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10 से 12 दिसंबर तक चंडीगढ़ एयरपोर्ट इम्पलाइज यूनियन की भूख हड़ताल
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:59 AM IST
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पीपीपी के विरोध में उतरे चंडीगढ़ एयरपोर्ट अथॉरिटी के अस्थाई कर्मचारी
- पीपीपी के तहत विकसित होने वाले हवाई अड्डों के विरोध में उतरे चंडीगढ़ एयरपोर्ट अथॉरिटी के कर्मचारी
-10 से 12 दिसंबर तक चंडीगढ़ एयरपोर्ट इंप्लाइज यूनियन की भूख हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। एयरपोर्ट अथॉरिटी इंप्लाइज यूनियन चंडीगढ़ ने भारत के छह हवाई अड्डों को पीपीपी के तहत विकसित करने के सरकार के फैसले के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। सोमवार को चंडीगढ़ के पुराने एयरपोर्ट पर तीस से ज्यादा कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे। दरअसल, पिछले महीने ही सरकार ने छह हवाई अड्डों को पीपीपी मॉडल के तहत निजी कंपनियों के हाथों में देने का फैसला लिया था। जिसके कारण इनकी देखरेख अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के हाथों में नहीं होगी और पूरी जिम्मेदारी निजी कंपनियों की होगी। इनमें जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और बैंगलुरु हवाई अड्डा शामिल है। यह भूख हड़ताल 10 से 12 दिसंबर तक है। एयरपोर्ट अथॉरिटी एंप्लाई यूनियन के प्रधान वेद प्रकाश और चेयरमैन रविश कुमार खरयाल ने बताया कि मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट को पीपीपी के तहत विकसित करने के बाद काफी संख्या में कर्मचारी बेरोजगार हुए थे। अब इन छह हवाई अड्डों को पीपीपी मॉडल के तहत डेवलप किया गया तो सैकड़ों कर्मचारी फिर बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार का इस तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं है। जिन लोगों ने सालों से इन हवाई अड्डों पर काम किया, उन्हें बेरोजगार होना पड़ेगा। जिन लोगों को एयरपोर्ट चलाने का अनुभव नहीं है। अब वे एयरपोर्ट की बागडोर संभालेंगे।
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- पीपीपी के तहत विकसित होने वाले हवाई अड्डों के विरोध में उतरे चंडीगढ़ एयरपोर्ट अथॉरिटी के कर्मचारी
-10 से 12 दिसंबर तक चंडीगढ़ एयरपोर्ट इंप्लाइज यूनियन की भूख हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। एयरपोर्ट अथॉरिटी इंप्लाइज यूनियन चंडीगढ़ ने भारत के छह हवाई अड्डों को पीपीपी के तहत विकसित करने के सरकार के फैसले के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। सोमवार को चंडीगढ़ के पुराने एयरपोर्ट पर तीस से ज्यादा कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे। दरअसल, पिछले महीने ही सरकार ने छह हवाई अड्डों को पीपीपी मॉडल के तहत निजी कंपनियों के हाथों में देने का फैसला लिया था। जिसके कारण इनकी देखरेख अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के हाथों में नहीं होगी और पूरी जिम्मेदारी निजी कंपनियों की होगी। इनमें जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और बैंगलुरु हवाई अड्डा शामिल है। यह भूख हड़ताल 10 से 12 दिसंबर तक है। एयरपोर्ट अथॉरिटी एंप्लाई यूनियन के प्रधान वेद प्रकाश और चेयरमैन रविश कुमार खरयाल ने बताया कि मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट को पीपीपी के तहत विकसित करने के बाद काफी संख्या में कर्मचारी बेरोजगार हुए थे। अब इन छह हवाई अड्डों को पीपीपी मॉडल के तहत डेवलप किया गया तो सैकड़ों कर्मचारी फिर बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार का इस तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं है। जिन लोगों ने सालों से इन हवाई अड्डों पर काम किया, उन्हें बेरोजगार होना पड़ेगा। जिन लोगों को एयरपोर्ट चलाने का अनुभव नहीं है। अब वे एयरपोर्ट की बागडोर संभालेंगे।