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स्टेट साइबर सेल ने कार्ड क्लोनिंग के खिलाफ चालान पेश
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कार्ड क्लोनिंग कर लाखों ठगने वालों का चालान पेश
- पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर सेल ने सात लोगों के खिलाफ पांच धाराओं में किया चालान पेश
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। कार्ड क्लोनिंग कर ट्राइसिटी समेत कई राज्यों के लोगों से लाखों ठगने वाले गिरोह के सात सदस्यों के खिलाफ पंजाब स्टेट साइबर सेल की टीम ने जिला अदालत में चालान पेश कर दिया है। आरोपियों में सुमित, सौरभ, अरुण, करुणइंद्र, महेश पहाड़िया, गौरव व राहुल शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120 के तहत चालान पेश किया है।
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ऐसे गिरोह ने किया था काम
फेज-पांच में स्टेट साइबर सेल के दफ्तर के समीप एक नामी रेस्टोरेंट-कम-बार है। 3 अगस्त 2018 को जिन लोगों ने वहां कार्ड स्वैप करके बिलों का भुगतान किया था उनके बैंक खातों से उस समय सही ट्रांजेक्शन हुआ। अगले दिन उन लोगों के खातों से रुपये निकलने शुरू हो गए और मोबाइल पर मेसेज आने लगे तो वारदात का पता चला। इस दौरान 11 लाख की राशि लोगों के खातों से निकली थी। सौ के करीब एटीएम में आरोपी की टोपी लगाई हुई फोटो कैद हुई थी। मामले में सौरभ के बाद बनारस निवासी सुमित को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद चंडीगढ़ से महेश कुमार, करन इंद्रपाल और राहुल शर्मा को गिरफ्तार किया।
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पेरेंट्स पुजारी, बेटा बन गया ठग
स्टेट साइबर सेल के सूत्रों के मुताबिक कार्ड क्लोनिंग गिरोह का प्रमुख सुमित काफी शातिर है। बनारस मूल निवासी सुमित सारस्वत ब्राह्मण परिवार से संबंध रखता है। उसके परिजन बनारस में मंदिर में पूजा पाठ कराते हैं। साथ ही, पूजा पाठ का सामान बेचने का काम करते हैं। मोहाली पुलिस ने अभी तक सुमित के बारे में कोई भी जानकारी वाराणसी पुलिस के साथ साझा नहीं की है।
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मुख्य आरोपी एमबीए पास
सुमित ने छह साल पहले जालसाजी शुरू की थी। वह एमबीए कर रहा था, इसी बीच वह मुंबई गया था। वहां पर उसने कॉल सेंटर में काम किया। साथ ही उसका संबंध वहां उन लोगों से हुआ जो यह काम पहले से करते थे। उन्होंने उसे कम समय में अमीर होने के सपने दिखाए। इतना ही नहीं उसे इस धंधे की बारीकियों के बारे में बताया। इसके बाद उसने अपना गैंग बनाकर काम शुरू कर दिया था।
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सुमित मुहैया करवाता था सामान
सुमित पर मुंबई में दो केस दर्ज हैं। गिरोह के सदस्यों को सुमित ही कार्ड क्लोनिंग मशीन से लेकर अन्य सामान मुहैया करवाता था। सुमित व गिरोह के सदस्य आलीशान जीवन जी रहे थे। यह सभी जिस भी राज्य में वारदात को अंजाम देते थे, वहां बढ़िया होटलों में रुकते थे। पुलिस आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान की जांच कर रही है।
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कैविन को तेलंगाना से लाएगी पुलिस
इस मामले के एक आरोपी कैविन को साइबर क्राइम पुलिस टी जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। आरोपी तेलंगाना की जेल में बंद है।
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- पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर सेल ने सात लोगों के खिलाफ पांच धाराओं में किया चालान पेश
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। कार्ड क्लोनिंग कर ट्राइसिटी समेत कई राज्यों के लोगों से लाखों ठगने वाले गिरोह के सात सदस्यों के खिलाफ पंजाब स्टेट साइबर सेल की टीम ने जिला अदालत में चालान पेश कर दिया है। आरोपियों में सुमित, सौरभ, अरुण, करुणइंद्र, महेश पहाड़िया, गौरव व राहुल शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120 के तहत चालान पेश किया है।
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ऐसे गिरोह ने किया था काम
फेज-पांच में स्टेट साइबर सेल के दफ्तर के समीप एक नामी रेस्टोरेंट-कम-बार है। 3 अगस्त 2018 को जिन लोगों ने वहां कार्ड स्वैप करके बिलों का भुगतान किया था उनके बैंक खातों से उस समय सही ट्रांजेक्शन हुआ। अगले दिन उन लोगों के खातों से रुपये निकलने शुरू हो गए और मोबाइल पर मेसेज आने लगे तो वारदात का पता चला। इस दौरान 11 लाख की राशि लोगों के खातों से निकली थी। सौ के करीब एटीएम में आरोपी की टोपी लगाई हुई फोटो कैद हुई थी। मामले में सौरभ के बाद बनारस निवासी सुमित को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद चंडीगढ़ से महेश कुमार, करन इंद्रपाल और राहुल शर्मा को गिरफ्तार किया।
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पेरेंट्स पुजारी, बेटा बन गया ठग
स्टेट साइबर सेल के सूत्रों के मुताबिक कार्ड क्लोनिंग गिरोह का प्रमुख सुमित काफी शातिर है। बनारस मूल निवासी सुमित सारस्वत ब्राह्मण परिवार से संबंध रखता है। उसके परिजन बनारस में मंदिर में पूजा पाठ कराते हैं। साथ ही, पूजा पाठ का सामान बेचने का काम करते हैं। मोहाली पुलिस ने अभी तक सुमित के बारे में कोई भी जानकारी वाराणसी पुलिस के साथ साझा नहीं की है।
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मुख्य आरोपी एमबीए पास
सुमित ने छह साल पहले जालसाजी शुरू की थी। वह एमबीए कर रहा था, इसी बीच वह मुंबई गया था। वहां पर उसने कॉल सेंटर में काम किया। साथ ही उसका संबंध वहां उन लोगों से हुआ जो यह काम पहले से करते थे। उन्होंने उसे कम समय में अमीर होने के सपने दिखाए। इतना ही नहीं उसे इस धंधे की बारीकियों के बारे में बताया। इसके बाद उसने अपना गैंग बनाकर काम शुरू कर दिया था।
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सुमित मुहैया करवाता था सामान
सुमित पर मुंबई में दो केस दर्ज हैं। गिरोह के सदस्यों को सुमित ही कार्ड क्लोनिंग मशीन से लेकर अन्य सामान मुहैया करवाता था। सुमित व गिरोह के सदस्य आलीशान जीवन जी रहे थे। यह सभी जिस भी राज्य में वारदात को अंजाम देते थे, वहां बढ़िया होटलों में रुकते थे। पुलिस आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान की जांच कर रही है।
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कैविन को तेलंगाना से लाएगी पुलिस
इस मामले के एक आरोपी कैविन को साइबर क्राइम पुलिस टी जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। आरोपी तेलंगाना की जेल में बंद है।