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चौबीस घंटे में डेंगू के 70 मरीज आए, कुल संख्या का आंकड़ा 2853 पर पहुंचा
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मोहाली। जिले में डेंगू का संकट गहराया हुआ है। बुधवार को भले ही डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई, जबकि 24 घंटे में 70 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें से 6 मरीज बाहरी जिलों से संबंधित हैं। सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि जिले में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 2853 पहुंच गई है, जबकि 32 लोगों ने डेंगू से जान गंवाई है।
जानकारी के मुताबिक जिले में डेंगू के सबसे ज्यादा केस घनी आबादी वाले इलाकों में सामने आए हैं। इसके अलावा सेहत विभाग की ओर से हाई रिस्क एरिया की निशानदेही की गई थी। यह लिस्ट जिला प्रशासन को भी सौंपी गई थी। साथ ही अपील की गई थी कि उक्त एरिया पर पूरी तरह से नजर रखी जाए, जिससे इस महामारी को मात दी जा सके। हालांकि इस दौरान सेहत विभाग की चेकिंग में साफ हो गया था कि उक्त एरिया में साफ सफाई की व्यवस्था मजबूत नहीं थी। जबकि कई जगह ऐसी मिली हैं जहां पर डेंगू वाले मच्छर का लारवा पैदा होता है। इन खामियों को सुधारने के लिए भी कहा गया था। हालांकि स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है, जबकि खरड़, मोहाली और कुराली के कई इलाके ऐसे हैं, जहां पर फॉगिंग तक नहीं हुई है।
सरकारी ही नहीं, निजी अस्पतालों पर भी मरीजों का बोझ
जिले के अस्पतालों में बाहरी राज्यों से आने वाले डेंगू के मरीजों का बोझ एक बार फिर बढ़ गया है। एक तरफ जहां सरकारी अस्पतालों में बेड पूरी तरह से भर गए हैं, वहीं निजी अस्पतालों में स्थिति इस तरह की बनी हुई है। मरीजों को इलाज के लिए परेशानी आ रही है। हालांकि जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालों को साफ कह दिया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले मरीजों को उचित इलाज मुहैया करवाया जाए, ताकि मरीजों को बाद में दिक्कत न उठानी पड़े।
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जानकारी के मुताबिक जिले में डेंगू के सबसे ज्यादा केस घनी आबादी वाले इलाकों में सामने आए हैं। इसके अलावा सेहत विभाग की ओर से हाई रिस्क एरिया की निशानदेही की गई थी। यह लिस्ट जिला प्रशासन को भी सौंपी गई थी। साथ ही अपील की गई थी कि उक्त एरिया पर पूरी तरह से नजर रखी जाए, जिससे इस महामारी को मात दी जा सके। हालांकि इस दौरान सेहत विभाग की चेकिंग में साफ हो गया था कि उक्त एरिया में साफ सफाई की व्यवस्था मजबूत नहीं थी। जबकि कई जगह ऐसी मिली हैं जहां पर डेंगू वाले मच्छर का लारवा पैदा होता है। इन खामियों को सुधारने के लिए भी कहा गया था। हालांकि स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है, जबकि खरड़, मोहाली और कुराली के कई इलाके ऐसे हैं, जहां पर फॉगिंग तक नहीं हुई है।
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सरकारी ही नहीं, निजी अस्पतालों पर भी मरीजों का बोझ
जिले के अस्पतालों में बाहरी राज्यों से आने वाले डेंगू के मरीजों का बोझ एक बार फिर बढ़ गया है। एक तरफ जहां सरकारी अस्पतालों में बेड पूरी तरह से भर गए हैं, वहीं निजी अस्पतालों में स्थिति इस तरह की बनी हुई है। मरीजों को इलाज के लिए परेशानी आ रही है। हालांकि जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालों को साफ कह दिया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले मरीजों को उचित इलाज मुहैया करवाया जाए, ताकि मरीजों को बाद में दिक्कत न उठानी पड़े।
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