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Mohali News: 1.80 करोड़ होंगे खर्च, मरम्मत-रखरखाव से पेयजल की समस्या होगी खत्म
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मोहाली। नगर निगम ने शहरवासियों की पानी की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। निगम ने 1.80 करोड़ रुपये की लागत से पाइपलाइन की मरम्मत और रखरखाव का काम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कार्य सेक्टर-65ए, 66, 67, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-9 और सेक्टर-76 से 78 तक किया जाएगा। निगम ने इस काम के लिए ठेकेदारों से निविदाएं आमंत्रित की हैं। इच्छुक ठेकेदारों को 9 अक्टूबर तक अपनी निविदाएं जमा करानी होंगी।
निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगम ठेका देगा। योजना के तहत चुने ठेकेदार को पाइपलाइन की मरम्मत के साथ-साथ 12 महीने तक रखरखाव भी करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुनिश्चित करेगा कि पाइपलाइन लंबे समय तक सुचारू रूप से काम करती रहे और जलापूर्ति में व्यवधान न आए। इस योजना से न केवल पुराने नेटवर्क की खराबियों को दूर किया जाएगा, बल्कि पानी की सप्लाई में निरंतर सुधार भी होगा। शहर के इन इलाकों में वर्षों से चली आ रही पानी की कमी की समस्या खत्म होगी और पुराने नेटवर्क पर पड़ने वाला दबाव कम होगा, जिससे लीकेज और सप्लाई की समस्या भी कम होगी। निगम की तकनीकी टीम काम की गुणवत्ता की लगातार निगरानी रखेगी और सुनिश्चित करेगी कि मरम्मत और रखरखाव का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हो। इस पहल से शहरवासियों को नियमित और पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
इलाके को कजौली वाटर वर्क्स से जोड़ने की मांग
इस काम के पूरा होने के बाद हजारों परिवारों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। फिलहाल पानी की कमी से जूझ रहे इन सेक्टरों में लोगों को सुबह-शाम सप्लाई के समय भी मुश्किल से जरूरत पूरी हो रही है। निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती हुई मांग के हिसाब से पानी की आपूर्ति बनाए रखना है। पुराने पाइपलाइन नेटवर्क से सप्लाई में लीकेज और दबाव की समस्या बार-बार आती है। इसी वजह से कई सेक्टरों में लंबे समय से पानी की किल्लत बनी हुई है। पार्षद हरजीत सिंह भोलू ने कहा कि गर्मियों के दौरान कई इलाकों में दिक्कत हो जाती है। सेक्टर-79 और 80 में कजौली वाटर वर्क्स की सप्लाई है। उसी की तर्ज पर सेक्टर-76 से 78 कजौली वाटर वर्क्स से जोड़ा जाना चाहिए ताकि इलाके में दिक्कत न हो।
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पाइप लाइन की मरम्मत और रखरखाव का काम किया जा रहा है। इससे इलाके में आने वाले समय में पानी की दिक्कत नहीं आएगी। - परमिंदर पाल सिंह, निगम कमिश्नर
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निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगम ठेका देगा। योजना के तहत चुने ठेकेदार को पाइपलाइन की मरम्मत के साथ-साथ 12 महीने तक रखरखाव भी करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुनिश्चित करेगा कि पाइपलाइन लंबे समय तक सुचारू रूप से काम करती रहे और जलापूर्ति में व्यवधान न आए। इस योजना से न केवल पुराने नेटवर्क की खराबियों को दूर किया जाएगा, बल्कि पानी की सप्लाई में निरंतर सुधार भी होगा। शहर के इन इलाकों में वर्षों से चली आ रही पानी की कमी की समस्या खत्म होगी और पुराने नेटवर्क पर पड़ने वाला दबाव कम होगा, जिससे लीकेज और सप्लाई की समस्या भी कम होगी। निगम की तकनीकी टीम काम की गुणवत्ता की लगातार निगरानी रखेगी और सुनिश्चित करेगी कि मरम्मत और रखरखाव का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हो। इस पहल से शहरवासियों को नियमित और पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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इलाके को कजौली वाटर वर्क्स से जोड़ने की मांग
इस काम के पूरा होने के बाद हजारों परिवारों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। फिलहाल पानी की कमी से जूझ रहे इन सेक्टरों में लोगों को सुबह-शाम सप्लाई के समय भी मुश्किल से जरूरत पूरी हो रही है। निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती हुई मांग के हिसाब से पानी की आपूर्ति बनाए रखना है। पुराने पाइपलाइन नेटवर्क से सप्लाई में लीकेज और दबाव की समस्या बार-बार आती है। इसी वजह से कई सेक्टरों में लंबे समय से पानी की किल्लत बनी हुई है। पार्षद हरजीत सिंह भोलू ने कहा कि गर्मियों के दौरान कई इलाकों में दिक्कत हो जाती है। सेक्टर-79 और 80 में कजौली वाटर वर्क्स की सप्लाई है। उसी की तर्ज पर सेक्टर-76 से 78 कजौली वाटर वर्क्स से जोड़ा जाना चाहिए ताकि इलाके में दिक्कत न हो।
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पाइप लाइन की मरम्मत और रखरखाव का काम किया जा रहा है। इससे इलाके में आने वाले समय में पानी की दिक्कत नहीं आएगी। - परमिंदर पाल सिंह, निगम कमिश्नर