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Mohali News: डाटा चोरी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप, डेराबस्सी के युवक पर मामला दर्ज
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मोहाली। आईटी कंपनी का डाटा चोरी करके आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में साइबर क्राइम पुलिस ने कंपनी के पूर्व कर्मचारी पर आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ कंपनी के डायरेक्टर अतुल शर्मा निवासी अमरावती एन्क्लेव पंचकूला ने शिकायत दी थी। आरोपी की पहचान सचिन बग्गा निवासी डेराबस्सी के रूप में हुई है।
अतुल शर्मा ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसकी एक आईटी सेवा कंपनी है। इसका नाम नेटवर्किंग आईटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है। इसमें वह ऑनलाइन आईटी सेवाएं प्रदान करते हैं। उक्त कंपनी उन्होंने वर्ष 2017 में पंजीकृत करवाई थी। उनकी कंपनी में लगभग 12000 छात्र हैं, जिनके अलावा अन्य छात्र हैं जो यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से जुड़े हैं। उनकी कंपनी ने ऑनलाइन प्रमोशन के लिए अपनी आईटी का इस्तेमाल किया है। कोर्स पर गूगल के माध्यम से लगभग 5 करोड़ 41 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। प्रमोशन पूरा करके छात्र उनकी वेबसाइट पर अपना फॉर्म भरता है, जो उनकी कंपनी के सीआरएम सॉफ्टवेयर में सेव होता है। फॉर्म भरने वाले छात्र के डाटा का विश्लेषण करने की शक्ति सेल्स मैनेजर और अन्य सेल्स विभाग को मिल जाती है।
आरोपी सचिन बंगा 24 सितंबर 2020 को सेल्स एसोसिएट के रूप में उनकी कंपनी में शामिल हुए। कर्मचारी सचिन को कंपनी ने लैपटॉप और मोबाइल प्रदान किया था। इसमें सेल्स विभाग, सीआरएम सॉफ्टवेयर से डेटा एक्सेस करने के बाद 2 फरवरी 2022 को उन्हें पता चला कि उसने उनकी कंपनी के एक छात्र का डेटा अपने निजी फोन में सेव कर रखा था। कार्रवाई से बचने के लिए उसने उस समय माफी मांगी और डेटा डिलिट कर दिया, इस कारण उन्होंने भी उसे माफ कर दिया। सचिन बग्गा ने 24 मार्च 2025 से 29 मार्च 2025 तक कंपनी से मेडिकल लीव ली, जिसके बाद वह 31 मार्च 2025 को कंपनी में वापस आया। इसी दौरान उन्होंने नेक्स्टजेन आईटी कोर्सेज यू-ट्यूब चैनल शुरू किया। इस चैनल की जानकारी के अनुसार यह चैनल 29 मार्च 2025 को बनाया गया था, जबकि उस समय सचिन उनकी कंपनी का कर्मचारी था। उसने उनकी कंपनी छोड़े बिना उनकी कंपनी के समान पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए चैनल खोल लिया।
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कंपनी की शर्तों के अनुसार उसने नौकरी छोड़ने से पहले एक लाख रुपये जमा नहीं करवाए और 23 अप्रैल 2025 को कंपनी के एक कर्मचारी को उसकी कंपनी की प्रॉपर्टी का लैपटॉप और मोबाइल सचिन के घर लाने के लिए भेजा, लेकिन उसने उनकी कंपनी के लैपटॉप में सेव सारा डेटा फार्मेट कर दिया। इस दौरान उनके पेड स्टूडेंट ने उन्हें बताया कि कोई दूसरी कंपनी उन्हें व्हाट्सएप मैसेज के जरिए उनकी कंपनी के कोर्सेज से मिलते-जुलते कोर्स ऑफर कर रही है, जिससे पता चलता है कि उसने उनकी कंपनी के स्टूडेंट का डेटा चुराया है। उसके जरिए स्टूडेंट से संपर्क किया है। आरोप है सचिन बग्गा ने डाटा चोरी कर उनकी कंपनी के 30 पेड स्टूडेंट्स को अपनी कंपनी के कोर्सेज जॉइन करने के लिए संपर्क किया है। सचिन ने कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है जिसके चलते साइबर पुलिस ने उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 43, 66 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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अतुल शर्मा ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसकी एक आईटी सेवा कंपनी है। इसका नाम नेटवर्किंग आईटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है। इसमें वह ऑनलाइन आईटी सेवाएं प्रदान करते हैं। उक्त कंपनी उन्होंने वर्ष 2017 में पंजीकृत करवाई थी। उनकी कंपनी में लगभग 12000 छात्र हैं, जिनके अलावा अन्य छात्र हैं जो यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से जुड़े हैं। उनकी कंपनी ने ऑनलाइन प्रमोशन के लिए अपनी आईटी का इस्तेमाल किया है। कोर्स पर गूगल के माध्यम से लगभग 5 करोड़ 41 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। प्रमोशन पूरा करके छात्र उनकी वेबसाइट पर अपना फॉर्म भरता है, जो उनकी कंपनी के सीआरएम सॉफ्टवेयर में सेव होता है। फॉर्म भरने वाले छात्र के डाटा का विश्लेषण करने की शक्ति सेल्स मैनेजर और अन्य सेल्स विभाग को मिल जाती है।
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आरोपी सचिन बंगा 24 सितंबर 2020 को सेल्स एसोसिएट के रूप में उनकी कंपनी में शामिल हुए। कर्मचारी सचिन को कंपनी ने लैपटॉप और मोबाइल प्रदान किया था। इसमें सेल्स विभाग, सीआरएम सॉफ्टवेयर से डेटा एक्सेस करने के बाद 2 फरवरी 2022 को उन्हें पता चला कि उसने उनकी कंपनी के एक छात्र का डेटा अपने निजी फोन में सेव कर रखा था। कार्रवाई से बचने के लिए उसने उस समय माफी मांगी और डेटा डिलिट कर दिया, इस कारण उन्होंने भी उसे माफ कर दिया। सचिन बग्गा ने 24 मार्च 2025 से 29 मार्च 2025 तक कंपनी से मेडिकल लीव ली, जिसके बाद वह 31 मार्च 2025 को कंपनी में वापस आया। इसी दौरान उन्होंने नेक्स्टजेन आईटी कोर्सेज यू-ट्यूब चैनल शुरू किया। इस चैनल की जानकारी के अनुसार यह चैनल 29 मार्च 2025 को बनाया गया था, जबकि उस समय सचिन उनकी कंपनी का कर्मचारी था। उसने उनकी कंपनी छोड़े बिना उनकी कंपनी के समान पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए चैनल खोल लिया।
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कंपनी की शर्तों के अनुसार उसने नौकरी छोड़ने से पहले एक लाख रुपये जमा नहीं करवाए और 23 अप्रैल 2025 को कंपनी के एक कर्मचारी को उसकी कंपनी की प्रॉपर्टी का लैपटॉप और मोबाइल सचिन के घर लाने के लिए भेजा, लेकिन उसने उनकी कंपनी के लैपटॉप में सेव सारा डेटा फार्मेट कर दिया। इस दौरान उनके पेड स्टूडेंट ने उन्हें बताया कि कोई दूसरी कंपनी उन्हें व्हाट्सएप मैसेज के जरिए उनकी कंपनी के कोर्सेज से मिलते-जुलते कोर्स ऑफर कर रही है, जिससे पता चलता है कि उसने उनकी कंपनी के स्टूडेंट का डेटा चुराया है। उसके जरिए स्टूडेंट से संपर्क किया है। आरोप है सचिन बग्गा ने डाटा चोरी कर उनकी कंपनी के 30 पेड स्टूडेंट्स को अपनी कंपनी के कोर्सेज जॉइन करने के लिए संपर्क किया है। सचिन ने कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है जिसके चलते साइबर पुलिस ने उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 43, 66 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।