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Mohali News: अमेरिका से डिपोर्ट होकर देश लौटीं बीबी हरजीत कौर ने लगाए आरोप, कहा-
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मोहाली। अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटीं बीबी हरजीत कौर ने इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में अपने साथ हुए बर्ताव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि वहां उन्हें परिवार से मिलने तक की अनुमति नहीं दी गई। डिटेंशन में रखे जाने के दौरान सही खाना और दवाइयां भी उपलब्ध नहीं करवाई गईं। यहां तक कि पीने के पानी की जगह उन्हें सिर्फ बर्फ दी जाती रही। बीबी हरजीत कौर ने कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्होंने कई बार दवा मांगी लेकिन अधिकारी टालमटोल करते रहे।
खाना इतना खराब था कि कई बार मजबूरी में भूखा रहना पड़ा। उन्होंने बताया कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अन्य भारतीयों को भी लगभग यही हालात झेलने पड़े। इससे साफ है कि वहां प्रवासी भारतीयों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। फिलहाल बीबी हरजीत कौर मोहाली के सेक्टर-91 स्थित अपने भाई के घर में रह रही हैं। परिवार ने उनके सुरक्षित वापस लौटने पर राहत की सांस ली है। बीबी हरजीत कौर का कहना है कि अब वे चाहती हैं कि भारत सरकार इस मामले को अमेरिकी प्रशासन के समक्ष गंभीरता से उठाए ताकि आगे किसी अन्य प्रवासी को ऐसी अमानवीय परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
बीबी हरजीत कौर के आरोपों के बाद एक बार फिर अमेरिकी डिटेंशन सेंटर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले कुछ सालों में कई प्रवासी भारतीयों और अन्य देशों के नागरिकों ने भी ऐसे ही आरोप लगाए थे। अधिकतर शिकायतें खराब खाने, दवाइयों की कमी, परिवार से मिलने पर पाबंदी और खराब रहने की स्थिति को लेकर होती रही हैं।
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मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट में भी यह मुद्दा उठाया गया है कि अमेरिका में डिटेंशन सेंटरों में बंद लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। कई बार मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने और आत्महत्या तक की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों को लेकर भारत सरकार को सख्ती से आवाज उठानी चाहिए। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और भी भारतीय प्रवासी ऐसी समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। बीबी हरजीत कौर का अनुभव इस बात का सबूत है कि यह समस्या बेहद गंभीर और व्यापक है।
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खाना इतना खराब था कि कई बार मजबूरी में भूखा रहना पड़ा। उन्होंने बताया कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अन्य भारतीयों को भी लगभग यही हालात झेलने पड़े। इससे साफ है कि वहां प्रवासी भारतीयों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। फिलहाल बीबी हरजीत कौर मोहाली के सेक्टर-91 स्थित अपने भाई के घर में रह रही हैं। परिवार ने उनके सुरक्षित वापस लौटने पर राहत की सांस ली है। बीबी हरजीत कौर का कहना है कि अब वे चाहती हैं कि भारत सरकार इस मामले को अमेरिकी प्रशासन के समक्ष गंभीरता से उठाए ताकि आगे किसी अन्य प्रवासी को ऐसी अमानवीय परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
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बीबी हरजीत कौर के आरोपों के बाद एक बार फिर अमेरिकी डिटेंशन सेंटर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले कुछ सालों में कई प्रवासी भारतीयों और अन्य देशों के नागरिकों ने भी ऐसे ही आरोप लगाए थे। अधिकतर शिकायतें खराब खाने, दवाइयों की कमी, परिवार से मिलने पर पाबंदी और खराब रहने की स्थिति को लेकर होती रही हैं।
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मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट में भी यह मुद्दा उठाया गया है कि अमेरिका में डिटेंशन सेंटरों में बंद लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। कई बार मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने और आत्महत्या तक की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों को लेकर भारत सरकार को सख्ती से आवाज उठानी चाहिए। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और भी भारतीय प्रवासी ऐसी समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। बीबी हरजीत कौर का अनुभव इस बात का सबूत है कि यह समस्या बेहद गंभीर और व्यापक है।