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Mohali News: जंगल की आग से गांव को बचाने वालों पर ही केस दर्ज, लोगों ने की इंसाफ की मांग
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कुराली। गांव तारापुर के युवकों की ओर से जंगल में लगी आग को बुझाने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों के बीच हुई बहस को लेकर पुलिस ने गांव के ही लोगों के खिलाफ आग लगाने के आरोप में केस दर्ज कर लिया। इस गांव वासियों ने जंगल की आग को गंभीरता से न लेने और लकड़ी चोरी के मामले को छिपाने का आरोप लगाते हुए दर्ज केस रद्द करने की मांग की है।
गांव तारापुर के लोगों ने बताया कि गांव के वन क्षेत्र में आग लगने के बाद जब आग गांव की तरफ आने लगी तो वन विभाग को सूचित किया। लेकिन जब विभाग का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो गांव वासियों ने अपने तरीके से झाड़ियों से आग पर काबू पाया और गांव का नुकसान होने से बचाव किया। ग्रामीणों ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद जब वनकर्मियों से देरी को लेकर सवाल किया तो वे आपस में बहस करने लगे और गार्ड ने पुलिस को शिकायत दे दी और माजरी पुलिस ने गांव को आग से बचाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर दिया। लोगों ने कहा कि जंगल से महंगी लकड़ी की चोरी को छुपाने के लिए आग लगने की घटनाएं होती हैं और सबूत खत्म किए जाते हैं।
इस दौरान प्रधान राजेश कुमार, हरविंदर सिंह, गुरचरण सिंह, भूपिंदर कुमार सहित अन्य ने जंगल में से खैर की लकड़ी की हो रही चोरी के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने की मांग की है।
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गांव तारापुर के लोगों ने बताया कि गांव के वन क्षेत्र में आग लगने के बाद जब आग गांव की तरफ आने लगी तो वन विभाग को सूचित किया। लेकिन जब विभाग का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो गांव वासियों ने अपने तरीके से झाड़ियों से आग पर काबू पाया और गांव का नुकसान होने से बचाव किया। ग्रामीणों ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद जब वनकर्मियों से देरी को लेकर सवाल किया तो वे आपस में बहस करने लगे और गार्ड ने पुलिस को शिकायत दे दी और माजरी पुलिस ने गांव को आग से बचाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर दिया। लोगों ने कहा कि जंगल से महंगी लकड़ी की चोरी को छुपाने के लिए आग लगने की घटनाएं होती हैं और सबूत खत्म किए जाते हैं।
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इस दौरान प्रधान राजेश कुमार, हरविंदर सिंह, गुरचरण सिंह, भूपिंदर कुमार सहित अन्य ने जंगल में से खैर की लकड़ी की हो रही चोरी के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने की मांग की है।
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