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जीरकपुर में फ्लाईओवर के नीचे धीमी गति से चल रहा सौंदर्यीकरण का काम
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जीरकपुर। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर गेट वे ऑफ पंजाब के नाम से जाने वाले वाले शहर जीरकपुर के फ्लाईओवर के नीचे सौंदर्यीकरण का काम एक हिस्से में शुरू कर दिया गया है। लेकिन यह धीमी गति से चल रहा है। शहर में लंबे समय से फ्लाईओवर के सौंदर्यीकरण को लेकर अकाली दल और कांग्रेसियों की ओर से राजनीति की जा रही थी।
यह मुद्दा पिछले लंबे समय से चुनावी मुद्दा भी रहा है। पहले शिअद से हलका विधायक एनके शर्मा इस पर अपनी राजनीतिक रोटियां सकते रहे और उनके बाद कांग्रसी नेता दीपिंदर सिंह ढिल्लों और एमपी महारानी परनीत कौर भी यहीं करती रहीं। खैर पिछले एमपी चुनावों के दौरान महारानी परनीत कौर ने सौंदर्यीकरण करने का वादा किया था और 2019 में इसका टेंडर दो करोड़ 95 हजार रुपये का पास कर दिया गया था और दिल्ली की कंपनी को दिया था। लेकिन इसके बाद कोरोना काल के चलते इस काम में देरी हो गई थी। इसके बावजूद जनवरी, 2021 से लगातार काम चल रहा है और दिवाली पर इसका काम पूरा करने का दावा कंपनी की ओर से किया जा रहा था। इस काम को तीन फेस में बांटा गया था। पहले फेस में पटियाला लाइट प्वाइंट से पंचकूला लाइट प्वाइंट तक, दूसरे फेस में पंचकूला लाइट्स से जीपी अस्पताल तक और तीसरे फेस में पटियाला चौक लाइट्स से कोहिनूर ढाबे तक किया जाना था। लेकिन अभी तक पहले और दूसरे फेस का काम ही शुरू किया हुआ है और वह भी अधर में लटक रहा है। दुकानदारों का कहना है कि जिस गति से यह काम चल रहा है उससे तो इस काम को अभी एक साल ओर लग सकता है।
नेताओं ने पोस्टरबाजी से बिगाड़ी फ्लाईओवर के पिलरों की सूरत
एक ओर तो राजनीतिक पार्टियां उक्त फ्लाईओवर का सौंदर्यीकरण करने के दावे ठोक रही थी, वहीं दूसरी ओर इन्हीं पार्टियों की ओर से फ्लाईओवर के नीचे पोस्टरबाजी करके पिलरों की सूरत को बिगाड़ा जा रहा है। जैसे-जैसे पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। वैसे-वैसे राजनीतिक पार्टियों के नेता अपने-अपने पोस्टर फ्लाईओवर के नीचे चिपका रहे हैं। शिअद के हलका विधायक एनके शर्मा, आम आदमी पार्टी से नवजोत सैनी, कुलजीत रंधावा और सुभाष शर्मा की ओर से फ्लाईओवर के पिलरों को पोस्टरों से भर दिया गया है। अगर शहर की साफ-सफाई का ध्यान रखने वाले जिम्मेदार लोग ही शहर को बदसूरत बनाने में लगे हुए हैं तो बाकी को क्या दोष दे सकते हैं। राजनीतिक पार्टियों को शहर के सौंदर्यीकरण की ओर ध्यान देने की जरूरत है।
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यह मुद्दा पिछले लंबे समय से चुनावी मुद्दा भी रहा है। पहले शिअद से हलका विधायक एनके शर्मा इस पर अपनी राजनीतिक रोटियां सकते रहे और उनके बाद कांग्रसी नेता दीपिंदर सिंह ढिल्लों और एमपी महारानी परनीत कौर भी यहीं करती रहीं। खैर पिछले एमपी चुनावों के दौरान महारानी परनीत कौर ने सौंदर्यीकरण करने का वादा किया था और 2019 में इसका टेंडर दो करोड़ 95 हजार रुपये का पास कर दिया गया था और दिल्ली की कंपनी को दिया था। लेकिन इसके बाद कोरोना काल के चलते इस काम में देरी हो गई थी। इसके बावजूद जनवरी, 2021 से लगातार काम चल रहा है और दिवाली पर इसका काम पूरा करने का दावा कंपनी की ओर से किया जा रहा था। इस काम को तीन फेस में बांटा गया था। पहले फेस में पटियाला लाइट प्वाइंट से पंचकूला लाइट प्वाइंट तक, दूसरे फेस में पंचकूला लाइट्स से जीपी अस्पताल तक और तीसरे फेस में पटियाला चौक लाइट्स से कोहिनूर ढाबे तक किया जाना था। लेकिन अभी तक पहले और दूसरे फेस का काम ही शुरू किया हुआ है और वह भी अधर में लटक रहा है। दुकानदारों का कहना है कि जिस गति से यह काम चल रहा है उससे तो इस काम को अभी एक साल ओर लग सकता है।
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नेताओं ने पोस्टरबाजी से बिगाड़ी फ्लाईओवर के पिलरों की सूरत
एक ओर तो राजनीतिक पार्टियां उक्त फ्लाईओवर का सौंदर्यीकरण करने के दावे ठोक रही थी, वहीं दूसरी ओर इन्हीं पार्टियों की ओर से फ्लाईओवर के नीचे पोस्टरबाजी करके पिलरों की सूरत को बिगाड़ा जा रहा है। जैसे-जैसे पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। वैसे-वैसे राजनीतिक पार्टियों के नेता अपने-अपने पोस्टर फ्लाईओवर के नीचे चिपका रहे हैं। शिअद के हलका विधायक एनके शर्मा, आम आदमी पार्टी से नवजोत सैनी, कुलजीत रंधावा और सुभाष शर्मा की ओर से फ्लाईओवर के पिलरों को पोस्टरों से भर दिया गया है। अगर शहर की साफ-सफाई का ध्यान रखने वाले जिम्मेदार लोग ही शहर को बदसूरत बनाने में लगे हुए हैं तो बाकी को क्या दोष दे सकते हैं। राजनीतिक पार्टियों को शहर के सौंदर्यीकरण की ओर ध्यान देने की जरूरत है।
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