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Mohali News: न्यूनतम वेतन में संशोधन और वृद्धि नहीं करने पर एटक ने की रैली
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धरना देकर प्रदर्शन करते कर्मचारी। संवाद
मोहाली। फेज-10 स्थित लेबर भवन के बाहर पंजाब एटक ने वीरवार को रैली कर प्रदर्शन किया। इसमें पंजाब सरकार द्वारा श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में संशोधन और वृद्धि न करने के विरोध में नारेबाजी की गई। कर्मचारियों की मांग थी कि इस महंगाई के दौर में न्यूनतम वेतन 35,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
रैली के दौरान प्रधान एटक नेता बंत सिंह बराड़, निर्मल सिंह धालीवाल, सुखदेव शर्मा, अमरजीत असाल, जगदीश सिंह चहल ने कहा कि अधिनियम के अनुसार न्यूनतम मजदूरी को हर पांच साल के बाद संशोधित किया जाना है, लेकिन पंजाब में अकाली, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकारों ने पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के दबाव या मिलीभगत के कारण मजदूरी में वृद्धि नहीं की है। उन्होंने कहा कि मान सरकार अपने दिल्ली के आका के निर्देशानुसार उद्योगपतियों के साथ पूरी तरह से जुड़ चुकी है।
लुधियाना जैसे औद्योगिक शहर में उपचुनाव को हर कीमत पर ध्यान में रखकर मजदूरों के वेतन में वृद्धि न करके उद्योगपतियों को खुश कर रही है। रैली के दौरान उन्होंने सरकार को चेतावनी देकर कहा कि वास्तविक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों के वेतन में अविलंब संशोधन किया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो सरकार को श्रमिकों के रोष का सामना करना पड़ेगा।
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रैली के दौरान प्रधान एटक नेता बंत सिंह बराड़, निर्मल सिंह धालीवाल, सुखदेव शर्मा, अमरजीत असाल, जगदीश सिंह चहल ने कहा कि अधिनियम के अनुसार न्यूनतम मजदूरी को हर पांच साल के बाद संशोधित किया जाना है, लेकिन पंजाब में अकाली, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकारों ने पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के दबाव या मिलीभगत के कारण मजदूरी में वृद्धि नहीं की है। उन्होंने कहा कि मान सरकार अपने दिल्ली के आका के निर्देशानुसार उद्योगपतियों के साथ पूरी तरह से जुड़ चुकी है।
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लुधियाना जैसे औद्योगिक शहर में उपचुनाव को हर कीमत पर ध्यान में रखकर मजदूरों के वेतन में वृद्धि न करके उद्योगपतियों को खुश कर रही है। रैली के दौरान उन्होंने सरकार को चेतावनी देकर कहा कि वास्तविक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों के वेतन में अविलंब संशोधन किया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो सरकार को श्रमिकों के रोष का सामना करना पड़ेगा।
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