रस्ताव पास किए हैं।
फोटो बैठक का बायकाट करके आए पार्षद एजेंडा दिखाकर मामले की जानकारी देते हुए।