{"_id":"5c4a1699bdec22738f51eea7","slug":"91548359321-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंपनी ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट स्थापित करने से पीछे हटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंपनी ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट स्थापित करने से पीछे हटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- 118 सेक्टर में प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए लिया लाइसेंस सरेंडर किया
- गमाडा ने लोगों से मांगे एतराज, तीस दिन तक दे सकेंगे
अमित शर्मा
मोहाली। ग्रेटर मोहाली डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) से सेक्टर-118 में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए तनेजा डेवलपर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड टीडीआई द्वारा लिया लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। साथ ही कंपनी ने गमाडा के सामने दावा किया है कि इस रकबे में से कोई प्लॉट या फ्लैट आदि नहीं बेचा है। दूसरी तरफ गमाडा ने इस संबंधी लोगों से एतराज मांगे है। यह एतराज दस्तावेजी सबूत होंगे। वहीं, गमाडा ने साफ किया है कि तीस दिन के बाद आने वाले सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा। वहीं, भविष्य में किसी भी किस्म के कानूनी झगड़े आदि के लिए गमाडा जिम्मेदार नहीं होगा।
जानकारी के मुताबिक गमाडा की तरफ से तनेजा डेवलपर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने सेक्टर-118 बल्लोमाजरा में 20.316 एकड़ रकबे में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए 2011 लाइसेंस जारी किया है, लेकिन अब प्रमोटर इस प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसके बाद कंपनी की तरफ से लाइसेंस को सरेंडर करने के लिए एप्लीकेशन दायर की गई है। वहीं, कंपनी की तरफ से हलफिया बयान पेश किया गया है कि इस रकबे में कंपनी की तरफ कोई प्लॉट फ्लैट आदि नहीं बेचा है। दूसरी तरफ गमाडा ने प्रमोटर को लाइसेंस का सरेंडर करने की मंजूरी देने से पहले लोगों से एतराज मांगे हैं।
जिक्रयोग है कि यह कंपनी कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में ही मोहाली में आई थी। कंपनी का एक प्रोजेक्ट चल रहा है, लेकिन इसे लोग रियल एस्टेट क्षेत्र में आई मंदी से भी जोड़कर भी देख रहे हैं। दूसरी तरफ जानकारों की माने प्रोजेक्ट की जमीन एक्वायर करने को लेकर विवाद भी हो सकता है।
विज्ञापन
गमाडा ने एयरोसिटी एक्टेंशन की तैयारी की
दूसरी तरफ गमाडा की तरफ से एयरोसिटी एक्टेंशन की तैयारी कर ली है। गमाडा की तरफ से इस प्रोजेक्ट के लिए पहले ड्रोन सर्वे किया गया था। इसके साथ ही अब जमीन एक्वायर करने की अगली प्रक्रिया होगी। यह सिटी करीब 5438 एकड़ में बसाई जानी है। इस सिटी को गमाडा ने एयरोट्रोपोलिस का नाम दिया है। इसे एक से सात हिस्सों में बसाया जाना है। इसके अलावा एक्सपर्ट ग्रुप की तरफ से दी गई सिफारिशों को मंजूर कर लिया गया है। प्रोजेक्ट के लिए बाकरपुर, नारायणगढ़, किशनपुरा, सफीपुर, रुड़का, मटरा, सिआऊं, बड़ी, छत मनौली, पतों, कुरड़ी और चाओमाजरा की जमीन एक्वायर की जानी है। वहीं, इस संबंधी डीसी और एसडीएम को सूचित कर दिया गया है।
विज्ञापन
- गमाडा ने लोगों से मांगे एतराज, तीस दिन तक दे सकेंगे
अमित शर्मा
मोहाली। ग्रेटर मोहाली डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) से सेक्टर-118 में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए तनेजा डेवलपर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड टीडीआई द्वारा लिया लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। साथ ही कंपनी ने गमाडा के सामने दावा किया है कि इस रकबे में से कोई प्लॉट या फ्लैट आदि नहीं बेचा है। दूसरी तरफ गमाडा ने इस संबंधी लोगों से एतराज मांगे है। यह एतराज दस्तावेजी सबूत होंगे। वहीं, गमाडा ने साफ किया है कि तीस दिन के बाद आने वाले सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा। वहीं, भविष्य में किसी भी किस्म के कानूनी झगड़े आदि के लिए गमाडा जिम्मेदार नहीं होगा।
जानकारी के मुताबिक गमाडा की तरफ से तनेजा डेवलपर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने सेक्टर-118 बल्लोमाजरा में 20.316 एकड़ रकबे में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए 2011 लाइसेंस जारी किया है, लेकिन अब प्रमोटर इस प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसके बाद कंपनी की तरफ से लाइसेंस को सरेंडर करने के लिए एप्लीकेशन दायर की गई है। वहीं, कंपनी की तरफ से हलफिया बयान पेश किया गया है कि इस रकबे में कंपनी की तरफ कोई प्लॉट फ्लैट आदि नहीं बेचा है। दूसरी तरफ गमाडा ने प्रमोटर को लाइसेंस का सरेंडर करने की मंजूरी देने से पहले लोगों से एतराज मांगे हैं।
विज्ञापन
जिक्रयोग है कि यह कंपनी कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में ही मोहाली में आई थी। कंपनी का एक प्रोजेक्ट चल रहा है, लेकिन इसे लोग रियल एस्टेट क्षेत्र में आई मंदी से भी जोड़कर भी देख रहे हैं। दूसरी तरफ जानकारों की माने प्रोजेक्ट की जमीन एक्वायर करने को लेकर विवाद भी हो सकता है।
विज्ञापन
गमाडा ने एयरोसिटी एक्टेंशन की तैयारी की
दूसरी तरफ गमाडा की तरफ से एयरोसिटी एक्टेंशन की तैयारी कर ली है। गमाडा की तरफ से इस प्रोजेक्ट के लिए पहले ड्रोन सर्वे किया गया था। इसके साथ ही अब जमीन एक्वायर करने की अगली प्रक्रिया होगी। यह सिटी करीब 5438 एकड़ में बसाई जानी है। इस सिटी को गमाडा ने एयरोट्रोपोलिस का नाम दिया है। इसे एक से सात हिस्सों में बसाया जाना है। इसके अलावा एक्सपर्ट ग्रुप की तरफ से दी गई सिफारिशों को मंजूर कर लिया गया है। प्रोजेक्ट के लिए बाकरपुर, नारायणगढ़, किशनपुरा, सफीपुर, रुड़का, मटरा, सिआऊं, बड़ी, छत मनौली, पतों, कुरड़ी और चाओमाजरा की जमीन एक्वायर की जानी है। वहीं, इस संबंधी डीसी और एसडीएम को सूचित कर दिया गया है।