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पानी की बचत का संदेश
Updated Sun, 25 Mar 2018 01:31 AM IST
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‘पानी का संयम से प्रयोग समय की जरूरत’
धरती बन जाएगी बंजर, मानव जीवन हो जाएगा असंभव
अमर उजाला ब्यूरो
कुराली।
गांव शाहपुर और फतेहगढ़ में पानी बचाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से समागम कराया गया। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से करवाए गए समागम में डिप्टी डायरेक्टर डॉ. यशवंत सिंह विशेष तौर पर पहुंचे। समागम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पानी प्राकृतिक स्रोत है, जिसका संयम से प्रयोग करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार पानी की बर्बादी होती रही तो वह दिन दूर नहीं, जब धरती बंजर बन जाएगी और मानव जीवन असंभव हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को घर में पानी का प्रयोग करते समय उसके दुरुपयोग का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने किसानों को ऐसी फसलें बोने की सलाह दी, जिनमें पानी का प्रयोग कम हो। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स वर्ग इस मुहिम से जुड़कर इसे सफल बनाने में अहम योगदान दे सकता है। इस दौरान उन्होंने प्रयोग किए पानी का पुन: इस्तेमाल में लाने के तरीके बताए। इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर डॉ. पारूल गुप्ता, डॉ. मुनीष शर्मा ने भी संबोधित किया। इस समागम के दौरान विद्यार्थी, किसान और अध्यापक मौजूद थे।
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धरती बन जाएगी बंजर, मानव जीवन हो जाएगा असंभव
अमर उजाला ब्यूरो
कुराली।
गांव शाहपुर और फतेहगढ़ में पानी बचाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से समागम कराया गया। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से करवाए गए समागम में डिप्टी डायरेक्टर डॉ. यशवंत सिंह विशेष तौर पर पहुंचे। समागम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पानी प्राकृतिक स्रोत है, जिसका संयम से प्रयोग करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार पानी की बर्बादी होती रही तो वह दिन दूर नहीं, जब धरती बंजर बन जाएगी और मानव जीवन असंभव हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को घर में पानी का प्रयोग करते समय उसके दुरुपयोग का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने किसानों को ऐसी फसलें बोने की सलाह दी, जिनमें पानी का प्रयोग कम हो। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स वर्ग इस मुहिम से जुड़कर इसे सफल बनाने में अहम योगदान दे सकता है। इस दौरान उन्होंने प्रयोग किए पानी का पुन: इस्तेमाल में लाने के तरीके बताए। इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर डॉ. पारूल गुप्ता, डॉ. मुनीष शर्मा ने भी संबोधित किया। इस समागम के दौरान विद्यार्थी, किसान और अध्यापक मौजूद थे।