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Mohali News: सांड़ों की भिड़ंत में साइकिल से जा रहे बुजुर्ग संतुलन बिगड़ने से बिजली के खंभे से टकराकर हुए घायल, अस्पताल में हुई मौत

Tue, 13 Jan 2026 02:39 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 02:39 AM IST
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An elderly man riding a bicycle was injured when he lost his balance and struck an electric pole during a bullfight. He died in the hospital
डेराबस्सी। लावारिस पशुओं में हुई भिड़ंत के कारण साइकिल से जा रहे एक बुजुर्ग का संतुलन बिगड़ गया। उनकी साइकिल बिजली के खंभे से टकरा गई। 22 दिसंबर को हुए हादसे में घायल बुजुर्ग को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उनकी मौत हो गई है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय सुरिंदरपाल सिंह निवासी बालाजी नगर के रूप में हुई है। वह पेशे से प्लंबर था। यह पूरी घटना गली के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इसमें स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सुरिंदरपाल सिंह साइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान लावारिस पशुओं की आपस में भिड़ंत हो गई।
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22 दिसंबर की शाम सुरिंदरपाल सिंह काम खत्म कर साइकिल से घर लौट रहे थे। जब वह अपने घर की गली के बाहर पहुंचे, तो वहां दो सांड़ भिड़ रहे थे। भिड़ंत इतनी हिंसक को गई कि पास से गुजर रहे सुरिंदरपाल सिंह की साइकिल का संतुलन बिगड़ गया। हादसे में वे सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभे से जा टकराए। वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें घायल अवस्था में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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मृतक के बेटे हरप्रीत सिंह ने कहा कि उनके पिता की मौत शहर में घूम रहे लावारिस पशुओं के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि शहर में जगह-जगह पशु घूमते रहते हैं, जो अक्सर स्थानीय लोगों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। इससे पहले भी शहर में इसी तरह लावारिस पशुओं के कारण दो लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हैं। इन्हें पकड़ने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा रही। उन्होंने रोष जताकर कहा कि सरकार ‘गो-सेस’ के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल करती है, लेकिन आवारा पशुओं पर काबू पाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जाते।
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इस संबंध में नगर परिषद के कार्यसाधक अधिकारी रवनीत सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जल्द ही संबंधित क्षेत्र में अभियान चलाकर आवारा पशुओं को पकड़कर गोशाला पहुंचाया जाएगा।
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