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कंपनी हुई बंद, मुलाजिम आए आफत में
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:45 AM IST
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कंपनी हुई बंद, मुलाजिमों ने किया गेट के बाहर प्रदर्शन
मुलाजिमों नेताओं का आरोप बिना अनुमति से कंपनी की बंद
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर में वीरवार को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-नौ स्थित फिलिप्स इंडिया कंपनी बंद होने से मुलाजिम संघर्ष की राह पर आ गए। मुलाजिमों ने कंपनी के गेट पर रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने कंपनी प्रबंधकों व पंजाब सरकार के श्रम विभाग के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
पंजाब एटक के उप प्रधान विनोद चुघ ने कहा कि कंपनी के प्रबंधकों ने पंजाब सरकार व श्रम विभाग की मंजूरी लिए बिना ही कंपनी को बंद कर दिया था। कंपनी में पंद्रह सौ मुलाजिम काम करते हैं जो प्रबंधकों की कारगुजारी के कारण बेरोजगार हो गए हैं। कंपनी के बंद होने से पंजाब सरकार को मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान होगा। पंजाब सरकार को कंपनी से लाखों रुपये का टैक्स मिलता था। कंपनी के प्रबंधकों की तरफ से जबरदस्ती इस्तीफे लिए गए हैं। इस बारे में मुलाजिमों ने एसएसपी को भी शिकायत दी है। साथ ही मुलाजिमों को उनका मुआवजा भी पूूरा नहीं दिया गया है।
हालांकि सूत्रों की मानें तो कंपनी गत एक साल से अपने प्लांट को बंद करने की दिशा में काम शुरू कर चुकी थी। कई मुलाजिमों ने वीआरएस तक ले ली है। कई मुलाजिमों ने अभी तक भी इस संबंध में फैसला नहीं लिया था।
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मुलाजिमों नेताओं का आरोप बिना अनुमति से कंपनी की बंद
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर में वीरवार को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-नौ स्थित फिलिप्स इंडिया कंपनी बंद होने से मुलाजिम संघर्ष की राह पर आ गए। मुलाजिमों ने कंपनी के गेट पर रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने कंपनी प्रबंधकों व पंजाब सरकार के श्रम विभाग के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
पंजाब एटक के उप प्रधान विनोद चुघ ने कहा कि कंपनी के प्रबंधकों ने पंजाब सरकार व श्रम विभाग की मंजूरी लिए बिना ही कंपनी को बंद कर दिया था। कंपनी में पंद्रह सौ मुलाजिम काम करते हैं जो प्रबंधकों की कारगुजारी के कारण बेरोजगार हो गए हैं। कंपनी के बंद होने से पंजाब सरकार को मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान होगा। पंजाब सरकार को कंपनी से लाखों रुपये का टैक्स मिलता था। कंपनी के प्रबंधकों की तरफ से जबरदस्ती इस्तीफे लिए गए हैं। इस बारे में मुलाजिमों ने एसएसपी को भी शिकायत दी है। साथ ही मुलाजिमों को उनका मुआवजा भी पूूरा नहीं दिया गया है।
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हालांकि सूत्रों की मानें तो कंपनी गत एक साल से अपने प्लांट को बंद करने की दिशा में काम शुरू कर चुकी थी। कई मुलाजिमों ने वीआरएस तक ले ली है। कई मुलाजिमों ने अभी तक भी इस संबंध में फैसला नहीं लिया था।
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