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गमाडा ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, लोग उतरे संघर्ष की राह
Updated Sun, 04 Mar 2018 01:20 AM IST
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गमाडा ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, लोग उतरे संघर्ष की राह
लोगों ने कहा- मकान खाली करने को कहा तो करेंगे आत्मदाह
सरकार और नेताओं के लोगों द्वारा पुतला जलाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
गमाडा ने फेज-11 के एलआईजी मकानों में अवैध तरीके से रह लोगों को खाली करने के लिए 48 घंटेे का अल्टीमेटम दिया है। इलाके के लोग इसके विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने शनिवार को सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वहीं, राज्य सरकार और गमाडा अधिकारियों के पुतले जलाए। इस मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। अकाली दल खुलकर दंगा पीड़ितों के साथ आ गया है। दूसरी तरफ मकानों में रह रहे लोगों का कहना है कि अगर गमाडा ने उनके मकान खाली करवाने की कोशिश की तो लोग आत्मदाह करेंगे।
शनिवार को इलाके के लोग फेज-11 स्थित थाने के सामने पार्क में इकट्ठे हो गए। उनके साथ विभिन्न वार्डों के अकाली पार्षद और स्त्री अकाली दल के नेता भी थे। लोगों का कहना है कि वह करीब 35 वर्षों से उक्त मकानों में रहे हैं, लेकिन गमाडा अब उन्हें मकान खाली करने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है। उनका कहना है कि एक तरफ गमाडा ने उन्हें घरों के बदले बूथों की स्कीम दी है। दूसरी तरफ जिन मकानों में लोग रह रहे हैं, उसकी कीमत देने को वह तैयार हैं। ऐसे में गमाडा व सरकार उनके साथ धक्का क्यों कर रही है। लोगों का कहना है कि वह विदेश से नहीं आए हैं। बल्कि वह भी दंगा पीड़ित हैं। जब लोगों के कार्ड बन रहे थे तो वह उस समय किन्हीं कारणों से कार्ड नहीं बनवा पाए थे। इसका मतलब यह नहीं है कि वह दंगा पीड़ित नहीं हैं।
अब कानूनी लड़ाई लड़ेंगे
दूसरी तरफ अकाली दल इस मामले में पूरी तरह उतर आया है। अकाली दल के नेताओं ने बताया कि इस मामले को पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के समक्ष भी उठाया गया था। उन्होंने कहा कि बादल ने विश्वास दिलाया है कि उक्त लोगों के वकील खड़ा किया जाएगा। साथ ही पीड़ित परिवार को जरूरी सहायता दी गई। इस मौके पर अलावा अकाली दल के सर्किल प्रधान गुरमीत सिंह शाहपुर व संतोख सिंह संधू, स्त्री अकाली दल बाला, प्रीति, कुलवंत कौर समेत कई लोग मौजूद थे।
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लोगों ने कहा- मकान खाली करने को कहा तो करेंगे आत्मदाह
सरकार और नेताओं के लोगों द्वारा पुतला जलाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
गमाडा ने फेज-11 के एलआईजी मकानों में अवैध तरीके से रह लोगों को खाली करने के लिए 48 घंटेे का अल्टीमेटम दिया है। इलाके के लोग इसके विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने शनिवार को सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वहीं, राज्य सरकार और गमाडा अधिकारियों के पुतले जलाए। इस मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। अकाली दल खुलकर दंगा पीड़ितों के साथ आ गया है। दूसरी तरफ मकानों में रह रहे लोगों का कहना है कि अगर गमाडा ने उनके मकान खाली करवाने की कोशिश की तो लोग आत्मदाह करेंगे।
शनिवार को इलाके के लोग फेज-11 स्थित थाने के सामने पार्क में इकट्ठे हो गए। उनके साथ विभिन्न वार्डों के अकाली पार्षद और स्त्री अकाली दल के नेता भी थे। लोगों का कहना है कि वह करीब 35 वर्षों से उक्त मकानों में रहे हैं, लेकिन गमाडा अब उन्हें मकान खाली करने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है। उनका कहना है कि एक तरफ गमाडा ने उन्हें घरों के बदले बूथों की स्कीम दी है। दूसरी तरफ जिन मकानों में लोग रह रहे हैं, उसकी कीमत देने को वह तैयार हैं। ऐसे में गमाडा व सरकार उनके साथ धक्का क्यों कर रही है। लोगों का कहना है कि वह विदेश से नहीं आए हैं। बल्कि वह भी दंगा पीड़ित हैं। जब लोगों के कार्ड बन रहे थे तो वह उस समय किन्हीं कारणों से कार्ड नहीं बनवा पाए थे। इसका मतलब यह नहीं है कि वह दंगा पीड़ित नहीं हैं।
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अब कानूनी लड़ाई लड़ेंगे
दूसरी तरफ अकाली दल इस मामले में पूरी तरह उतर आया है। अकाली दल के नेताओं ने बताया कि इस मामले को पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के समक्ष भी उठाया गया था। उन्होंने कहा कि बादल ने विश्वास दिलाया है कि उक्त लोगों के वकील खड़ा किया जाएगा। साथ ही पीड़ित परिवार को जरूरी सहायता दी गई। इस मौके पर अलावा अकाली दल के सर्किल प्रधान गुरमीत सिंह शाहपुर व संतोख सिंह संधू, स्त्री अकाली दल बाला, प्रीति, कुलवंत कौर समेत कई लोग मौजूद थे।
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