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मोहाली : कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे संघर्ष में पहुंचे किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी, कहा- केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन दबाने में लगाई ताकत
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मोहाली। केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन को दबाने में अपनी पूरी ताकत लगा दी है। अब किसान जत्थेबंदियों में फूट होने की झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। यह बातें किसान यूनियन हरियाणा के प्रधान गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने सोहाना स्थित संयुक्त किसान मोर्चे के समर्थन में पुआद मंच द्वारा किए जा रहे आंदोलन में कहीं।
सोहना में किसानों के समर्थन में लोगों की हड़ताल आठवें दिन में दाखिल हो गई है। किसान नेताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे लोगों को सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश की कोई फ्रिक नहीं है। पार्टी के नेता किसी भी तरीके से किसानों को दबाना चाहते हैं।
केंद्र पर पर जुबानी हमला बोलते हुए चढ़ूनी ने कहा कि जिस देश में ऑक्सीजन और दवा की कालाबाजारी हो जाए और अस्पतालों में भर्ती होने के लिए ब्लैक में पैसे देने पड़ें। ऐसे में देश के लोग महामारी से कैसे बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन केवल किसानों का ही नहीं बल्कि अन्य लोगों का भी संघर्ष हैं।
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आंदोलन न केवल गांवों तक नहीं बल्कि मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली तक भी पहुंच गया है। इस अवसर पर परमिंदर सिंह सोहाना, अमरजीत सिंह नारायण, दविंदर सिंह बॉबी, मिदार सिंह और हरविंदर सिंह नंबरदार समेत कई किसान मौजूद रहे।
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सोहना में किसानों के समर्थन में लोगों की हड़ताल आठवें दिन में दाखिल हो गई है। किसान नेताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे लोगों को सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश की कोई फ्रिक नहीं है। पार्टी के नेता किसी भी तरीके से किसानों को दबाना चाहते हैं।
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केंद्र पर पर जुबानी हमला बोलते हुए चढ़ूनी ने कहा कि जिस देश में ऑक्सीजन और दवा की कालाबाजारी हो जाए और अस्पतालों में भर्ती होने के लिए ब्लैक में पैसे देने पड़ें। ऐसे में देश के लोग महामारी से कैसे बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन केवल किसानों का ही नहीं बल्कि अन्य लोगों का भी संघर्ष हैं।
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आंदोलन न केवल गांवों तक नहीं बल्कि मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली तक भी पहुंच गया है। इस अवसर पर परमिंदर सिंह सोहाना, अमरजीत सिंह नारायण, दविंदर सिंह बॉबी, मिदार सिंह और हरविंदर सिंह नंबरदार समेत कई किसान मौजूद रहे।