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मोहाली: पांच अप्रैल तक बढ़ी बिक्रम मजीठिया की न्यायिक हिरासत, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुए पेश

Tue, 22 Mar 2022 02:03 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 22 Mar 2022 02:03 PM IST
सार

बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ पिछले साल 20 दिसंबर को एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर स्टेट क्राइम ब्रांच ने ड्रग तस्करी के मामले में केस दर्ज किया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी।

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Akali Leader Bikram Singh Majithia judicial custody extended till April 5
बिक्रम मजीठिया। - फोटो : फाइल

विस्तार

मोहाली अदालत ने ड्रग तस्करी से जुड़े केस में पटियाला जेल में बंद सीनियर अकाली नेता एवं पूर्व विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया की न्यायिक हिरासत पांच अप्रैल तक बढ़ा दी है। मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मजीठिया की पेशी हुई। इसके बाद अदालत ने न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया। हालांकि उनके वकील अदालत में पेश हुए। वकील ने कहा कि उम्मीद है कि नई सरकार निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच करेगी। साथ ही सारी सच्चाई लोगों के सामने आएगी।

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बिक्रम मजीठिया पर पिछली कांग्रेस सरकार ने ड्रग तस्करी से जुड़े मामले में केस दर्ज किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने ड्रग तस्करों को पनाह दी। साथ ही वे इस मामले में शामिल थे। एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। वहीं अकाली दल एवं मजीठिया का कहना था कि राजनीतिक बदले की भावना के तहत उन पर केस दर्ज किया गया है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें विधानसभा चुनाव के बाद अदालत में सरेंडर करने को कहा था। इसके बाद उन्होंने अमृतसर ईस्ट से कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ चुनाव लड़ा था। और फिर मोहाली अदालत में सरेंडर कर दिया था। हालांकि चुनाव में वह हार गए थे।
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पंजाब की नई सरकार बिक्रम मजीठिया के खिलाफ जांच कर रही एसआईटी का पुनर्गठन किया है। नई एसआईटी की निगरानी आईजीपी (अपराध) गुरशरण सिंह संधू करेंगे।मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जारी पुलिस विभाग के संबंध में यह पहला आदेश था। नई टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी एआईजी डॉ. राहुल एस करेंगे। इसमें चार अन्य सदस्य होंगे। पिछली एसआईटी में एआईजी बलराज सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम इस मामले की जांच कर रही थी। 
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20 दिसंबर, 2021 को एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पूर्व मंत्री और शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। 49 पन्नों की प्राथमिकी एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू, एसटीएफ के प्रमुख, ड्रग्स के खिलाफ जांच रिपोर्ट पर आधारित थी।

पिछले साल दर्ज किया गया था केस  

बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ पिछले साल 20 दिसंबर को एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर स्टेट क्राइम ब्रांच ने ड्रग तस्करी के मामले में केस दर्ज किया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। इसमें मजीठिया ने विधानसभा चुनाव को आधार बनाकर 23 फरवरी तक मजीठिया की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट की मोहलत के बाद बीती 24 मार्च को जिला अदालत पहुंचकर बिक्रम सिंह मजीठिया ने आत्मसमर्पण किया था और साथ ही जमानत के लिए याचिका दायर की थी लेकिन अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले मजीठिया को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पटियाला भेज दिया और 24 मार्च को जमानत के लिए लगाई याचिका को सुनवाई के बाद रद्द कर दिया गया है।

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