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बालमखीरे दे रहे हादसों को न्योता

Sun, 25 Feb 2018 01:32 AM IST
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:32 AM IST
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बालमखीरे दे रहे हादसों को न्योता
बालमखीरे दे रहे हादसों को न्योता, नगर निगम नहीं ले रहा सुध
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शहर की सभी सड़कों पर झूलते हुए बालमखीरे बने मुसीबत
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे लगे बालमखीरे लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। आए दिन लोगों के इसके चलते परेशानी होती है। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारियों की नजर इन पर नहीं पड़ रही है, जिससे लोगों में रोष है। इस मामले को कई इलाकों के पार्षद भी नगर निगम के समक्ष उठा चुके हैं।
इस बारे में जब नगर निगम के कमिश्नर संदीप हंस से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। जल्द ही बालमखीरे तुड़वाने की कार्रवाई होगी, जिसके बाद लोगों को परेशानी नहीं होगी।
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शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे बालमखीरे के पेड़ लगे हुए हैं। इनमें से फेज-1 मोहाली गांव से वाईपीएस चौक जाने वाली सड़क, पीटीएल चौक से फेज-7 वाली सड़क, पीसीएल-कुंभड़ा रोड, एसएसपी निवास स्थान से मटौर जाने वाली सड़क पर इसके पेड़ हैं। जिन पर यह फल अब पक चुके हैं। पतझड़ का मौसम शुरू होने के चलते अब बालमखीरे गिरने शुरू हो गए हैं। जो लोगों की गाड़ियों पर गिर रहे हैं। इस कारण लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
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बीजेपी पार्षद अरुण शर्मा और अशोक झा का कहना है कि यह मामला काफी गंभीर है। जिन सड़कों पर बालमखीरों के पेड़ हैं। उस सड़क पर लोगों की सबसे अधिक आवाजाही रहती है। नगर निगम को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। ताकि लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।

पहले गमाडा ने तुड़वाए थे बालमखीरे
कुछ समय पहले जब यह मामला गर्माया था, उस समय मेंटेनेंस और सड़कों का काम गमाडा देखता था। एक नामी स्कूल की दो छात्राओं ने अपनी पॉकेट देकर कुछ सड़कों से बामलखीरे तुड़वाए थे, उसके बाद गमाडा की नींद खुली थी। इसके बाद हार्टिकल्चर विंग की तरफ से बाकायदा बालमखीरे तुड़वाए गए थे। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली थी।

प्रूनिंग मशीन मिली होती तो यह समस्या नहीं आती
कुछ समय पहले नगर निगम ने शहर में लगे पेड़ों की छंटाई, बालमखीरों की तुड़ाई और साइन बोर्डों की सफाई के लिए जर्मनी से प्रूनिंग मशीन खरीदी थी। मशीन करोड़ों रुपये की लागत से खरीदी गई थी। जब यह मशीन शहर पहुंची, उसके बाद स्थानीय निकाय विभाग की तरफ मशीन की खरीद पर सवाल उठाते हुए विजिलेंस जांच करवाई गई थी। यह आरोप लगाया गया था कि मशीन खरीद में सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, लेकिन अब तक यह मशीन नहीं चल पाई। इस कारण यह काम अधर में लटक गया है।

कई लोगों की जा चुकी है जान
बालमखीरों की वजह से शहर में कई लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं। इतना ही नहीं, इसके चलते कई लोगों की जान तक जा चुकी है। कुछ समय पहले फेज-3 में एक एक्टिवा सवार पर बालमखीरे गिर गए थे, जिससे उसकी मौत हो गई। इसी तरह पंचकूला से आए एक बिजनेसमैन की कार पर बालमखीरे गिर गए थे। जिससे कार बेकाबू होकर सड़क किनारे फुटपाथ पर चढ़ गई थी। इसी तरह फेज-सात में महिलाएं बालमखीरे गिरने से घायल हो गई थीं।


क्या है बालमखीरा
बालमखीरे वृक्ष के ऊपर लगते हैं। इसके फल का वजन दो से ढाई किलो तक होता है। पतझड़ के मौसम में यह पक कर गिरने लगते हैं, जिससे हादसा होता है। पता चला है कि इससे आयुर्वेदिक दवाएं भी बनाई जाती हैं।
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