फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Builder took Rs 4.50 lakh for booking in Eden City Kharar, did not give possession for five years

Mohali News: ईडन सिटी खरड़ में बिल्डर ने बुकिंग के 4.50 लाख लिए, पांच साल तक नहीं दिया पजेशन

Fri, 24 May 2024 04:20 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2024 04:20 AM IST
विज्ञापन
Builder took Rs 4.50 lakh for booking in Eden City Kharar, did not give possession for five years
मोहाली। ईडन सिटी खरड़ में बिल्डर ने 105 गज के सिंगल स्टोरी विला के 4.50 लाख रुपये बुकिंग के लेकर पांच साल तक पजेशन तो दूर निर्माण भी शुरू नहीं किया। वर्ष 2020 में शिकायतकर्ता ने यहां विला बुक करवाया था। निर्माण देखा तो डेवलपमेंट जीरो नजर आई। यह मामला उपभोक्ता अदालत में विचाराधीन था जिस पर सुनवाई करते हुए उपभोक्ता अदालत ने बिल्डर पर जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन


उपभोक्ता विभाग ने सुनवाई करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता वहां रहना चाहता था लेकिन बिल्डर ने वहां डेवलपमेंट का काम पूरा नहीं किया, जिस कारण उन्हें वैध पजेशन नहीं मिला। डेवलपमेंट का काम न होने पर शिकायतकर्ता ने बिल्डर को कई बार कहा लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। नतीजतन, इस मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बिल्डर को जमा की गई तारीखों से 4.50 लाख रुपये की जमा राशि पर 9 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित पैसे वापस करने होंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि उसे 30 दिनों के भीतर देनी होगी।
विज्ञापन


ऐसा न करने पर वास्तविक वापसी तक राशि पर 12 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज लगेगा। उपभोक्ता अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि बिल्डर को शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के मुआवजे के साथ-साथ मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 25 हजार रुपये की राशि का भुगतान भी करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिमाचल प्रदेश के जिला कांगडा के गांव कौसरी खास की रहने वाली सुलक्षणा ने गुरु तेग बहादुर नगर शिवजोत खरड़ में सहज बिल्डर के पास 11 नवंबर 2020 को ईडन सिटी में 105 गज सिंगल स्टोरी विला नंबर -109बी बुक करवाया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि विला का सौदा 28 लाख रुपये में हुआ था।
बिल्डर ने बुकिंग व टोकन मनी के तौर पर उससे 4.50 लाख रुपये लिए थे, जबकि बाकी 23.50 लाख रुपये का भुगतान रजिस्ट्री के समय किया जाना था। बुकिंग के समय बिल्डर ने शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया था कि यूनिट का निर्माण किया जाएगा और अक्तूबर 2020 तक कब्जा दे दिया जाएगा।

बिल्डर ने पांच साल तक प्रोजेक्ट पर कभी कोई काम नहीं किया, खासकर की शिकायतकर्ता की यूनिट पर। जब भी शिकायतकर्ता ने उनसे संपर्क किया तो बिल्डर ने कोई उचित जवाब नहीं दिया। पीड़ित ने 11 मार्च 2022 को उपभोक्ता अदालत में बिल्डर के खिलाफ याचिका दायर की थी। यह मामला अदालत में विचाराधीन था जिस पर सुनवाई करते हुए बिल्डर को जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed