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गौशाला में नहीं बनेगा स्लाटर हाउस
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गोशाला के साथ नहीं बनाया जाएगा मॉडर्न स्लाटर हाउस
धार्मिक संस्थाओं से मीटिंग के बाद कमिश्नर ने दिया आश्वासन
स्लाटर हाउस के लिए नई जगह अलाट करवाई जाएगी
जल्दी ही इस बारे में गमाडा को लिखा जाएगा एक पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर में नए बनने वाले मॉडर्न स्लाटर हाउस का मामला एक बार फिर गर्मा गया। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर भूपिंदर सिंह ने गो सेवा समिति, गो ग्रास सेवा समिति और पार्षदों से सामूहिक मीटिंग की। इसमें गोशाला के साथ लगते हिस्से में स्लाटर हाउस बनाने का सभी ने विरोध किया। जिसके बाद कमिश्नर ने उन्हें कहा कि स्लाटर हाउस बनाना एक प्रमुख मुद्दा है। हालांकि इसके लिए जगह बदलने पर विचार किया जा सकता है। गमाडा को जगह अलाट करने के लिए लिखा जाएगा ताकि स्लाटर हाउस का काम पूरा किया जा सके।
मीटिंग शुक्रवार को नगर निगम भवन में हुई। इस दौरान मॉडर्न स्लाटर हाउस का प्रस्ताव रखा गया है। नगर निगम के कमिश्नर ने दलील दी कि स्लाटर हाउस शहर के लिए जरूरी है। उन्हें भी सरकार से इस संबंध में जवाब तलब किया गया है। ऐसे में गोशाला के पास वाली जगह पर इसे बनाया जा सकता है। जगह की निशानदेही पहले ही हो चुकी है। इस प्रस्ताव का मीटिंग में मौजूद सभी मेंबरों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि गोशाला व स्लाटर हाउस कभी इकट्ठे नहीं हो सकते हैं। इस जगह से हमारी धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं। इसका पहले भी उन्होंने विरोध किया था। वह किसी भी कीमत पर उसे वहां नहीं बनने देंगे।
कमिश्नर ने कहा कि वह उनकी भावनाओं को समझते हैं। वह जल्दी ही इस मामले में गमाडा को पत्र लिखकर जगह अलाट करने की मांग करेंगे ताकि इस काम को पूरा किया सके।
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इस मौके पर गो ग्रास सेवा समिति के महासचिव विजेता महाजन, गो-ग्रास सेवा समिति से सुधीर गोयल, पंकज अरोड़ा, अजय गांधी, दीपक शर्मा, रंजोध जंवाल, गोरी शंकर गोशाला से रमेश निकू, बीजेपी पार्षद अरुण शर्मा, अशोक झा व बॉबी कंबोज समेत कई लोग हाजिर थे।
बॉक्स
पांच साल पहले शुरू हो गया था काम
स्लाटर हाउस बनाने का काम करीब पांच साल पहले शुरू हो गया था। इस पर करीब 8.9 करोड़ रुपये की लागत आनी थी। साथ ही यह काम 18 महीने में पूरा होना था। इसमें केंद्र व राज्य सरकार दोनों ने फंड देने थे। पहले तो फंड को लेकर अड़ंगा चलता रहा। फिर कंपनियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद लोकेशन को लेकर विवाद हो गया था जिसके चलते यह प्रोजेक्ट अधर में लटक गया था।
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धार्मिक संस्थाओं से मीटिंग के बाद कमिश्नर ने दिया आश्वासन
स्लाटर हाउस के लिए नई जगह अलाट करवाई जाएगी
जल्दी ही इस बारे में गमाडा को लिखा जाएगा एक पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर में नए बनने वाले मॉडर्न स्लाटर हाउस का मामला एक बार फिर गर्मा गया। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर भूपिंदर सिंह ने गो सेवा समिति, गो ग्रास सेवा समिति और पार्षदों से सामूहिक मीटिंग की। इसमें गोशाला के साथ लगते हिस्से में स्लाटर हाउस बनाने का सभी ने विरोध किया। जिसके बाद कमिश्नर ने उन्हें कहा कि स्लाटर हाउस बनाना एक प्रमुख मुद्दा है। हालांकि इसके लिए जगह बदलने पर विचार किया जा सकता है। गमाडा को जगह अलाट करने के लिए लिखा जाएगा ताकि स्लाटर हाउस का काम पूरा किया जा सके।
मीटिंग शुक्रवार को नगर निगम भवन में हुई। इस दौरान मॉडर्न स्लाटर हाउस का प्रस्ताव रखा गया है। नगर निगम के कमिश्नर ने दलील दी कि स्लाटर हाउस शहर के लिए जरूरी है। उन्हें भी सरकार से इस संबंध में जवाब तलब किया गया है। ऐसे में गोशाला के पास वाली जगह पर इसे बनाया जा सकता है। जगह की निशानदेही पहले ही हो चुकी है। इस प्रस्ताव का मीटिंग में मौजूद सभी मेंबरों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि गोशाला व स्लाटर हाउस कभी इकट्ठे नहीं हो सकते हैं। इस जगह से हमारी धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं। इसका पहले भी उन्होंने विरोध किया था। वह किसी भी कीमत पर उसे वहां नहीं बनने देंगे।
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कमिश्नर ने कहा कि वह उनकी भावनाओं को समझते हैं। वह जल्दी ही इस मामले में गमाडा को पत्र लिखकर जगह अलाट करने की मांग करेंगे ताकि इस काम को पूरा किया सके।
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इस मौके पर गो ग्रास सेवा समिति के महासचिव विजेता महाजन, गो-ग्रास सेवा समिति से सुधीर गोयल, पंकज अरोड़ा, अजय गांधी, दीपक शर्मा, रंजोध जंवाल, गोरी शंकर गोशाला से रमेश निकू, बीजेपी पार्षद अरुण शर्मा, अशोक झा व बॉबी कंबोज समेत कई लोग हाजिर थे।
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पांच साल पहले शुरू हो गया था काम
स्लाटर हाउस बनाने का काम करीब पांच साल पहले शुरू हो गया था। इस पर करीब 8.9 करोड़ रुपये की लागत आनी थी। साथ ही यह काम 18 महीने में पूरा होना था। इसमें केंद्र व राज्य सरकार दोनों ने फंड देने थे। पहले तो फंड को लेकर अड़ंगा चलता रहा। फिर कंपनियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद लोकेशन को लेकर विवाद हो गया था जिसके चलते यह प्रोजेक्ट अधर में लटक गया था।