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Mohali News: 1.30 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में एएसआई और हेड कांस्टेबल पर चार्जशीट दाखिल
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मोहाली। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 1.30 लाख रुपये रिश्वत मामले में एएसआई गुरजीत सिंह और हेड कांस्टेबल बलविंदर सिंह के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। इन पुलिसकर्मियों पर एनडीपीएस मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी टालने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला एक व्यापारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था। व्यापारी ने बताया कि उसके मामा के बेटे ओम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज है। जांच के दौरान एएसआई गुरजीत सिंह ने उससे संपर्क किया और दावा किया कि उसके भाई बलविंदर सिंह का नाम भी जांच में सामने आ रहा है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने बलविंदर सिंह की गिरफ्तारी टालने के लिए पहले पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह सौदा 2.30 लाख रुपये में तय हुआ। शिकायतकर्ता पहले ही एक लाख रुपये एएसआई को दे चुका था।
विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़ा
जब आरोपियों ने शेष 1.30 लाख रुपये की मांग की, तो शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया। उसने जांच एजेंसी को बताया कि 30 मई को एएसआई गुरजीत सिंह ने व्हाट्सएप संदेश भेजकर रकम मांगी थी। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने जाल बिछाया। दो जून को एएसआई गुरजीत सिंह को 1.30 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में हेड कांस्टेबल बलविंदर सिंह की भूमिका सामने आने पर उसे भी मामले में नामजद किया गया।
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विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़ा
जब आरोपियों ने शेष 1.30 लाख रुपये की मांग की, तो शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया। उसने जांच एजेंसी को बताया कि 30 मई को एएसआई गुरजीत सिंह ने व्हाट्सएप संदेश भेजकर रकम मांगी थी। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने जाल बिछाया। दो जून को एएसआई गुरजीत सिंह को 1.30 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में हेड कांस्टेबल बलविंदर सिंह की भूमिका सामने आने पर उसे भी मामले में नामजद किया गया।
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