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तैयारियों को लेकर होगी मॉक ड्रिल
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परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर होगी मॉक ड्रिल
पीएसईबी ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए फैसला लिया
सबसे लंबे रूट पर होगी ड्रिल, ताकि आपात स्थिति संबंधी रणनीति बनाई जा सके
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) 10वीं और 12वीं की सालाना परीक्षाओं को लेकर इस बार काफी गंभीर हो गया है। बोर्ड ने परीक्षा के इंतजामों को परखने के लिए एक मॉक ड्रिल करवाने का फैसला लिया है। इस संबंधी बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बोर्ड चेयरमैन मनोहर कांत की इसी मामले को लेकर शुक्रवार को अधिकारियों की मीटिंग हुई। इसमें तय किया कि सबसे लंबे रूट पर ड्रिल करवाई जाएगी ताकि परीक्षा के दौरान कोई आपात स्थिति बनती है, तो ऐसे में उसे आसानी से परखा जा सके। वहीं, बोर्ड के चेयरमैन ने साफ किया है कि मॉक ड्रिल बोर्ड का इंटरनल मामला है। इससे आम लोगों, विद्यार्थियों और परीक्षा से कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान भी बोर्ड कार्य पहले की तरह होते रहेंगे।
बोर्ड ने कुछ समय से अपनी कार्यशैली में सुधार किया है। अब बोर्ड सीबीएसई और आईसीएससीई की तर्ज पर काम कर रहा है। इतना ही नहीं बोर्ड में करीब हर साल सात लाख स्टूडेंट़्स बोर्ड कक्षाओं में अपीयर होते हैं। इस साल पीएसईबी ने रिजल्ट निकालने में भी रिकॉर्ड कायम किया था। सबसे पहले रिजल्ट घोषित करने वाला पंजाब देश का पहला बोर्ड बन गया था। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।
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पीएसईबी ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए फैसला लिया
सबसे लंबे रूट पर होगी ड्रिल, ताकि आपात स्थिति संबंधी रणनीति बनाई जा सके
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) 10वीं और 12वीं की सालाना परीक्षाओं को लेकर इस बार काफी गंभीर हो गया है। बोर्ड ने परीक्षा के इंतजामों को परखने के लिए एक मॉक ड्रिल करवाने का फैसला लिया है। इस संबंधी बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बोर्ड चेयरमैन मनोहर कांत की इसी मामले को लेकर शुक्रवार को अधिकारियों की मीटिंग हुई। इसमें तय किया कि सबसे लंबे रूट पर ड्रिल करवाई जाएगी ताकि परीक्षा के दौरान कोई आपात स्थिति बनती है, तो ऐसे में उसे आसानी से परखा जा सके। वहीं, बोर्ड के चेयरमैन ने साफ किया है कि मॉक ड्रिल बोर्ड का इंटरनल मामला है। इससे आम लोगों, विद्यार्थियों और परीक्षा से कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान भी बोर्ड कार्य पहले की तरह होते रहेंगे।
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बोर्ड ने कुछ समय से अपनी कार्यशैली में सुधार किया है। अब बोर्ड सीबीएसई और आईसीएससीई की तर्ज पर काम कर रहा है। इतना ही नहीं बोर्ड में करीब हर साल सात लाख स्टूडेंट़्स बोर्ड कक्षाओं में अपीयर होते हैं। इस साल पीएसईबी ने रिजल्ट निकालने में भी रिकॉर्ड कायम किया था। सबसे पहले रिजल्ट घोषित करने वाला पंजाब देश का पहला बोर्ड बन गया था। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।
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