फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Aerotropolis: GMADA announces compensation award of 23,457 crore

एरोट्रोपोलिस: गमाडा ने घोषित किया ₹23,457 करोड़ का मुआवजा अवॉर्ड

Tue, 21 Jul 2026 02:20 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:20 AM IST
विज्ञापन
Aerotropolis: GMADA announces compensation award of 23,457 crore
मोहाली। पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी एरोट्रोपोलिस परियोजना के लिए ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने सोमवार को भूमि अधिग्रहण अवॉर्ड घोषित किए। इसके तहत आठ गांवों की 3522.98 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। कुल 23,457 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया है। जमीन मालिकों को 120 दिन में मुआवजा विकल्प चुनना होगा। गमाडा के भूमि अधिग्रहण कलेक्टर रोहित जिंदल ने बताया कि मुआवजा राशि उचित प्रतिकर एवं भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुनर्स्थापन में पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार तय की गई है। इसमें भूमि का बाजार मूल्य, मल्टीप्लायर फैक्टर, 100 फीसदी सांत्वना राशि और 12 फीसदी अतिरिक्त राशि शामिल है। जमीन मालिकों को नकद मुआवजा या लैंड पूलिंग नीति का लाभ उठाने का विकल्प दिया गया है। लैंड पूलिंग के तहत प्रत्येक एकड़ भूमि के बदले 1630 वर्ग गज का आवासीय एंटाइटलमेंट मिलेगा। दूसरा विकल्प 1000 वर्ग गज आवासीय एंटाइटलमेंट के साथ 210 वर्ग गज व्यावसायिक भूखंड का है।
विज्ञापन

अधिग्रहित गांव और मुआवजा राशि
परियोजना के दायरे में कुरड़ी, पत्तों, स्याऊ, बड़ी, मटरां, बाकरपुर, छत्त और किशनपुरा सहित आठ गांवों की जमीन शामिल है। सबसे अधिक 1395.90 एकड़ भूमि कुरड़ी गांव से अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए 8778.81 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया है। मटरां गांव को प्रति एकड़ सबसे अधिक 8.28 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। स्याऊ गांव को 7.32 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन



मुआवजे के विकल्प और अन्य प्रावधान
लैंड पूलिंग के लिए आवेदन करने की समय सीमा 120 दिन निर्धारित की गई है। जिन किसानों की हिस्सेदारी छोटी है, उन्हें विशेष एलओआई जारी किए जाएंगे। इन्हें बाद में नियमित एलओआई में बदला जा सकेगा। गमाडा ने ग्रामीणों की मांगों को ध्यान में रखते हुए गांवों की फिरनी से सटे रिहायशी मकानों तथा सरकार द्वारा आवंटित पांच मरला प्लॉटों को अधिग्रहण से बाहर रखा है। खेतों में बने मकानों के पात्र मालिकों को पंजाब सरकार की रिलोकेशन नीति-2014 के तहत विकसित सेक्टरों में प्लॉट दिए जाएंगे। पात्र भूमि मालिकों को सहूलियत प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर स्टांप ड्यूटी में छूट और प्राथमिकता से ट्यूबवेल कनेक्शन जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



किसान नेता को किया नजरबंद
भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों ने सोमवार को गमाडा कार्यालय के बाहर धरना देने का एलान किया था। इसे देखते हुए परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। धरना देने पहुंचे कई किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। किसान नेता नछत्तर सिंह बैदवान को सुबह उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी सहमति के बिना जमीन अधिग्रहित कर रही है। उन्होंने कहा कि वे अपने भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed