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चंडीगढ़-खरड़ हाईवे पर लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Wed, 14 Sep 2016 09:30 AM IST
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स्टाफ नर्सों की हड़ताल से खतरे में जननी सुरक्षा योजना
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़-खरड़ हाईवे पर मंगलवार को उस समय पूरी तरह से ट्रैफिक रुक गया, जब विभिन्न विभागों के मुलाजिमों ने पंजाब व यूटी मुलाजिम संघर्ष कमेटी के बैनर तले बस स्टैंड खरड़ के पास टी प्वाइंट पर जाम लगा दिया। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। इसके बाद पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर विभिन्न रास्तों से निकाला। इस कारण करीब एक घंटे तक तक लोग परेशान होते रहे।
मुलाजिमों का कहना था कि छठे पे कमीशन की मांग को लेकर सरकार टाल मटौल की नीति अपना रही है। वहीं, भर्ती ठेके के आधार पर करने से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। मुलाजिमों ने बताया कि पंजाब रोडवेज व पैप्सू रोडवेज के प्रति अपनाई गई नीति के कारण दोनों संस्थानों को सौ करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा बिजली बोर्ड के मामले समेत कई मुद्दों को उठाया गया। ऐसी ही हालत अन्य विभागों की है। धरने को विभिन्न यूनियनों के नेताओं ने संबोधित किया। इस बीच जैसे ही धरने की सूचना मिली तो तुरंत एडीसी विकास भूपिदर सिंह मौके पर पहुंचे। प्रदर्शकारियों ने उन्हें मांग पत्र सौंपा। इसके बाद मुलजिमों ने जाम हटाया। इस मौके पर एसपीडी जीएस गरेवाल, एसपी राजबलविंदर सिंह मराड़, नायब तहसीलदार सतविंदरपाल सिंह राणिके, डीएसपी हेड क्वार्टर धर्मपाल सिंह, एसएचओ मनजीत सिंह मौजूद रहे।
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मुलाजिमों का कहना था कि छठे पे कमीशन की मांग को लेकर सरकार टाल मटौल की नीति अपना रही है। वहीं, भर्ती ठेके के आधार पर करने से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। मुलाजिमों ने बताया कि पंजाब रोडवेज व पैप्सू रोडवेज के प्रति अपनाई गई नीति के कारण दोनों संस्थानों को सौ करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा बिजली बोर्ड के मामले समेत कई मुद्दों को उठाया गया। ऐसी ही हालत अन्य विभागों की है। धरने को विभिन्न यूनियनों के नेताओं ने संबोधित किया। इस बीच जैसे ही धरने की सूचना मिली तो तुरंत एडीसी विकास भूपिदर सिंह मौके पर पहुंचे। प्रदर्शकारियों ने उन्हें मांग पत्र सौंपा। इसके बाद मुलजिमों ने जाम हटाया। इस मौके पर एसपीडी जीएस गरेवाल, एसपी राजबलविंदर सिंह मराड़, नायब तहसीलदार सतविंदरपाल सिंह राणिके, डीएसपी हेड क्वार्टर धर्मपाल सिंह, एसएचओ मनजीत सिंह मौजूद रहे।
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