बदरीनाथ हादसाः चार परिवारों की खुशियां मातम में बदली, चारों तरफ शोक की लहर
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ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार दोपहर हुए सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। इसमें से तीन मोहाली से हैं। इस घटना ने मोहाली को गहरे जख्म दिए हैं। इससे पूरे जिले में मातम पसर गया। हादसे में चार परिवारों की खुशियों पर ग्रहण लगा है। हादसे में मारे गए कई लोग तो ऐसे हैं, जिनके सहारे ही पूरा परिवार चल रहा था।
वहीं, परिवार वालों को अभी तक भी इस संबंधी पूरी जानकारी नहीं है। जो भी खबर सुन रहे हैं, उन्हें विश्वास तक नहीं हो रहा है कि आखिर यह क्या हो गया है। पता चला है कि जिस गाड़ी में सारे रवाना हुए थे, वह लालड़ू निवासी व्यक्ति की थी जिसे रायपुरानी व्यक्ति चला रहा था। गाड़ी का मालिक भी वहां के लिए रवाना हो गया है।
प्राइवेट कंपनी में काम करता था गुरप्रीत, दो बच्चों का था पिता
ऋषिकेश के निकट हुए दर्दनाक हादसे में लालड़ू के पास पड़ते गांव सरसीणी के एक 33 साल के नौजवान की मौत की खबर से गांव सहित इलाके में शोक की फैल गई। हादसे में मारे एक युवक की पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। वह अपने 9 दोस्तो के साथ हेमकुंट साहिब की यात्रा के लिए शुक्रवार को गया था। रास्ते में जाते समय अचानक हुए हादसे का शिकार हो गए।
मृतक प्राइवेट कंपनी में सर्वे का काम करता था। वह अपने पीछे पत्नी सहित एक बेटा व एक बेटी छोड़ गया है। परिवार को शाम चार बजे इस संबंधी सूचना मिली थी। इसके बाद परिवार के सदस्य वहां के लिए रवाना हो गए। पता चला है कि उन्हें ऋषिकेश में रास्ते में रोक लिया गया है।
गुरुदीप के सहारे था सारा परिवार
सड़क हादसे में जयंती माजरी गरीबदास निवासी गुरुदीप सिंह (35) पुत्र वचना राम की भी मौत हुई है। गांव के सरपंच सोम नाथ ने बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। वह दोस्तों के साथ उत्तराखंड में माथा टेकने के लिए गया था। उसका एक दस साल का बेटा और पत्नी है। पिता बिजली में विभाग में थे जिनकी मौत हो चुकी है। एक छोटा भाई भी है लेकिन परिवार को उसी का सहारा था।
सारे काम परिवार के वही देखता था। वह काफी मिलनसार था। किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि वह अब नहीं रहा है। उन्होंने बताया कि पता चला है कि शाम चार बजे के करीब परिवार को पुलिस का फोन आया था। उसके बाद उसके रिश्तेदार घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं। रविवार को वे शव लेकर गांव पहुंचेंगे जिसके बाद मृतक का संस्कार किया जाएगा।
तेजेंद्र की मौत के बाद मुंडी कांप्लेक्स में पसरा सन्नाटा
सड़क हादसे में तेजेंद्र सिंह (43) पुत्र जसपाल सिंह की भी मौत हो गई। उनकी मौत का किसी को विश्वास नहीं हो रहा है। वह सरकारी कर्मचारी था। वह सेक्टर-70 स्थित मुंडी कांप्लेक्स में बेटी और पत्नी समेत रहते हैं। इसके अलावा अन्य पारिवारिक सदस्य भी शहर में रहते हैं। परिवार का शहर में अच्छा रसूख है। पता चला है कि पुलिस ने परिवार को सूचना दी गई थी कि हादसे में तेजेंद्र सिंह घायल हो गए हैं।
इसके बाद अन्य पारिवारिक सदस्य भी इकट्ठा हो गए। मुंडी कांप्लेक्स सोसायटी के प्रधान एस लांबा ने बताया कि उन्हें भी पता चला है कि हादसा हुआ है लेकिन ज्यादा जानकारी उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि तेजेंद्र सिंह काफी मिलनसार थे और अपने काम से मतलब रखने वाले थे।