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सिर्फ नगर काउंसिल के कर्मचारियों पर गिरी गाज, बिल्डरों पर नहीं हुई कार्रवाई
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:44 AM IST
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सिर्फ नगर काउंसिल के कर्मचारियों पर गिरी गाज, बिल्डरों पर नहीं हुई कार्रवाई
इंपीरियल गार्डन कालोनी का बिल्डिंग गिरने का मामला - कार्रवाई और जांच जीरो
मंत्री के आश्वासन के बाद भी बिल्डिंग मैटीरियल और मिट्टी की जांच नहीं करवाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। पीरमुछल्ला के इंपीरियल गार्डन कालोनी में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत जमींदोज होने के बाद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। लोगों के रोष से बचने के लिए प्रशासन और नगर काउंसिल ने विभाग के अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया, लेकिन इस धांधली में शामिल बिल्डरों पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन और नगर काउंसिल भी संदेह के घेरे में है।
बिल्डिंग जमींदोज होने के बाद स्थानीय शहरी निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने आश्वासन दिया था कि एरिया में बने मकानों के मैटेरियल और मिट्टी की जांच कराई जाएगी। इसके तीन महीने बीतने के बाद भी अब तक कुछ नहीं हुआ। आज भी बिल्डर नियमों को ताक पर रखकर फ्लैट बना रहे हैं।
पास नक्शा में जगह कम, बिल्डर बना रहे ज्यादा में फ्लैट
नगर काउंसिल के एक मुलाजिम ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जीरकपुर के बिल्डर निगम काउंसिल द्वारा पास नक्शे के हिसाब निर्माण नहीं करते। नक्शा में जगह कम पास होता और वह विभाग के अधिकारियों से सांठ गांठ कर अधिक एरिया में फ्लैटों का निर्माण कर रहे हैं। यह अवैध है, इसकी जांच होनी चाहिए। स्थानीय लोगों की मानें तो इलाके में बनी तीन मंजिला इमारतें अवैध बनी हुई हैं, इसकी जांच कौन करेगा। बिल्डर अधिकारियों को पैसे खिलाते हैं।
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कोट्स
स्थानीय शहरी निकाय मंत्री की ओर से बिल्डिंग गिरने के बाद आश्वासन दिया गया था कि निर्माण सामग्री और मिट्टी की जांच की जाएगी, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी जांच नहीं हुई।
-नीरज कुमार, निवासी इंपीरियल गार्डन 4ए, पीरमुछल्ला जीरकपुर।
कोट्स
बिल्डिंग की स्ट्रक्चर, कॉलम व बीम की स्कैनिंग करवाई जाए। इसके अलावा कंप्लीशन सर्टिफिटेक नगर काउंसिल की ओर से दिलवाया जाए। ताकि लोग आश्वस्त हों कि जिस बिल्डिंग में वे रह रहे हैं, उसके निर्माण में नियमों का पालन किया गया है।
-सुमित, निवासी इंपीरियल गार्डन, 20सी पीरमुछल्ला जीरकपुर।
कोट्स
जीरकपुर एरिया में जितने भी फ्लैट्स बने हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। कंस्ट्रक्शन के समय इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री और मिट्टी की भी जांच होनी चाहिए। इसके अलावा कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी लोगों को मिलना चाहिए।
-प्रवीण, निवासी इंपीरियल गार्डन 15ए
कोट्स
बिल्डिंग मैटेरियल, जमीन की जांच के साथ जीरकपुर में बिल्डरों द्वारा निर्माण किए गए फ्लैटों का कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी हमें मिलना चाहिए। ताकि हमें भविष्य में कोई दिक्कत न आए।
-तरसेम शर्मा, निवासी इंपीरियल गार्डन 55 बी पीरमुछल्ला जीरकपुर।
क्या कहते हैं ईओ
नगर काउंसिल के ईओ मनवीर सिंह गिल ने कहा कि पीरमुछल्ला के इंपीरियल गार्डन कालोनी में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत जमींदोज होने की जांच मंत्री स्तर पर की जा रही है। इस मामले में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
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इंपीरियल गार्डन कालोनी का बिल्डिंग गिरने का मामला - कार्रवाई और जांच जीरो
मंत्री के आश्वासन के बाद भी बिल्डिंग मैटीरियल और मिट्टी की जांच नहीं करवाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। पीरमुछल्ला के इंपीरियल गार्डन कालोनी में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत जमींदोज होने के बाद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। लोगों के रोष से बचने के लिए प्रशासन और नगर काउंसिल ने विभाग के अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया, लेकिन इस धांधली में शामिल बिल्डरों पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन और नगर काउंसिल भी संदेह के घेरे में है।
बिल्डिंग जमींदोज होने के बाद स्थानीय शहरी निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने आश्वासन दिया था कि एरिया में बने मकानों के मैटेरियल और मिट्टी की जांच कराई जाएगी। इसके तीन महीने बीतने के बाद भी अब तक कुछ नहीं हुआ। आज भी बिल्डर नियमों को ताक पर रखकर फ्लैट बना रहे हैं।
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पास नक्शा में जगह कम, बिल्डर बना रहे ज्यादा में फ्लैट
नगर काउंसिल के एक मुलाजिम ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जीरकपुर के बिल्डर निगम काउंसिल द्वारा पास नक्शे के हिसाब निर्माण नहीं करते। नक्शा में जगह कम पास होता और वह विभाग के अधिकारियों से सांठ गांठ कर अधिक एरिया में फ्लैटों का निर्माण कर रहे हैं। यह अवैध है, इसकी जांच होनी चाहिए। स्थानीय लोगों की मानें तो इलाके में बनी तीन मंजिला इमारतें अवैध बनी हुई हैं, इसकी जांच कौन करेगा। बिल्डर अधिकारियों को पैसे खिलाते हैं।
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स्थानीय शहरी निकाय मंत्री की ओर से बिल्डिंग गिरने के बाद आश्वासन दिया गया था कि निर्माण सामग्री और मिट्टी की जांच की जाएगी, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी जांच नहीं हुई।
-नीरज कुमार, निवासी इंपीरियल गार्डन 4ए, पीरमुछल्ला जीरकपुर।
कोट्स
बिल्डिंग की स्ट्रक्चर, कॉलम व बीम की स्कैनिंग करवाई जाए। इसके अलावा कंप्लीशन सर्टिफिटेक नगर काउंसिल की ओर से दिलवाया जाए। ताकि लोग आश्वस्त हों कि जिस बिल्डिंग में वे रह रहे हैं, उसके निर्माण में नियमों का पालन किया गया है।
-सुमित, निवासी इंपीरियल गार्डन, 20सी पीरमुछल्ला जीरकपुर।
कोट्स
जीरकपुर एरिया में जितने भी फ्लैट्स बने हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। कंस्ट्रक्शन के समय इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री और मिट्टी की भी जांच होनी चाहिए। इसके अलावा कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी लोगों को मिलना चाहिए।
-प्रवीण, निवासी इंपीरियल गार्डन 15ए
कोट्स
बिल्डिंग मैटेरियल, जमीन की जांच के साथ जीरकपुर में बिल्डरों द्वारा निर्माण किए गए फ्लैटों का कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी हमें मिलना चाहिए। ताकि हमें भविष्य में कोई दिक्कत न आए।
-तरसेम शर्मा, निवासी इंपीरियल गार्डन 55 बी पीरमुछल्ला जीरकपुर।
क्या कहते हैं ईओ
नगर काउंसिल के ईओ मनवीर सिंह गिल ने कहा कि पीरमुछल्ला के इंपीरियल गार्डन कालोनी में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत जमींदोज होने की जांच मंत्री स्तर पर की जा रही है। इस मामले में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।