फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Builders and colonizers swallow water drainage arrangements, water fills roads and streets in rainy season

बिल्डरों और कॉलोनाइजरों ने पानी के निकासी प्रबंधों को निगला, बरसात में रोड-गलियों में भरता है पानी

Thu, 26 Aug 2021 02:20 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 02:20 AM IST
विज्ञापन
Builders and colonizers swallow water drainage arrangements, water fills roads and streets in rainy season
जीरकपुर। जिस हिसाब से हाईवे के दोनों किनारों पर बसे जीरकपुर शहर का विस्तार हुआ है। उस हिसाब से प्रशासनिक अधिकारी बुनियादी सुविधाएं देने में नाकाम रहे हैं। इस समय शहर में सबसे अधिक समस्या बारिश के पानी की निकासी की बनी हुई है। थोड़ी सी बारिश होने पर शहर में जलभराव हो जाता है। मॉनसून के दौरार यह स्थिति विराट रूप धारण कर लेती है। बलटाना और ढकोली में तो लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। बलटाना क्षेत्र में एक घर में पानी भरने के कारण एक बैंक कर्मी की करंट लगने से मौत भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। पानी को निकासी न मिलने के कारण सड़कें तालाब का रूप धारण कर लेती हैं।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक शहर में पानी की समस्या के लिए यहां पर बिल्डर, कालोनाइजर और अन्य लोग जिम्मेदार हैं। जिन्होंने शहर के पानी की निकासी के कुदरती नालों और बरसाती चो पर अवैध कब्जे कर इनके कुदरती बहाव को मोड़ दिया है। पाइप डालकर उनको सिकोड़ दिया है या बिल्कुल बंद कर दिया है।
विज्ञापन

अमर उजाला की ओर से इस बारे में एकत्रित की गई ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि जीरकपुर में करीब 5 चो ओर बरसाती नाले गुजरते हैं। जिनमें शहर का ही नहीं बल्कि चंडीगढ़ और पंचकूला के पानी की भी निकासी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनमें सबसे बड़ा सुखना चो है। इस चो में शिवालिक की पहाड़ियों से भी पानी आता है। रास्ते में चंडीगढ़ में सुखना झील स्थापित की हुई है। सुखना झील में पानी ओवरफ्लो होने पर इस चो में छोड़ दिया जाता है। जो जीरकपुर से गांव नगल के रास्ते घूमता हुआ घग्गर नदी में गिरता है। इस चो पर बलटाना क्षेत्र में काफी अवैध कब्जे हुए है। पिछले मॉनसून में ज्यादा बारिश होने के चलते बलटाना क्षेत्र में पानी ने काफी तबाही मचाई थी। हरेक मॉनसून में बलटाना पुलिस चौंकी भी पानी में डूब जाती है।
इसी तरह दूसरी बरसाती नाला पंचकूला के सेक्टर-15, 19 और औद्योगिक क्षेत्र के रास्ते जीरकपुर के बलटाना में दाखिल होता है। बलटाना में पहुंचते ही इस नाले के कुदरती बहाव में काफी बाधाएं हैं। जिस कारण इसमें निकासी की दिक्कत आती है।
तीसरा मनसा देवी, मनीमाजरा और पंचकूला से होते हुए बलटाना के शाम विहार से दाखिल होता है। जिसका रुख मोड़ने के अलावा ज्यादातर पाइप डाल दिए हैं। यह तीनों नालों से जहां बलटाना क्षेत्र में पानी की निकासी की परेशानी बनी हुई है।
वहीं दो बरसाती नाले जो पंचकूला से ढ़कोली के रास्ते से गुजरते हैं। उन पर भी अवैध कब्जों ने समस्या पैदा की हुई है।
जानकारी के मुताबिक पंचकूला से ग्रीन सिटी, गुरुद्वारा श्री बाऊली साहिब के सामने से निकलता है। जिस पर अवैध कब्जों की भरमार है। जिसका आकार समय के साथ कम होता जा रहा है।
इसी तरह पंचकूला से ढ़कोली में दाखिल होता है। जिसका अस्तित्व खत्म होने वाला है। इस नाले का अस्तित्व खत्म होने के कारण ढ़कोली के एमएस एनक्लेव सहित अन्य कॉलोनियों और गाजीपुर क्षेत्र में पानी भर जाता है।
इस बारे में संपर्क करने पर एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा ने कहा कि पानी के कुदरती बहाव में बाधा डालना और इस पर अवैध कब्जा करना कानूनी जुर्म है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश कर पानी की निकासी के उचित प्रबंध करवाए जा रहे हैं।

इस बारे में संपर्क करने पर नगर काउंसिल के प्रधान उदयवीर सिंह ढ़िल्लों ने कहा कि बलटाना में ढकोली क्षेत्र में पानी की निकासी के लिए अलग से प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुदरती प्रबंधों की भी सुरक्षा की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed