{"_id":"5d1e62e28ebc3e3c7e7da3e1","slug":"15622724584-mohali-news47","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहाली के दो फेजों में कूड़े के सेग्रीगेशन का प्रोजेक्ट कामयाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहाली के दो फेजों में कूड़े के सेग्रीगेशन का प्रोजेक्ट कामयाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। नगर निगम ने शहर के दो फेजों में सूखे और गीले कूड़े के सेग्रीगेशन प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक तरीके से चलाने का दावा किया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि लोग भी इस प्रोजेक्ट में निगम का पूरा साथ दे रहे हैं। लोग गीला व सूखा कूड़ा पहले ही अलग रखते हैं। साथ ही वेस्ट कलेक्टर्स को अलग-अलग ही दे रहे हैं। नगर निगम के कमिश्नर भूपिंदरपाल सिंह ने सभी शहरवासियों से अपील की है की वे कूड़े को इधर उधर न फेंकें। घर में गीला-सूखा कचरा अलग-अलग रखें व अलग-अलग ही वेस्ट कलेक्टर्स को दें ताकि अपने शहर को कचरा मुक्त बनाया जा सके।
नगर निगम के सेक्रेटरी रंजीव कुमार ने बताया की निगम ने यह मुहिम फेज 9, 10 में चलाई है। इन दोनों फेजों में तीन चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर्स की देखरेख में 25 मई से सुबह छह बजे से घर-घर जाकर लोगों को गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने के लिए अभियान चलाया था ताकि यहां से निकलने वाले कूड़े को संसाधन में बदला जा सके व डंप पर ले जाने की जरूरत ही न पड़े। जो लोग कचरा मिक्स दे रहे हैं, उनके घर के सामने ही अलग-अलग करके उन्हें इस बारे में समझाया जा रहा है। ज्वाइंट कमिश्नर कनु थिंद ने बताया की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 व एनजीटी के अनुसार हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह गीला व सूखा कचरा अलग-अलग रखे।
उत्तम गुणवत्ता वाली खाद की जाती है तैयार
नगर निगम के इस अभियान में सहयोग कर रहे पीएमआईडीसी चंडीगढ़ के सहायक निदेशक डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि कुल कचरे का करीब 60 फीसदी फलों व सब्जियों के छिलके, चाय पत्ती, बासी खाना, अंडे के छिलके व पेड़ों के पत्ते और गलनशील कचरा होता है। इससे उत्तम गुणवत्ता की जैविक खाद तैयार की जाती है। घर में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग रखने से दो-तीन दिन तक बदबू नहीं आती व वेस्ट कलेक्टर्स भी बीमारी से बच जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम के सेक्रेटरी रंजीव कुमार ने बताया की निगम ने यह मुहिम फेज 9, 10 में चलाई है। इन दोनों फेजों में तीन चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर्स की देखरेख में 25 मई से सुबह छह बजे से घर-घर जाकर लोगों को गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने के लिए अभियान चलाया था ताकि यहां से निकलने वाले कूड़े को संसाधन में बदला जा सके व डंप पर ले जाने की जरूरत ही न पड़े। जो लोग कचरा मिक्स दे रहे हैं, उनके घर के सामने ही अलग-अलग करके उन्हें इस बारे में समझाया जा रहा है। ज्वाइंट कमिश्नर कनु थिंद ने बताया की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 व एनजीटी के अनुसार हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह गीला व सूखा कचरा अलग-अलग रखे।
विज्ञापन
उत्तम गुणवत्ता वाली खाद की जाती है तैयार
नगर निगम के इस अभियान में सहयोग कर रहे पीएमआईडीसी चंडीगढ़ के सहायक निदेशक डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि कुल कचरे का करीब 60 फीसदी फलों व सब्जियों के छिलके, चाय पत्ती, बासी खाना, अंडे के छिलके व पेड़ों के पत्ते और गलनशील कचरा होता है। इससे उत्तम गुणवत्ता की जैविक खाद तैयार की जाती है। घर में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग रखने से दो-तीन दिन तक बदबू नहीं आती व वेस्ट कलेक्टर्स भी बीमारी से बच जाता है।
विज्ञापन