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Mohali News: स्नैचिंग के मामले में आरोपी को जमानत, 40 हजार जमानत बांड भरने के निर्देश
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अदालत ने कहा कि सह अभियुक्त के बयान पर याचिकाकर्ता को किया था नामजद
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। स्नैचिंग के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी। मामले में याचिकाकर्ता गुरदीप सिंह उर्फ दिप्पी को अदालत ने जमानत दी है। सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि पहले एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ थी। सह-अभियुक्त ने बयान में गुरदीप सिंह का नाम लिया था। बाद में पुलिस ने गुरदीप सिंह को मामले में आरोपी के रूप में शामिल किया था और उसे गिरफ्तार किया था।
अदालत ने कहा कि इसमें संदेह नहीं कि एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ थी, लेकिन इस स्तर पर आवेदक-अभियुक्त की बेगुनाही के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। आवेदक-अभियुक्त का आपराधिक दायित्व यदि कोई है तो वह प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर मुकदमे के अधीन होगा। चालान पेश होने और मुकद्दमे के समापन में काफी समय लगेगा। जांच एजेंसी को आगे की पूछताछ की जरूरत नहीं है। इसलिए इस आरोपी को अनिश्चित काल तक सलाखों के पीछे रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा, खासकर जब वह जमानत के सभी नियमों और शर्तों का पालन करने के लिए तैयार हो। इन तथ्यों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जमानत आवेदन को स्वीकार करने का मामला बनता है। यह जमानत आवेदन तदनुसार स्वीकार किया जाता है। अभियुक्त गुरदीप सिंह उर्फ दिप्पी को 40 हजार रुपये की राशि का जमानत बांड भरने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी वकील ने किया विरोध
सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत में तर्क रखा कि आरोपी के खिलाफ शिकायतकर्ता भानू निवासी हिसार की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। 6 नवंबर, 2023 को वह अपने बैंक प्रशिक्षण के सिलसिले में मोहाली आया था। रात करीब साढ़े 9 बजे वह जीरकपुर के बस स्टैंड से अंबाला जाने के लिए टैक्सी में सवार हुआ। कार में उसके अलावा अन्य तीन लोग थे। रात करीब 10 बजे जब टैक्सी डेराबस्सी से थोड़ा आगे पहुंची तो चालक ने उसे भूषण फैक्टरी गांव हरिपुर की ओर मोड़ दिया। कार में सवार लोगों ने उससे 1600 रुपये, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और एचडीएफसी बैंक का एटीएम कार्ड छीन लिया और चाकू की नोक पर जबरन एटीएम कार्ड का पिन ले लिया।इसके बाद कार सवार सभी लोग उसे इंडसइंड बैंक डेराबस्सी के एटीएम पर ले गए और एटीएम कार्ड के जरिये बैंक से 26000 रुपये निकाल लिए। उसने बाद में पुलिस को शिकायत दी और मामला दर्ज किया। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि 25 नवंबर 2023 को पुलिस ने आरोपी राजिंदर सिंह उर्फ गंगू को गिरफ्तार किया था। उसके बयान पर गुरदीप सिंह उर्फ दिप्पी और अभिमन्यु उर्फ मन्नू को नामजद किया। सभी ने एक साथ वारदात को अंजाम दिया। उसका अपराध जमानत योग्य नहीं है, इसलिए उसकी नियमित जमानत याचिका को रद्द किया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। स्नैचिंग के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी। मामले में याचिकाकर्ता गुरदीप सिंह उर्फ दिप्पी को अदालत ने जमानत दी है। सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि पहले एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ थी। सह-अभियुक्त ने बयान में गुरदीप सिंह का नाम लिया था। बाद में पुलिस ने गुरदीप सिंह को मामले में आरोपी के रूप में शामिल किया था और उसे गिरफ्तार किया था।
अदालत ने कहा कि इसमें संदेह नहीं कि एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ थी, लेकिन इस स्तर पर आवेदक-अभियुक्त की बेगुनाही के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। आवेदक-अभियुक्त का आपराधिक दायित्व यदि कोई है तो वह प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर मुकदमे के अधीन होगा। चालान पेश होने और मुकद्दमे के समापन में काफी समय लगेगा। जांच एजेंसी को आगे की पूछताछ की जरूरत नहीं है। इसलिए इस आरोपी को अनिश्चित काल तक सलाखों के पीछे रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा, खासकर जब वह जमानत के सभी नियमों और शर्तों का पालन करने के लिए तैयार हो। इन तथ्यों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जमानत आवेदन को स्वीकार करने का मामला बनता है। यह जमानत आवेदन तदनुसार स्वीकार किया जाता है। अभियुक्त गुरदीप सिंह उर्फ दिप्पी को 40 हजार रुपये की राशि का जमानत बांड भरने के निर्देश दिए गए हैं।
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सरकारी वकील ने किया विरोध
सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत में तर्क रखा कि आरोपी के खिलाफ शिकायतकर्ता भानू निवासी हिसार की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। 6 नवंबर, 2023 को वह अपने बैंक प्रशिक्षण के सिलसिले में मोहाली आया था। रात करीब साढ़े 9 बजे वह जीरकपुर के बस स्टैंड से अंबाला जाने के लिए टैक्सी में सवार हुआ। कार में उसके अलावा अन्य तीन लोग थे। रात करीब 10 बजे जब टैक्सी डेराबस्सी से थोड़ा आगे पहुंची तो चालक ने उसे भूषण फैक्टरी गांव हरिपुर की ओर मोड़ दिया। कार में सवार लोगों ने उससे 1600 रुपये, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और एचडीएफसी बैंक का एटीएम कार्ड छीन लिया और चाकू की नोक पर जबरन एटीएम कार्ड का पिन ले लिया।इसके बाद कार सवार सभी लोग उसे इंडसइंड बैंक डेराबस्सी के एटीएम पर ले गए और एटीएम कार्ड के जरिये बैंक से 26000 रुपये निकाल लिए। उसने बाद में पुलिस को शिकायत दी और मामला दर्ज किया। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि 25 नवंबर 2023 को पुलिस ने आरोपी राजिंदर सिंह उर्फ गंगू को गिरफ्तार किया था। उसके बयान पर गुरदीप सिंह उर्फ दिप्पी और अभिमन्यु उर्फ मन्नू को नामजद किया। सभी ने एक साथ वारदात को अंजाम दिया। उसका अपराध जमानत योग्य नहीं है, इसलिए उसकी नियमित जमानत याचिका को रद्द किया जाए।
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