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बारिश ने छीनी जिंदगी: पानी में करंट आने से एक की मौत, सुबह पांच बजे ड्यूटी के लिए निकले थे मेवा लाल
Fri, 04 Sep 2026 03:14 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव
संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव
Published by: Nivedita
Updated Fri, 04 Sep 2026 03:14 PM IST
सार
मेवा लाल शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत की खबर परिवार तक पहुंच गई।
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मेवा लाल
- फोटो : संवाद
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विस्तार
नयागांव में शुक्रवार सुबह हुई बारिश एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दुख छोड़ गई। सड़क पर जमा बारिश के पानी में बिजली का करंट उतरने से 48 वर्षीय मेवा लाल की दर्दनाक मौत हो गई। मेवा लाल चंडीगढ़ क्षेत्र की एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे और रोज की तरह शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। कुछ ही देर बाद उनकी मौत की खबर परिवार तक पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि बारिश के कारण सड़क पर पानी जमा था। इसी दौरान बिजली के पोल अथवा तारों से करंट पानी में उतर गया, जिसकी चपेट में मेवा लाल आ गए। करंट लगने के बाद वह काफी देर तक पानी में पड़े रहे। सुबह करीब छह बजे लोगों को घटना का पता चला। क्षेत्र के पार्षद ने पुलिस को सूचना देने के साथ बिजली विभाग को भी सूचित किया, जिसके बाद इलाके की बिजली बंद करवाई गई।
हादसे ने मेवा लाल के परिवार को बेसहारा कर दिया है। उनके तीन बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं और परिवार की जिम्मेदारी अकेले मेवा लाल पर थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में जगह-जगह खुले बिजली के तार और तारों का जाल बना हुआ है। बारिश के दौरान यही व्यवस्था लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
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लोगों का कहना है कि यदि बिजली के तारों और पोलों की समय रहते जांच कर खामियां दूर की जातीं तो शायद यह हादसा टल सकता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर खरड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि पूरे इलाके में बिजली व्यवस्था की तत्काल जांच कर खुले तारों को सुरक्षित किया जाए, तारों को ऊंचा किया जाए और बारिश के दौरान करंट फैलने की आशंका वाले स्थानों को चिन्हित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।
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बताया जा रहा है कि बारिश के कारण सड़क पर पानी जमा था। इसी दौरान बिजली के पोल अथवा तारों से करंट पानी में उतर गया, जिसकी चपेट में मेवा लाल आ गए। करंट लगने के बाद वह काफी देर तक पानी में पड़े रहे। सुबह करीब छह बजे लोगों को घटना का पता चला। क्षेत्र के पार्षद ने पुलिस को सूचना देने के साथ बिजली विभाग को भी सूचित किया, जिसके बाद इलाके की बिजली बंद करवाई गई।
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हादसे ने मेवा लाल के परिवार को बेसहारा कर दिया है। उनके तीन बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं और परिवार की जिम्मेदारी अकेले मेवा लाल पर थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में जगह-जगह खुले बिजली के तार और तारों का जाल बना हुआ है। बारिश के दौरान यही व्यवस्था लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
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लोगों का कहना है कि यदि बिजली के तारों और पोलों की समय रहते जांच कर खामियां दूर की जातीं तो शायद यह हादसा टल सकता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर खरड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि पूरे इलाके में बिजली व्यवस्था की तत्काल जांच कर खुले तारों को सुरक्षित किया जाए, तारों को ऊंचा किया जाए और बारिश के दौरान करंट फैलने की आशंका वाले स्थानों को चिन्हित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।