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Mohali News: सात साल पुराने सड़क हादसे में बरी आरोपी दोषी करार, दो साल की सजा
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मोहाली। करीब सात वर्ष पुराने सड़क हादसे के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने निचली अदालत का बरी करने का फैसला पलटते हुए परविंदर सिंह उर्फ पिंदरा को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337 और 304-ए के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास सहित विभिन्न सजाएं सुनाई हैं। यह फैसला पंजाब सरकार की उस अपील पर आया, जिसमें 1 नवंबर 2018 को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए बरी करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
मामला 15 जनवरी 2016 का है। अभियोजन के अनुसार, हरमीत कौर और उनकी सहेली मनदीप कौर एक्टिवा से चंडीगढ़ लौट रही थीं। अंबाला-बनूड़ रोड पर पीछे से तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा को टक्कर मार दी। हादसे में मनदीप कौर की मौके पर मौत हो गई, जबकि हरमीत कौर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
अदालत ने कहा कि घायल प्रत्यक्षदर्शी हरमीत कौर की गवाही विश्वसनीय है। उन्होंने घटना के तुरंत बाद वाहन का नंबर नोट किया और अदालत में आरोपी की पहचान भी की। अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्य स्पष्ट रूप से साबित करते हैं कि हादसे के समय कार आरोपी ही चला रहा था। अदालत ने धारा 304-ए के तहत दो वर्ष तथा धारा 279 और 337 के तहत छह-छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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मामला 15 जनवरी 2016 का है। अभियोजन के अनुसार, हरमीत कौर और उनकी सहेली मनदीप कौर एक्टिवा से चंडीगढ़ लौट रही थीं। अंबाला-बनूड़ रोड पर पीछे से तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा को टक्कर मार दी। हादसे में मनदीप कौर की मौके पर मौत हो गई, जबकि हरमीत कौर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
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अदालत ने कहा कि घायल प्रत्यक्षदर्शी हरमीत कौर की गवाही विश्वसनीय है। उन्होंने घटना के तुरंत बाद वाहन का नंबर नोट किया और अदालत में आरोपी की पहचान भी की। अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्य स्पष्ट रूप से साबित करते हैं कि हादसे के समय कार आरोपी ही चला रहा था। अदालत ने धारा 304-ए के तहत दो वर्ष तथा धारा 279 और 337 के तहत छह-छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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