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ईस्सापुर में दूषित पानी की जांच लुधियाना की विशेष टीम करेगी

Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
Mohali
Mohali Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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डेराबस्सी। गांव ईस्सापुर में नलों, हैंडपंपों एवं ट्यूबवेलों से दूषित पानी निकलने की जांच अब पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी, लुधियाना की एक विशेष टीम करेगी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यह आदेश गांव वालों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। हाईकोर्ट ने जांच रिपोर्ट दस सितंबर को सुनवाई वाले दिन दाखिल करने के आदेश यूनिवर्सिटी के उप कुलपति को दिए हैं।
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गांव वालों के वकील करन जंड मुलांपुर ने बताया कि हाईकोर्ट में गांव ईस्सापुर के निवासियों करनैल सिंह, हरदेव सिंह, तरलोचन सिंह, हरदित सिंह, दलजीत सिंह, मेहर सिंह एवं नरिंद्र सिंह की ओर से सिविल रिट दायर की थी। हाईकोर्ट ने उप कुलपति से कहा है कि वह एक विशेष टीम गठित कर याचिकाकर्ताओं के सामने गांव के ट्यूबवेलों एवं हैंडपंपों के पानी के नमूने लेकर उनकी जांच कराके रिपोर्ट अदालत में जमा कराएं।
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हाईकोर्ट ने पानी को पीने योग्य न पाए जाने पर इसमें सुधार के उपाय भी बताने के लिए कहा है। पंजाब प्रदुषण कंट्रोल रोकथाम बोर्ड के सचिव को भी हिदायत जारी करते हुए कहा है कि वह जल्द ही उच्च अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित कर मुहिम चला कर इलाके के औद्योगिक इकाईयों की जांच करवाएं। यह आदेश दिया है कि औद्योगिक इकाइयां क्या नियमों का पालन कर रहीं हैं। दोषी पाए जाने पर ऐसी औद्योगिक ईकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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गौरतलब है कि गांव ईस्सापुर के लोग पिछले लंबे समय से प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। गांव में हैंडपंपों, नलों एवं ट्यूबवेलाें का पानी पूरी तरह से दूषित हो गया है। गांव के लोग भयानक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। परेशान गांव वालों ने प्रदूषण विभाग के चेयरमैन, केंद्रीय प्रदूषण रोकथाम बोर्ड दिल्ली के प्रिंसिपल सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार भलाई विभाग पंजाब सहित स्थानीय प्रशासन के उच्च अधिकारियों तथा राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को शिकायत देकर गांव के निकट स्थित पंजाब केमिकल एंड करोप प्रोटेक्शन लिमिटेड, पावर लरगज लिमिटेड, प्रियांशु केमिकल प्राईवेट लिमिटेड, वरिंद्र आरगेनिक प्राईवेट लिमिटेड, एससिक्स-बायो साईंस लिमिटेड, एली केमिकल लैब प्राईवेट लिमिटेड, नेक्टर लाइफ साईंस लिमिटेड की दोनों यूनिट, सौरव केमिकल के खिलाफ क्षेत्र में खुलेआम प्रदूषण फैलाने एवं नदी नालों में दूषित पानी गिराकर पानी को दूषित करने आरोप लगाया था। समस्या से तंग गांव वाले पिछले काफी समय से प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
अदालत से इस फैसले से गांव वालों में खुशी की लहर है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अदालत के फैसले से उन्हें जल्द इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

फोटो कैपशन-
दूषित पानी के नाले के पास अदालत के आदेश की कापी दिखाते गांव वाले।
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