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Mohali News: कैंसर पीड़ित 90 साल की मां की देखरेख के लिए मांगी जमानत, खारिज

Sat, 10 Jun 2023 01:56 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली Updated Sat, 10 Jun 2023 01:56 AM IST
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Bail sought for taking care of 90-year-old cancer-stricken mother, rejected
मोहाली। जालंधर में साल-2015 में कार बम ब्लास्ट के आरोपी बलविंदर सिंह उर्फ डिंपल की जमानत याचिका मोहाली की स्पेशल सीबीआई अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी ने नामधारी सतगुरुओं को बम से उड़ाने की साजिश रची थी। अदालत में उसने अपनी 90 साल की कैंसर से पीड़ित मां के इलाज के लिए जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए इन्कार कर दिया है।जानकारी के मुताबिक 2015 में पंजाब पुलिस ने एक पिंकी शर्मा नाम की महिला के बयान पर केस दर्ज किया था। इसमें महिला ने बताया था कि उसका पति जो कि कपड़ों का व्यापारी है। 4 दिसंबर, 2015 को शाम करीब साढ़े 7 बजे जगमोहन सिंह उर्फ मंगा के साथ स्विफ्ट कार से गया था, लेकिन वह वापस नहीं आया। सुबह महिला को पता चला कि उसके पति की बम ब्लास्ट करके हत्या कर दी गई है। जब पंजाब पुलिस ने आरोपी जगमोहन सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि अजय शर्मा तीन टिफिन में बम लेकर आया था। आरोपियों की साजिश नामधारी प्रमुख सतगुरु उदय सिंह और संत जगतार सिंह को हरिवल्लभ संगत सम्मेलन 2015 के दौरान बम से उड़ाने की धमकी दी थी, लेकिन जब अजय बम की जांच करने लगा तो वह फट गया था।
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इस मामले में पूछताछ में पता चला था कि बलविंदर सिंह इस मामले का मुख्य आरोपी था। उसने अब सीबीआई अदालत में 90 साल की अपनी कैंसर पीड़ित मां के इलाज के लिए यह जमानत याचिका लगाई थी। उसके वकील का कहना था कि आरोपी की मां को अंतिम स्तर का कैंसर है। उसके इलाज और कुछ देखभाल के लिए उसे जमानत दे दी जाए। वहीं सीबीआई ने इसका विरोध किया था। दलील दी थी कि आरोपी के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी पर बहुत ही गंभीर आरोप हैं। अगर उसे जमानत मिलती है तो वह गवाहों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका रद्द कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी पर बहुत ही गंभीर आरोप हैं। वह इससे पहले उच्च अदालत में भी जमानत याचिका लगा चुका है जो कि रद्द हो गई है। इस कारण जिला अदालत से भी इसे जमानत देने का कोई आधार नहीं है।
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