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Mohali News: बंबीहा गैंग के दो सदस्यों की जमानत याचिका खारिज, अदालत ने आरोपों को गंभीर बताया
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मोहाली। फिरौती के लिए लोगों को धमकाने और शूटरों को अवैध हथियार उपलब्ध करवाने के मामले में बंबीहा गैंग के दो सदस्यों की जमानत याचिका मोहाली की अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया है।
आरोपी गुरकीरत सिंह (21) और गुरसिमरन सिंह उर्फ सन्नी बोपाराय (27) ने अपने वकील के माध्यम से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने सरकारी और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद दोनों की याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया दोनों आरोपी संगठित आपराधिक गिरोह दविंदर बंबीहा गैंग के सदस्य हैं। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने इन आरोपियों को नामजद किया था। अदालत के अनुसार, इस गिरोह को विदेश में रह रहे शगनप्रीत सिंह और परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा द्वारा संचालित किया जाता है।
आरोपों की गंभीरता
अदालत के आदेश के अनुसार, दोनों आरोपियों पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पैसे वसूलने के लिए लोगों को धमकाने में सक्रिय रहने का आरोप है। इसके अलावा, शगनप्रीत सिंह के शूटरों के लिए गैरकानूनी हथियारों का प्रबंध करने में भी उनकी भूमिका बताई गई है। अदालत ने इन आरोपों को गंभीर प्रकृति का बताया है। रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपियों की कथित तौर पर अपराध में सक्रिय भूमिका रही है।
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रिहाई पर आशंकाएं
अदालत ने जमानत देने से इन्कार करते हुए कहा कि आरोपियों को रिहा किए जाने पर उनके मुकदमे से बचने के लिए फरार होने की आशंका है। सरकारी पक्ष के साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। इन परिस्थितियों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने गुरकीरत सिंह और गुरसिमरन सिंह उर्फ सन्नी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
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आरोपी गुरकीरत सिंह (21) और गुरसिमरन सिंह उर्फ सन्नी बोपाराय (27) ने अपने वकील के माध्यम से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने सरकारी और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद दोनों की याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया दोनों आरोपी संगठित आपराधिक गिरोह दविंदर बंबीहा गैंग के सदस्य हैं। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने इन आरोपियों को नामजद किया था। अदालत के अनुसार, इस गिरोह को विदेश में रह रहे शगनप्रीत सिंह और परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा द्वारा संचालित किया जाता है।
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आरोपों की गंभीरता
अदालत के आदेश के अनुसार, दोनों आरोपियों पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पैसे वसूलने के लिए लोगों को धमकाने में सक्रिय रहने का आरोप है। इसके अलावा, शगनप्रीत सिंह के शूटरों के लिए गैरकानूनी हथियारों का प्रबंध करने में भी उनकी भूमिका बताई गई है। अदालत ने इन आरोपों को गंभीर प्रकृति का बताया है। रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपियों की कथित तौर पर अपराध में सक्रिय भूमिका रही है।
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रिहाई पर आशंकाएं
अदालत ने जमानत देने से इन्कार करते हुए कहा कि आरोपियों को रिहा किए जाने पर उनके मुकदमे से बचने के लिए फरार होने की आशंका है। सरकारी पक्ष के साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। इन परिस्थितियों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने गुरकीरत सिंह और गुरसिमरन सिंह उर्फ सन्नी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।